यूपी: प्रशासन की आंखें खोलने के लिए अपनाई गांधीगीरी, नाले के पानी से नहाकर किया विरोध
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शहर में सीवर की समस्या अब आम जनता के लिए नासूर बन चुकी है। धरना-प्रदर्शन से आजिज आ चुकी जनता अब गांधीगीरी पर उतर आई है। सामने घाट इलाके में तीन दिनों से जलकल विभाग की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से आक्रोशित स्थानीय युवक ने रविवार को नाले के पानी से स्नान कर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान मौजूद लोगों ने जलकल और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
रविवार को सामने घाट इलाके में अमन यादव ने गांधीगीरी करते हुए नाले के पानी में स्नान करके अपना विरोध दर्ज कराया। अमन ने बताया कि पिछले तीन दिनों से जलकल विभाग की मेन लाइन क्षतिग्रस्त है। इसके कारण जलभराव की समस्या हम लोग झेल रहे हैं। घरों में पानी भी नहीं आ रहा है।
जलकल विभाग में जब हमने शिकायत दर्ज कराई तो वहां से आश्वासन दिया गया कि जो नाला खुदाई कर रहा है वही बनाएगा। मैंने जब ठेकेदार से इसकी शिकायत की तो उसने कहा कि कल बन जाएगा। 48 घंटे बीतने के बाद भी जलकल की क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को दुरुस्त नहीं किया जा सका।
इसके बाद जब हमने जेई को फोन किया तो उन्होंने कहा कि रविवार तक पाइप लाइन दुरुस्त नहीं हुई तो वह ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज कराएंगी। बावजूद इसके रविवार को भी काम नहीं हुआ। ठेकेदार से जब दोबारा संपर्क किया तो उसने कहा कि वह शहर से बाहर है। इससे आजिज आकर मैंने नाले के पानी में स्नान करने का निर्णय लिया। प्रदर्शन के दौरान डॉ कुंदन जायसवाल, अंजू दुबे, अनिल यादव, रविदास, देवशंकर, बबलू साहनी, हृदय सिंह मौजूद रहे।