{"_id":"35d92a80-ce6b-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"ugc-net-5","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूजीसी नेट देने वाले दूर कर लें कन्फ्यूजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूजीसी नेट देने वाले दूर कर लें कन्फ्यूजन
इलाहबाद/ब्यूरो
Updated Thu, 06 Jun 2013 11:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूजीसी नेट के सिलेबस को लेकर कोई दुविधा है तो उसे दूर कर लें। विषय के पेपर में अभ्यर्थियों को कोई विकल्प नहीं मिलने जा रहा।
विज्ञापन
पूरे कोर्स से सवाल पूछे जाएंगे और अभ्यर्थियों को सभी प्रश्नों का जवाब देना होगा।
यूजीसी नेट के पुराने पैटर्न के अनुसार सब्जेक्ट पेपर के एक खंड में सिलेबस के अनुसार कई सवाल होते थे।
अभ्यर्थियों को उनमें से कोई एक हल करना होता था लेकिन नए फार्मेट में अब सब्जेक्ट का पेपर भी वस्तुनिष्ठ आधारित हो गया है।
इसमें अभ्यर्थियों को सभी सवाल हल करने हैं लेकिन मुश्किल यह है कि वेबसाइट पर अभी पुराने पैटर्न के अनुसार ही सिलेबस दिखा रहा है। इससे प्रतियोगियों के बीच दुविधा की स्थिति है। जबकि सभी को पूरा सिलेबस पढ़ना है।
विज्ञापन
आयोग ने नेट क्वालीफाई कराने का नया फार्मूला भी तैयार किया है। इससे प्रतियोगियों के लिए जेआरएफ के साथ नेट क्वालीफाई करना भी आसान नहीं रह गया है।
मेरिट निर्धारण के लिए चार चरणों की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके तहत हर पेपर में न्यूनतम निर्धारित अंक पाने वालों में से भी सिर्फ 15 फीसदी को ही नेट क्वालीफाई कराया जाएगा। जबकि, जेआरएफ हर विषय में सीट के अनुसार होंगे।
विज्ञापन