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'कुंडा के गुंडाराज' पर लगी सीबीआई की निगाह
बलीपुर (कुंडा)/ब्यूरो
Updated Sat, 09 Mar 2013 12:47 PM IST
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'गैंग्स ऑफ बलीपुर' के खूनी खेल के अलावा सीबीआई की निगाह आज कुंडा के गुंडाराज पर है। सीबीआई ने आज सीओ समेत तीन हत्याओं से संबंधित केसों के दस्तावेज हासिल करने के बाद पिछले तीन महीने में कुंडा में हुईं आपराधिक घटनाओं का ब्योरा तलब किया है।
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कुंडा में घटित आपराधिक वारदातों के जरिए सीबीआई कुछ निचोड़ निकालने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा सीबीआई ने सीओ कुंडा रहे जियाउल हक द्वारा की जा रही जांचों का विवरण, विवाद, जांच रिपोर्ट, कार्रवाई और लंबित मामलों की जानकारी भी जुटाई है।
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इस जानकारी के जरिए सीबीआई यह जानने की कोशिश में है कि सीओ जियाउल हक कौन से महत्वपूर्ण मामलों की जांच कर रहे थे या फिर जांच कर रिपोर्ट भेज चुके थे। सीओ की किस रिपोर्ट से किस पर कार्रवाई हुई या फिर होने वाली थी।
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सीबीआई ने अकेले में कुछ पुलिसकर्मियों से राजा भैया के करीबियों से रिश्तों को लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान कई बिंदु टाउन एरिया चेयरमैन गुलशन यादव से संबंधित थे। गुलशन यादव सीओ हत्याकांड का आरोपी है और राजा भैया का करीबी है।
निलंबित हुए हथिगवां एसओ मनोज शुक्ला से पूछताछ कर सीबीआई ने यह जानने की कोशिश की कि मारे गए प्रधान नन्हें यादव और कामता पाल के बीच दुश्मनी का पता कब चला। कामता या फिर नन्हें यादव ने थाने में कभी शिकायत की या नहीं, शिकायत हुई तो क्या कार्रवाई हुई, इसके बारे में पूछताछ की जा रही है। जिस मार्केट और जमीन का विवाद है, उसके दस्तावेज भी सीबीआई ने मांगे हैं।
सीबीआई ने हथिगवां एसओ से यह भी जाना कि सीओ को घटना की रिपोर्ट किसने दी थी, एसओ से कितनी बार बात हुई। वह मौके पर कब पहुंचे। सीओ के पहुंचने से पहले बलीपुर मामले में क्या-क्या घटनाक्रम हो चुके थे। उम्मीद जताई जा रही है कि जांच के इन तमाम बिंदुओं से मामले की तह तक पहुंचने में मदद मिलेगी।