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मिलावटखोर दूधिया को एक साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
Updated Mon, 14 Mar 2016 10:53 PM IST
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दूध में यूरिया की मिलावट करने के मामले में एसीजेएम द्वितीय/मजिस्ट्रेट आर्थिक अपराध अनिल कुमार सेठ ने दूधिया को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर तीन हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है। मामला कूरेभार थाने के निदूरा गांव से जुड़ा है।
गांव निवासी दुखीराम 12 अक्तूबर 2001 को कूरेभार बाजार में साइकिल से दूध बेचने के लिए गया था। वहां तत्कालीन खाद्य निरीक्षक जगदीश नारायण ने दूध में मिलावट होने की आशंका पर दुखीराम से दूध का सैंपल लेकर परीक्षण के लिए भेज दिया था।
जनविश्लेषक उप्र लखनऊ के उपविश्लेषक डॉ.एसपी तिवारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि दूध में यूरिया की मात्रा मानक से अधिक पाई गई है। दूध में मिलावट की पुष्टि हो जाने पर खाद्य निरीक्षक जगदीश नारायण ने आरोपी दूधिया दुखीराम के खिलाफ खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के तहत कोर्ट में परिवाद दायर किया था।
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अदालत में परिवादी समेत चार गवाहों की गवाही दर्ज की गई थी। एसीजेएम द्वितीय/मजिस्ट्रेट आर्थिक अपराध अनिल कुमार सेठ ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी दूधिया दुखीराम को दूध में मिलावट करने का दोषी माना।
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गांव निवासी दुखीराम 12 अक्तूबर 2001 को कूरेभार बाजार में साइकिल से दूध बेचने के लिए गया था। वहां तत्कालीन खाद्य निरीक्षक जगदीश नारायण ने दूध में मिलावट होने की आशंका पर दुखीराम से दूध का सैंपल लेकर परीक्षण के लिए भेज दिया था।
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जनविश्लेषक उप्र लखनऊ के उपविश्लेषक डॉ.एसपी तिवारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि दूध में यूरिया की मात्रा मानक से अधिक पाई गई है। दूध में मिलावट की पुष्टि हो जाने पर खाद्य निरीक्षक जगदीश नारायण ने आरोपी दूधिया दुखीराम के खिलाफ खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के तहत कोर्ट में परिवाद दायर किया था।
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अदालत में परिवादी समेत चार गवाहों की गवाही दर्ज की गई थी। एसीजेएम द्वितीय/मजिस्ट्रेट आर्थिक अपराध अनिल कुमार सेठ ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी दूधिया दुखीराम को दूध में मिलावट करने का दोषी माना।