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Sultanpur: निपुण असेसमेंट में सुल्तानपुर का रिजल्ट खराब, 37 फीसदी बच्चों का शैक्षिक स्तर अमानक
Fri, 13 Jan 2023 04:10 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, सुल्तानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सुल्तानपुर
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 13 Jan 2023 04:10 PM IST
सार
निपुण असेसमेंट टेस्ट: स्कूल शिक्षा महानिदेशक ने डीएम व सीडीओ को पत्र भेजकर लर्निंग आउट कम के आधार पर इसकी समीक्षा करने और डायट प्राचार्य, बीएसए व खंड शिक्षा अधिकारियों को मार्गदर्शन देने का निर्देश दिया है।
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निपुण असेसमेंट टेस्ट लेती शिक्षिका।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
सुल्तानपुर में निपुण असेसमेंट टेस्ट के परिणाम ने जिले के अध्यापकों के शिक्षण कौशल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़े ताम-झाम व तैयारियों के दावों के बाद बच्चों के इम्तिहान में शिक्षक फेल हो गए हैं। हालत यह है कि निपुण असेसमेंट टेस्ट में शामिल जिले के 2,23,385 विद्यार्थियों में से 82,393 विद्यार्थियों का शैक्षिक स्तर मानक के अनुरूप नहीं पाया गया है।
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यह कुल विद्यार्थियों का तकरीबन 37 फीसदी है। स्कूल शिक्षा महानिदेशक ने डीएम व सीडीओ को पत्र भेजकर लर्निंग आउट कम के आधार पर इसकी समीक्षा करने और डायट प्राचार्य, बीएसए व खंड शिक्षा अधिकारियों को मार्गदर्शन देने का निर्देश दिया है। जिले में निपुण असेसमेंट टेस्ट (आकलन परीक्षा) गत वर्ष 18 नवंबर को आयोजित किया गया था। इस परीक्षा में परिषदीय स्कूलों व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के 2,53,602 विद्यार्थियों में से 2,24,104 ने हिस्सा लिया था। राज्य परियोजना निदेशालय ने 2,23,385 विद्यार्थियों का रिजल्ट घोषित कर दिया है। इसमें 39,910 विद्यार्थियों ने 90 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। 52,177 का प्राप्तांक 75 से 90 फीसदी के बीच रहा।
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वहीं 48,895 विद्यार्थी 60 से 75 फीसदी के बीच अंक हासिल करने में कामयाब रहे। 82,393 विद्यार्थियों का ज्ञान का स्तर मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। इसमें सबसे अधिक 40,117 विद्यार्थी ऐसे रहे, जिन्होंने 40 फीसदी से भी कम अंक प्राप्त किया। 23,769 विद्यार्थी 40 से 50 फीसदी अंक प्राप्त कर पाए। 18,517 विद्यार्थियों का प्राप्तांक 50 से 60 फीसदी के बीच रहा। 82,393 विद्यार्थी निपुण असेसमेंट टेस्ट में मानक के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए।
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इस परिणाम ने परीक्षा को लेकर शिक्षकों की तैयारी की भी पोल खोल दी है। जाहिर तौर पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों की कायदे से तैयारी नहीं कराई। शिक्षकों की जिम्मेदारी होती है कि वे विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता सुधारें ताकि उनकी नींव मजबूत हो सके। निपुण असेसमेंट टेस्ट में मानक के अनुरूप प्रदर्शन न करने वाले विद्यार्थियों के लिए स्कूल शिक्षा महानिदेेशक ने कई बिंदुओं पर सुझाव दिए हैं। इसमें साप्ताहिक शिक्षण योजना के अनुरूप शिक्षण, रिमेडियल क्लास का संचालन समेत अन्य बिंदु शामिल हैं।
छह ग्रेड में विभाजित हुआ रिजल्ट
निपुण असेसमेंट टेस्ट का रिजल्ट छह ग्रेड में विभाजित किया गया है। 90 से 100 फीसदी अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को ए प्लस ग्रेड, 75 से 90 फीसदी अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को ए ग्रेड, 60 से 75 फीसदी फीसदी अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बी ग्रेड, 50 से 60 फीसदी अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सी ग्रेड, 40 से 50 फीसदी अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को डी ग्रेड और शून्य से 40 फीसदी अंक पाने वाले विद्यार्थियों को ई ग्रेड में रखा गया है। शासन की ओर से बी ग्रेड तक विद्यार्थियों को मानक के अनुरूप माना गया है। सी, डी और ई ग्रेड के विद्यार्थियों को निपुुण टेस्ट के दूसरे चरण में अपेक्षित शैक्षिक गुणवत्ता प्रदान कराने की कोशिश की जा रही है।
शिक्षकों के प्रशिक्षण की उपयोगिता पर उठ रहे सवाल
शिक्षक विद्यालय में शैक्षिक गुणवत्ता बनाएं इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से समय-समय पर प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण में काफी पैसा खर्च किया जा रहा है। निपुण असेसमेंट परीक्षा के परिणाम ने इन प्रशिक्षणों की उपयोगिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यही नहीं कक्षा का वातावरण सुधारने व आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न शैैक्षणिक सामग्री भी विद्यालयों को उपलब्ध कराई गई हैं। इसमें आधार शिला क्रियान्वयन संदर्शिका, प्रिंट रिच सामग्री, बिग बुक, पुस्तकालय की पुस्तकें, निपुण लक्ष्य सूची एवं तालिका, ब्लू टुथ इनबिल्ड स्पीकर व खेल सामग्री शामिल हैं।