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सात साल बाद पकड़ा गया खूंखार आतंकी
अमर उजाला, छपरौली (बागपत)
Updated Sat, 21 Dec 2013 08:37 AM IST
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सात साल पहले जम्मू-कश्मीर में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए छपरौली के टांडा गांव निवासी आतंकी जुबैर का साथी डॉक्टर इफ्तखार इतने लंबे समय फरार रहने के बाद बृहस्पतविर की रात पानीपत में पकड़ा गया।
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उसे लेकर पुलिस शुक्रवार दोपहर छपरौली थाना पहुंची। उसके खिलाफ छपरौली में भड़काऊ सीडी बांटने का मामला दर्ज है। शक है कि वह नौजवानों को भड़काकर आतंक के रास्ते पर चलने के लिए उकसाता है।
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पुलिस के मुताबिक हाजी डॉक्टर इफ्तखार कुरैशी ने जुबैर के एनकाउंटर के बाद एक सीडी बांटकर लोगों को भड़काने की कोशिश की थी। उसने एसटीएफ के खिलाफ भी भाषण दिए थे।
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जुबैर का एनकाउंटर नौ मई 2006 को हुआ था। तभी इफ्तखार के खिलाफ छपरौली थाना में देशद्रोह की धाराओं में केस दर्ज हुआ था।
छपरौली के थाना प्रभारी सूरज सिंह ने बताया कि वह तभी से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ छपरौली के तत्कालीन थाना प्रभारी जसवीर सिंह ने भड़काऊ भाषण देने और देशद्रोह की धाराओं में केस दर्ज कराया गया था।
उसे पानीपत पुलिस ने गिरफ्तार किया। वहीं से उसे छपरौली थाना लाया गया। इसके बाद छपरौली के मुकदमे में बागपत कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उसे जेल के लिए भेज दिया गया।
कौन था आतंकी जुबैर?
आतंकी मौलाना जुबैर को यूपी एसटीएफ ने पांच मई 2006 को जम्मू-कश्मीर में मुठभेड़ में मार गिराया था। वह वाराणसी के संकटमोचन मंदिर में हुए बम ब्लास्ट के मुख्य आरोपी वलीउल्लाह का साथी बताया गया था। खुफिया एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली थी कि जुबैर ने इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी यासीन भटकल से भी हाथ मिलाया था लेकिन बाद में वलीउल्लाह के कहने पर उससे अलग हो गया।
बड़ौत के क्या कनेक्शन?
टांडा गांव निवासी जुबैर के बारे में खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि वह बड़ौत क्षेत्र के नौजवानों को आतंक की राह पर चलने के लिए भड़काता था। इसी काम में उसकी मदद डॉक्टर इफ्तिखार कर रहा था। जुबैर और इफ्तिखार के बारे में खुलासा हो जाने के बाद एसटीएफ ने कई बार इस गांव में दबिश दी।