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ये कैसा फरमान, 170 बच्चों को स्कूल जाने से रोका

Sun, 20 Jan 2013 10:07 AM IST
सिराथू (कौशाम्बी)/ब्यूरो
सिराथू (कौशाम्बी)/ब्यूरो Updated Sun, 20 Jan 2013 10:07 AM IST
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students are prohibited from going school in kada village

कड़ा इलाके के एक स्कूल से वर्ग विशेष के कई परिवारों ने एक साथ अपने 170 बच्चों का नाम कटवा दिया, उन्हें स्कूल भेजना बंद कर दिया। चर्चा है कि समुदाय के लोगों ने एक तुगलकी फरमान भी जारी किया है, जिसके मुताबिक बिरादरी का जो भी व्यक्ति इस स्कूल में अपने बच्चों को भेजेगा, उसे आर्थिकदंड देना होगा।

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अभिभावकों को समझाने, बच्चों को पढ़ाने की पहल करने के बजाय कई जनप्रतिनिधि इसे तूल दे रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों को पढ़ाना, न पढ़ाना अभिभावकों की मर्जी है, अलबत्ता बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने माना कि यह गंभीर प्रकरण हैं, वह इसकी जांच कराएंगे।
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कड़ा क्षेत्र में संचालित एक जूनियर हाईस्कूल में माह भर पहले तक लगभग 400 सौ बच्चे पढ़ने पहुंचते थे। अचानक एक वर्ग विशेष के लोगों ने अपने 170 बच्चों को इस स्कूल में भेजना बंद कर दिया। चर्चा है कि बिरादरी के कुछ लोगों के एक तुगलकी फरमान के कारण बच्चों की पढ़ाई रोक दी गई।
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गांव वालों की माने तो स्कूल के संचालक ने पिछले दिनों गांव में एक धार्मिक आयोजन कराया जिससे दूसरी बिरादरी के कुछ ठेकेदार खासे नाराज हुए और बच्चों के नाम कटवाने का आदेश जारी कर दिया। बिरादरी के लोग इस तुगलकी फरमान से परेशान हैं लेकिन बिरादरी से निष्कासन और जुर्माने के भय से जुबान बंद किए हैं।

चालू शिक्षा सत्र के बीच बच्चों के स्कूल छोड़ने से हैरान प्रबंधक अनिल कुमार ने अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया लेकिन कोई उनकी बात सुनने को राजी नहीं हुआ। एक साथ 170 बच्चों का स्कूल छोड़ देना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

मामले में गांव की प्रधान के पति महबूब बोलने से बचते रहे। केवल इतना कहा कि यह अभिभावकों की मर्जी है कि वे अपने बच्चों को कहां पढ़ने भेजें। कड़ा के खंड शिक्षा अधिकारी अरविंद कुमार का कहना है कि स्कूल की ओर से उन्हें जानकारी दी गई है, मामले की जांच की जा रही है।


बीएसए अशोक कुमार ने इसे बेहद गंभीर बताया। उनका कहना है कि किन परिस्थितियों में बच्चों ने स्कूल जाना बंद किया, इसकी जांच कराई जाएगी। स्कूली बच्चों के दिमाग में वर्ग विशेष की बात डालना ठीक नहीं है।

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