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Sambhal News: बारिश से मुसीबत, तिरपाल लगाकर किया अंतिम संस्कार, लगे पांच घंटे
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गांव करीमपुर में स्थित शमशान घाट में निर्माणाधीन अंत्येष्टि स्थल पर तिरपाल और पिन्नी डालकर बुजु
सरायतरीन। गांव करीमपुर में सोमवार को एक व्यक्ति के शव का अंतिम संस्कार करने के दौरान परिजन व अन्य लोगों को काफी दुश्वारी का सामना करना पड़ा। अंत्येष्टि स्थल का निर्माण अधूरा होने से यह दुश्वारी उठानी पड़ी है। बारिश के बीच लोगों ने तिरपाल और पन्नी लगाकर करीब पांच घंटे में अंतिम संस्कार संपन्न कराया। ग्रामीणों ने रोष जाहिर किया और कहा कि अंत्येष्टि स्थल निर्माण कार्य में भी लापरवाही बरती जा रही है। इसको तत्काल पूरा नहीं किया जा रहा। इससे अंतिम संस्कार के दौरान काफी दुश्वारी होती है।
गांव करीमपुर के निवासी मुकेश यादव ने बताया कि रविवार की रात 7:30 बजे कैंसर से पीड़ित उनके पिता रामनिवास यादव (65) की मौत हो गई थी। सोमवार की सुबह से ही झमाझम बरसात हो रही थी।
सुबह 10:30 बजे बरसात कुछ हल्की हुई तो अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान घाट गए। यहां अंत्येष्टि स्थल का कार्य अधूरा पड़ा था।
अंतिम संस्कार करने के लिए गांव से तिरपाल और पन्नी लेकर आए। चारों ओर से तिरपाल और पन्नी डालकर करीब पांच घंटे में बमुश्किल से अंतिम संस्कार हो सका। जबकि अंत्येष्टि स्थल का निर्माण तीन महीने से क्षेत्र पंचायत निधि से चल रहा है। यदि निर्माण कार्य तेजी से किया गया होता तो बारिश में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।
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गांव करीमपुर के निवासी मुकेश यादव ने बताया कि रविवार की रात 7:30 बजे कैंसर से पीड़ित उनके पिता रामनिवास यादव (65) की मौत हो गई थी। सोमवार की सुबह से ही झमाझम बरसात हो रही थी।
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सुबह 10:30 बजे बरसात कुछ हल्की हुई तो अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान घाट गए। यहां अंत्येष्टि स्थल का कार्य अधूरा पड़ा था।
अंतिम संस्कार करने के लिए गांव से तिरपाल और पन्नी लेकर आए। चारों ओर से तिरपाल और पन्नी डालकर करीब पांच घंटे में बमुश्किल से अंतिम संस्कार हो सका। जबकि अंत्येष्टि स्थल का निर्माण तीन महीने से क्षेत्र पंचायत निधि से चल रहा है। यदि निर्माण कार्य तेजी से किया गया होता तो बारिश में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।
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