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यूपी पुलिस को महिलाओं के लिए मिलीं नई गाइडलाइंस

Fri, 19 Apr 2013 06:56 PM IST
मेरठ/ब्यूरो
मेरठ/ब्यूरो Updated Fri, 19 Apr 2013 06:56 PM IST
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UP police received new guidelines for women

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक देवराज नागर ने थाने पहुंचने वाली पीड़ित महिलाओं के लिए यूपी पुलिस को नई गाइडलाइंस जारी की हैं। ऐसा महिलाओं के लिए बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए किया गया है।

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उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि थाने पहुंचने वाली पीड़ित महिलाओं को कानूनी सलाहकार मुहैया कराई जाए।

पीड़िता के बयान महिला अधिकारी ही दर्ज करेंगी। पीड़िता के बयान उसके घर पहुंचकर ही लिए जाएं। महिला को थाने या कहीं अन्य न बुलाया जाए।

पुलिस महानिदेशक देवराज नागर ने नए कानून का अनुपालन कराने के लिए सभी पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।

नए कानून में छेड़छाड़, बलात्कार का प्रयास, बलात्कार, तेजाब फेंकना, शारीरिक उत्पीड़न, पीछा करना और पति के खिलाफ भी नई धारा बनी है।

डीजीपी ने निर्देश दिया है कि कानून का सख्ती से पालन किया जाए। इसमें लापरवाही बरतने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

डीआईजी के. सत्यनारायण ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। कानून का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।

पुलिस महानिदेशक के निर्देश
- प्रत्येक थाने में एक महिला पुलिस अधिकारी/ कर्मी हर समय उपलब्ध रहेंगी।
- थाने पहुंचने वाली पीड़िता को महिला अफसर सांत्वना व ढांढस देकर आश्वस्त करेंगी।
- पीड़िता को कानून के बारे में समझाने को स्वयंसेवी या अधिवक्ता को बुलाया जाए।
- यदि पीड़िता ने कोई वकील नहीं किया है, तो मददगार वकील/स्वयंसेवी को बुलाएं।
- पीड़िता मानसिक विकलांग है, तो अनुवादक/ विशिष्ट शिक्षक की मौजूदगी में अभिलेखीकरण की जाए।
- अभिलेखीकरण की वीडियोग्राफी कराई जाए।
- पीड़िता के बयान धारा 164 के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष तत्काल कराएं।
- रिपोर्ट दर्ज होने पर पीड़िता को तुरंत मेडिकल परीक्षण को भेजा जाए।
- महिला अपराध की सूचना तत्काल सीओ को दी जाए, सीओ इसका व्यक्तिगत रूप से पर्यवेक्षण करें।
- पीड़िता को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस देकर थाने नहीं बुलाया जाएगा।
- पड़िता के घर पहुंचकर एकांत में ही बयान दर्ज किए जाएं, परिवार का सदस्य मौजूद रह सकते हैं।
- पीड़िता नाबालिग हो, तो विवेचक तत्काल बाल कल्याण समिति को अवगत कराएं।
- किसी भी दशा में अभियुक्त को पीड़िता के समक्ष न लाया जाए।
- विवेचना तेजी से निस्तारण करें, ट्रायल के उपरांत यदि पीड़िता को धमकी मिले तो केस दर्ज करें।
- महिलाओं के प्रति अपराधों में शामिल आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोलकर निगरानी करें।
 
इन धाराओं में होगी कार्रवाई  
326 क -- महिला पर तेजाब या ज्वलनशील पदार्थ फेंकना  
326 ख -- महिला पर जानबूझकर तेजाब या ज्वलनशील पदार्थ फेंकना  
354 क -- महिला का शारीरिक उत्पीड़न करने पर
354 ख -- कपड़े उतारने की नीयत से हमला करना
354 घ -- महिला का पीछा करने पर
354 ग -- महिला के साथ ताकाझांकी करने पर
376 क -- बलात्कार करना व पीड़िता की मृत्यु हो जाना
376 ख -- विवाद के चलते पत्नी से अलग रहने पर सेक्स करने पर
376 घ -- सामूहिक बलात्कार करने पर  
376 ड -- दोबारा से बलात्कार करने पर
509 -- आंख मिचौनी, कानाफूसी करने पर

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