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अमेरिकी टैरिफ : 20 करोड़ से अधिक के ऑर्डर फंसे, नए की उम्मीद धूमिल
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संभल में तैयार होने वाले हस्तशिल्प उत्पाद।
संभल। अमेरिका ने मंगलवार से 50 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया है। इसका बड़ा असर संभल के हड्डी-सींग के हस्तशिल्प उत्पादों पर पड़ा है। 20 करोड़ रुपये से ज्यादा के ऑर्डर होल्ड हो गए हैं। वहीं नए ऑर्डर मिलने की फिलहाल उम्मीद नहीं है। निर्यातक और खरीदार को उम्मीद है कि 50 प्रतिशत टैरिफ में कमी की जाएगी। इसके चलते नए ऑर्डर दिए नहीं जा रहे और माल को भारत में ही होल्ड करा दिया गया है। इससे निर्यातकों की चिंता बढ़ी हुई है। संभल के हड्डी-सींग और लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पाद दुनियाभर में पहचाने जाते हैं। इन उत्पाद की मांग अमेरिका में सबसे ज्यादा है। संभल हैंडीक्राफ्ट वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव कमल कौशल वार्ष्णेय ने बताया कि हस्तशिल्प उत्पाद का निर्यात 60 प्रतिशत अमेरिका के लिए किया जाता है। बाकी दुनिया से 40 प्रतिशत मांग रहती है। सबसे ज्यादा मात्रा में माल का ऑर्डर करने वाले खरीदार भी अमेरिका के हैं। इसलिए सभी निर्यातकों की चिंता बढ़ी हुई है। बताया कि अमेरिका के साथ साल में करीब 200 करोड़ का कारोबार होता है।
एसोसिएशन के सचिव ने बताया कि 25 प्रतिशत टैरिफ पर तो मांग बनी रही लेकिन अब 50 प्रतिशत टैरिफ लगने से खरीदार परेशान है। इसलिए वह नए ऑर्डर नहीं कर रहे हैं। कहा कि यदि टैरिफ में कमी नहीं होती है तो हस्तशिल्प उत्पादों की मांग आधी हो जाएगी। सीधा कहा जाए तो कारोबार आधा हो जाएगा। इससे निर्यातकों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ेगा।
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अमेरिका के खरीदार मांग रहे टैरिफ पर 25 प्रतिशत छूट
निर्यातक मोहम्मद शारिक ने बताया कि जो अमेरिका से ऑर्डर मिले हुए थे वह ऑर्डर तैयार है लेकिन मंगलवार से टैरिफ 50 प्रतिशत हुआ तो होल्ड कराने के लिए खरीदार ने कहा है। खरीदार अब 25 प्रतिशत छूट मांग रहा है। बताया कि वह तो 10 प्रतिशत देने के लिए तैयार हैं लेकिन 25 प्रतिशत की मांग अब हो रही है। ऐसे में निर्यातकों के सामने बड़ा संकट है। टैरिफ कम नहीं किया गया तो कारोबार पर बड़ा असर रहेगा, क्योंकि सबसे ज्यादा निर्यात अमेरिका के लिए ही किया जाता है।
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संभल के हस्तशिल्प उत्पाद को मिल चुका है जीआई टैग
संभल हॉर्न क्राफ्ट को जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई टैग) का प्रमाणपत्र मिल चुका है। इससे संभल को दुनियाभर में हस्तशिल्प को जीआई टैग के माध्यम से पहले से भी बेहतर ढंग से पहचाना जाता है। इससे कारोबार भी बढ़ा है। और पहचान भी बढ़ी है।
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टैरिफ ने पूरे कारोबार को प्रभावित किया है। जो ऑर्डर थे उनको भी होल्ड करा दिया गया है। नए ऑर्डर मिलने की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं है। यदि टैरिफ कम नहीं किया गया तो कारोबार आधा हो जाएगा। इससे निर्यातकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
कमल कौशल वार्ष्णेय, सचिव, हैंडीक्राफ्ट वेलफेयर एसोसिएशन, संभल
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एसोसिएशन के सचिव ने बताया कि 25 प्रतिशत टैरिफ पर तो मांग बनी रही लेकिन अब 50 प्रतिशत टैरिफ लगने से खरीदार परेशान है। इसलिए वह नए ऑर्डर नहीं कर रहे हैं। कहा कि यदि टैरिफ में कमी नहीं होती है तो हस्तशिल्प उत्पादों की मांग आधी हो जाएगी। सीधा कहा जाए तो कारोबार आधा हो जाएगा। इससे निर्यातकों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ेगा।
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अमेरिका के खरीदार मांग रहे टैरिफ पर 25 प्रतिशत छूट
निर्यातक मोहम्मद शारिक ने बताया कि जो अमेरिका से ऑर्डर मिले हुए थे वह ऑर्डर तैयार है लेकिन मंगलवार से टैरिफ 50 प्रतिशत हुआ तो होल्ड कराने के लिए खरीदार ने कहा है। खरीदार अब 25 प्रतिशत छूट मांग रहा है। बताया कि वह तो 10 प्रतिशत देने के लिए तैयार हैं लेकिन 25 प्रतिशत की मांग अब हो रही है। ऐसे में निर्यातकों के सामने बड़ा संकट है। टैरिफ कम नहीं किया गया तो कारोबार पर बड़ा असर रहेगा, क्योंकि सबसे ज्यादा निर्यात अमेरिका के लिए ही किया जाता है।
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संभल के हस्तशिल्प उत्पाद को मिल चुका है जीआई टैग
संभल हॉर्न क्राफ्ट को जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई टैग) का प्रमाणपत्र मिल चुका है। इससे संभल को दुनियाभर में हस्तशिल्प को जीआई टैग के माध्यम से पहले से भी बेहतर ढंग से पहचाना जाता है। इससे कारोबार भी बढ़ा है। और पहचान भी बढ़ी है।
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टैरिफ ने पूरे कारोबार को प्रभावित किया है। जो ऑर्डर थे उनको भी होल्ड करा दिया गया है। नए ऑर्डर मिलने की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं है। यदि टैरिफ कम नहीं किया गया तो कारोबार आधा हो जाएगा। इससे निर्यातकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
कमल कौशल वार्ष्णेय, सचिव, हैंडीक्राफ्ट वेलफेयर एसोसिएशन, संभल