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Sanjeev Jeeva: शूटर विजय के मोबाइल में नहीं मिला सिम, वाईफाई से चलाता था इंटरनेट, हर एक चीज से था वाकिफ
Mon, 12 Jun 2023 10:17 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 12 Jun 2023 10:17 AM IST
सार
Sanjeev Murder Case Update: लखनऊ कोर्ट में गैंगस्टर संजीव जीवा को मारने वाले शूटर विजय के पास मिले मोबाइल में कोई सिम नहीं मिला है। पुलिस अब सर्विलांस की मदद से पता कर रही है कि इसमें कौन-कौन से सिम इस्तेमाल हुए हैं। जानकारी मिली है कि वाईफाई की मदद से इंटरनेट चलाता था। इस तथ्य की गहनता से छानबीन हो रही है।
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Sanjeev Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटर विजय यादव के पास से बरामद मोबाइल से सिम गायब है। आशंका है कि विजय ने पहले ही सिम को नष्ट कर दिया था।
इसलिए पुलिस अब सर्विलांस टीम की मदद से पता कर रही है कि आखिर इस मोबाइल में कौन-कौन से सिम इस्तेमाल किए गए। तब उनकी कॉल डिटेल निकाली जाएगी, जिससे अहम सुराग मिल सकते हैं। शूटर के इस शातिर अंदाज से अंदाजा लगाया जा सकता है कि साजिश किस स्तर से रची गई।
सात जून को एससी-एसटी कोर्ट के भीतर जीवा पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसकी हत्या कर दी गई थी। इस दौरान डेढ़ साल की बच्ची, उसकी मां व तीन पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए थे। वकीलों ने शूटर विजय को दबोचकर पुलिस के हवाले किया था।
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सूत्रों के मुताबिक, विजय के पास से बरामद मोबाइल में सिम नहीं था। इस बारे में उससे पूछताछ भी की गई थी, तब उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया था। उसने कहा था कि सिम कहां गया उसे नहीं मालूम। सिम न होने से जांच में थोड़ी दिक्कत हो रही है। सूत्रों ने बताया कि अब सर्विलांस टीम पता कर रही है कि इस आईएमईआई नंबर पर कौन-कौन नंबर के सिम कार्ड इस्तेमाल किए गए।
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इसलिए पुलिस अब सर्विलांस टीम की मदद से पता कर रही है कि आखिर इस मोबाइल में कौन-कौन से सिम इस्तेमाल किए गए। तब उनकी कॉल डिटेल निकाली जाएगी, जिससे अहम सुराग मिल सकते हैं। शूटर के इस शातिर अंदाज से अंदाजा लगाया जा सकता है कि साजिश किस स्तर से रची गई।
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सात जून को एससी-एसटी कोर्ट के भीतर जीवा पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसकी हत्या कर दी गई थी। इस दौरान डेढ़ साल की बच्ची, उसकी मां व तीन पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए थे। वकीलों ने शूटर विजय को दबोचकर पुलिस के हवाले किया था।
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सूत्रों के मुताबिक, विजय के पास से बरामद मोबाइल में सिम नहीं था। इस बारे में उससे पूछताछ भी की गई थी, तब उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया था। उसने कहा था कि सिम कहां गया उसे नहीं मालूम। सिम न होने से जांच में थोड़ी दिक्कत हो रही है। सूत्रों ने बताया कि अब सर्विलांस टीम पता कर रही है कि इस आईएमईआई नंबर पर कौन-कौन नंबर के सिम कार्ड इस्तेमाल किए गए।
सिर्फ वाईफाई का इस्तेमाल, फोन से डाटा डिलीट
सूत्रों के मुताबिक, शूटर विजय साजिश के तहत पिछले कुछ समय से सिर्फ इंटरनेट कॉलिंग से ही लोगाें से संपर्क करता था। खासकर व्हाट्सएप कॉल पर, जिसने भी उसे संजीव की हत्या की सुपारी दी वह भी उससे व्हाट्सएप कॉल के जरिये ही बात करता था।
सूत्रों के मुताबिक, शूटर विजय साजिश के तहत पिछले कुछ समय से सिर्फ इंटरनेट कॉलिंग से ही लोगाें से संपर्क करता था। खासकर व्हाट्सएप कॉल पर, जिसने भी उसे संजीव की हत्या की सुपारी दी वह भी उससे व्हाट्सएप कॉल के जरिये ही बात करता था।
वह अलग-अलग जगहों पर वाईफाई नेटवर्क का इस्तेमाल करता था। इस बारे में सर्विलांस व साइबर एक्सपर्ट की टीम गहनता से छानबीन कर रही है। ये भी सामने आया है कि बरामद मोबाइल में कोई डाटा नहीं मिला है। वारदात को अंजाम देने से पहले ही उसने डाटा डिलीट कर दिया। मोबाइल का डाटा रिकवर कराने की जद्दोजहद चल रही है।
हर एक चीज से वाकिफ था
अभी तक शूटर विजय किसी फुटेज में नहीं दिखा है। उसके जैसे हुलिए वाले कुछ संदिग्ध जरूर जांच टीमों ने चिन्हित किए हैं। ऐसे में आशंका है कि घटनास्थल तक पहुंचने वाले रूट और कोर्ट रूम तक विजय सीसीटीवी कैमरों से बचता रहा। हालांकि, अधिकतर कैमरे भी खराब मिले हैं।
अभी तक शूटर विजय किसी फुटेज में नहीं दिखा है। उसके जैसे हुलिए वाले कुछ संदिग्ध जरूर जांच टीमों ने चिन्हित किए हैं। ऐसे में आशंका है कि घटनास्थल तक पहुंचने वाले रूट और कोर्ट रूम तक विजय सीसीटीवी कैमरों से बचता रहा। हालांकि, अधिकतर कैमरे भी खराब मिले हैं।
शूटर को जिसने भी रेकी कराई और जानकारी दी उसकी भूमिका बेहद अहम है। इतनी बड़ी वारदात में सिर्फ एक शूटर ने जरूर गोली मारी है, लेकिन बीच में कई की भूमिका रही होगी। उनके बारे में जांच टीमें पता कर रही हैं।
कोर्ट रूम में जीवा की हत्या
आपको बता दें कि पुलिस हिरासत में लखनऊ के एससीएसटी कोर्ट रूम में बुधवार दोपहर बाद मुख्तार अंसारी के बेहद करीबी कुख्यात अपराधी संजीव महेश्वरी उर्फ जीवा (50) की हत्या कर दी गई। वकील के लिबास में आए हमलावर ने कोर्ट रूम में ही रिवॉल्वर से ताबड़तोड़ छह राउंड फायरिंग की।
आपको बता दें कि पुलिस हिरासत में लखनऊ के एससीएसटी कोर्ट रूम में बुधवार दोपहर बाद मुख्तार अंसारी के बेहद करीबी कुख्यात अपराधी संजीव महेश्वरी उर्फ जीवा (50) की हत्या कर दी गई। वकील के लिबास में आए हमलावर ने कोर्ट रूम में ही रिवॉल्वर से ताबड़तोड़ छह राउंड फायरिंग की।
इस दौरान दो पुलिसकर्मियों, एक डेढ़ साल की बच्ची व उसकी मां को भी गोली लगी। जीवा पर हमलावर ने पीछे से फायरिंग की। वारदात के बाद वकीलों ने दौड़कर हमलावर को दबोच लिया और पीटकर पुलिस को सौंप दिया। घायलों को ट्रामा में भर्ती कराया गया।
वारदात के बाद आक्रोशित वकीलों ने प्रदर्शन कर पथराव कर दिया। जिसमें एसीपी चौक का सिर फट गया। कई वाहन भी छतिग्रस्त हो गए। आलाधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तब हालात पर काबू पा सके।