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Sambhal News: राखी बना कर आर्थिक रूप से मजबूत हो रही समूह की महिलाएं
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बनियाठेर। ब्लाक बनियाखेड़ा के गांव बनियाखेड़ा में तीन अलग-अलग समूह की 21 महिलाएं रक्षाबंधन को लेकर राखी निर्माण कार्य में जुटी हुई हैं। गांव में जानकी स्वयं सहायता समूह, मधु स्वयं सहायता समूह व श्रीजी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं राखी निर्माण कार्य में लगी हुई है और आर्थिक रूप से मजबूत भी हो रही हैं।
समूह की महिला शकुंतला देवी ने बताया की दिल्ली के अलग-अलग बाजारों से रॉ मेटेरियल खरीदा गया।जिसकी मदद से छोटी बड़ी राखियों का निर्माण किया जा रहा है। राखी निर्माण के बाद 7 से 8 रुपये की लागत आ रही है। जिसे बाजार में 15 रुपये के हिसाब से बेचा जाएगा।
समूह की अन्य सदस्य रानी ने बताया कि घर के आवश्यक कार्य से निवृत्त होकर घर पर ही राखी निर्माण कार्य में पिछले 15 दिनों से जुटे हैं। त्योहार के दौरान अच्छी कमाई होने की संभावना है। समूह की अध्यक्ष अनुपमा सिंह ने बताया कि बनियाखेड़ा गांव में बड़ी संख्या में समूह की ग्रामीण महिलाएं राखी निर्माण कार्य कर रही हैं। जिससे उनकी आजीविका बेहतर होगी तथा भविष्य भी सुधरेगा। समूह की महिलाओं में दीपमाला, प्रीति, अनीता, मंजू, माया, सावित्री, कांति, रोशनी, रीनू रानी, जानकी, रश्मि, शकुंतला, कमलेश आदि शामिल हैं।
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समूह की महिला शकुंतला देवी ने बताया की दिल्ली के अलग-अलग बाजारों से रॉ मेटेरियल खरीदा गया।जिसकी मदद से छोटी बड़ी राखियों का निर्माण किया जा रहा है। राखी निर्माण के बाद 7 से 8 रुपये की लागत आ रही है। जिसे बाजार में 15 रुपये के हिसाब से बेचा जाएगा।
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समूह की अन्य सदस्य रानी ने बताया कि घर के आवश्यक कार्य से निवृत्त होकर घर पर ही राखी निर्माण कार्य में पिछले 15 दिनों से जुटे हैं। त्योहार के दौरान अच्छी कमाई होने की संभावना है। समूह की अध्यक्ष अनुपमा सिंह ने बताया कि बनियाखेड़ा गांव में बड़ी संख्या में समूह की ग्रामीण महिलाएं राखी निर्माण कार्य कर रही हैं। जिससे उनकी आजीविका बेहतर होगी तथा भविष्य भी सुधरेगा। समूह की महिलाओं में दीपमाला, प्रीति, अनीता, मंजू, माया, सावित्री, कांति, रोशनी, रीनू रानी, जानकी, रश्मि, शकुंतला, कमलेश आदि शामिल हैं।
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