फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   Zinc and pesticides are being forcibly given along with urea at private shops

Sambhal News: निजी दुकानों पर यूरिया के साथ जबरन दे रहे जिंक व कीटनाशक

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 22 Aug 2025 01:51 AM IST
विज्ञापन
Zinc and pesticides are being forcibly given along with urea at private shops
मढ़न। यूरिया खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों को अब नई समस्या से जूझना पड़ रहा है। निजी खाद भंडार किसानों को यूरिया खाद के साथ जिंक व कीटनाशक का पैकेट थोप रहे हैं। यूरिया खाद की एक बोरी लेने के लिए किसानों को पांच से सात सौ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। किसानों का कहना है कि 280 से 300 रुपये की यूरिया खाद की बोरी दी जा रही है। इसके साथ पांच किलो जिंक या फिर पांच किलो अन्य तरह का कीटनाशक थोपा जा रहा है। इसे न लेने पर यूरिया ही नहीं दिया जा रहा। मजबूरन किसान खरीद रहे हैं। वहीं, जिम्मेदार किसानों के साथ हो रहे शोषण की अनदेखी कर रहे हैं।
विज्ञापन

गांव टांड़ाकोठी, मढ़न, गुमसानी, सेंधरी, हरथला, शाहपुर डसर, सैदपुर जयराम, शाहबाजपुर कलां, मंसूरपुर सहित मुबारकपुर बंद अड्डे पर निजी खाद के भंडारों के स्वामी किसानों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। सवाल यह उठता है कि किसानों के साथ ऐसा क्यों किया जा रहा है और जिम्मेदार अनजान क्यों हैं?।
विज्ञापन

0000
यह बोले किसान
यूरिया खाद की बोरी 300 रुपये में खरीदी। समितियों पर यूरिया खाद मिल नहीं मिला तो मजबूरी में इसके साथ कई और अन्य कीटनाशक लेने पड़े। किसानों का शोषण हो रहा है और कोई देखने व सुनने वाला नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-मोहम्मद अली, गांव, सीडलमाफी
000
गांव सैंधरी में निजी खाद भंडार से यूरिया लेने गए थे। यूरिया की बोरी के साथ पांच किलो जिंक व दवाई दी। बोरी भी 300 रुपये में दी और साथ में 200 रुपये की जिंक दी जबकि जिंक और अन्य दवाई की जरूरत नहीं है।
-सुनील दीक्षित, गांव देहरी जग्गू
0000
गुमसानी गांव के अड्डे पर से यूरिया खाद की बोरी लेने गया था। दुकानदार ने यूरिया खाद की बोरी के साथ जिंक व अन्य दवादयां दे दीं। जब लेने से मना किया तो यूरिया खाद देने से दुकानदार ने मना कर दिया। अब इस समय फसल को यूरिया खाद की आवश्यकता है।
-नन्हूं सिंह, गांव सैदपुर जयराम
0000
मढ़न गांव के अड्डे से यूरिया खाद की बोरी 280 रुपये में दे रहे हैं। उसके साथ दवाई और जिंक भी दे रहे हैं। दवाई और जिंक खरीदने से मना कर रहे हैं तो निजी खाद भंडार स्वामी ने यूरिया खाद देने से मना कर दिया। अब मजबूरी में यूरिया खाद के साथ जिंक और दवाई लेकर आनी पड़ी।

-अशोक शर्मा, गांव मढ़न



0000
किसान को जो आवश्यकता है, उसकी ही बिक्री दुकानदार को करनी चाहिए। इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। यदि फिर भी कहीं उल्लंघन हो रहा है तो इसकी जांच कराएंगे। कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-अरुण कुमार त्रिपाठी, उप कृषि निदेशक, संभल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed