अमेठीः बर्खास्त 16 शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज, फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे हासिल की थी नौकरी
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फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी हथियाने वाले 16 परिषदीय शिक्षकों के खिलाफ बीएसए के आदेश पर बीईओ ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। जांच के बाद ये शिक्षक अलग-अलग तिथियों में बर्खास्त किए गए थे।
शासन की ओर वर्ष 2016 में परिषदीय स्कूलों में 16,448 सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया में जिले में बड़ी संख्या में अध्यापकों की नियुक्ति हुई थी। नियुक्ति के बाद सहायक अध्यापकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र की जांच कराई गई तो कई शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेख फर्जी पाए गए।
शैक्षिक अभिलेख फर्जी मिलने के बाद हुई जांच 16 शिक्षकों को अलग-अलग तिथियों में बर्खास्त कर दिया गया था। सेवा समाप्ति के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी के खिलाफ केस दर्ज कराने का आदेश दिया गया था। इसके बाद भी अभी तक फर्जी शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज नहीं हो सका था।
शासन के निर्देश पर बीएसए विनोद कुमार मिश्र ने पिछले दिनों बीईओ गौरीगंज शिवबहादुर मौर्या को फर्जी प्रमाण पत्र के आरोप में बर्खास्त शैक्षिकों के खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश दिया था।
बीईओ की तहरीर पर शनिवार को गौरीगंज थाने में बर्खास्त शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है। बीईओ की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच में जुटी है।
इन शिक्षकों पर दर्ज हुई प्राथमिकी
बर्खास्त शिक्षकों में जिनके खिलाफ शनिवार को गौरीगंज थाने में प्राथामिकी दर्ज हुई है उसमें पीएस तेंदुआ खास शुकुलबाजार में तैनात रहे नयन कुमार, भादर ब्लॉक के पीएस भदावं में तैनात रहे अखिलेश कुमार सिंह, जामों के पीएस पुतई में तैनात रहे सुरेंद्र कुमार, जामों के ही पीएस पूरे परमेश्वरी में तैनात रहे सरोज कुमार भारती शामिल हैं।
इसी तरह शुकुलबाजार के पीएस किशुनी में तैनात रहे अखिलेश कुमार यादव, जगदीशपुर के पीएस रस्तामऊ में तैनात रहे सोनू कुमार, सिंहपुर के पीएस रुकुनपुर में तैनात रहे योगेंद्र कुमार, इसी ब्लॉक के पीएस शुक्लापुर में तैनात रहे रामदेव, भादर ब्लॉक के पीएस सवनगी में तैनात रहे शिवचरन, सिंहपुर के पीएस भीखीपुर में तैनात रहे धर्मेंद्र कुमार, जामों ब्लॉक के पीएस राजामऊ भवानीगढ़ में तैनात रहे विनय कुमार तिवारी हैं।
इसमें शुकुलबाजार के पीएस भटपुरवा में तैनात रहे अशोक कुमार, इसी ब्लॉक के पीएस दक्खिनगांव में तैनात रहे प्रशांत शेखर, सिंहपुर के पीएस ढेहई में तैनात रहे शैलेंद्र कुमार सिंह, जामों के पीएस कटारी प्रथम में तैनात रहे मुकेश कुमार व मुसाफिरखाना के पीएस पूरे परवानी में तैनात रहीं शबीना खातून भी शामिल हैं।
एसटीएफ भी कर रही थी मामले की जांच
16,448 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हुए फर्जीवाड़े की जांच स्पेशल टास्क फोर्स भी कर रही थी। फर्जी शिक्षकों की बर्खास्ती के बाद एसटीएफ सभी जिलों के बीएसए से प्राथमिकी दर्ज कराने के संबंध में जानकारी मांग रही थी।
पिछले दिनों एसटीएफ के एसएसपी का पत्र मिलने के बाद बीएसए ने मामले की जानकारी की तो पता चला कि किसी भी बर्खास्त शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज नहीं करवाया गया है। इसके बाद बीएसए विनोद कुमार मिश्र ने बीईओ गौरीगंज को बर्खास्त शिक्षकों की सूची देकर तत्काल केस दर्ज करवाने को कहा था।
फर्जी पाए गए थे शैक्षिक प्रमाण पत्र : बीएसए
बीएसए विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि जिन शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है वे फर्जी शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर नौकरी हासिल की थी। जांच में प्रकरण उजागार होने के बाद शिक्षकों को बर्खास्त किया गया था। बर्खास्त शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश दिया गया था।
दर्ज हुआ केस
प्रभारी निरीक्षक परशुराम ओझा ने बताया कि बीईओ गौरीगंज शिवबहादुर मौर्या की तहरीर पर 16 परिषदीय शिक्षकों के खिलाफ फर्जी शैक्षिक अभिलेख के सहारे नौकरी हासिल करने का केस दर्ज किया गया है। प्रकरण की विवेचना की जा रही है।