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Sambhal News: फार्मर आईडी वालों का दोबारा सत्यापन नहीं होगा
Sat, 17 Oct 2026 02:16 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sat, 17 Oct 2026 02:16 AM IST
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संभल। खाद्य विभाग के पोर्टल पर इस सत्र में धान, बाजरा, मक्का और ज्वार की फसलों के लिए किसानों का पंजीकरण अब एक ही बार में किया जाएगा। पंजीकरण की प्रक्रिया दो तरीकों से पूरी होगी। इसमें फार्मर आईडी वाले किसानों को प्राथमिकता मिलेगी, जबकि अन्य का सत्यापन के बाद पंजीकरण होगा।
डिप्टी आरएमओ संजीव राय ने बताया कि किसानों को खाद्य विभाग के पंजीकरण पोर्टल पर अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा। यदि किसान की फार्मर आईडी बनी हुई है, तो उसका विवरण स्वतः पोर्टल पर प्राप्त हो जाएगा। इसके बाद किसान को अपनी श्रेणी जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग या सामान्य वर्ग दर्ज कर विवरण सुरक्षित करना होगा।
फार्मर आईडी से प्राप्त विवरण में आपत्ति होने पर किसान एग्रीस्टैक पोर्टल, डीसीएस पोर्टल या संबंधित सर्वेयर से संपर्क कर सकते हैं। फार्मर आईडी के माध्यम से प्राप्त विवरण का दोबारा सत्यापन नहीं किया जाएगा। धान, बाजरा, मक्का और ज्वार के लिए अलग-अलग पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है।
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किसान एक ही पंजीकरण में सभी संबंधित फसलों की भूमि का विवरण जोड़ सकेंगे। इसी के अनुसार किसान का सत्यापन भी एक ही बार होगा। सत्यापन की सुविधा केवल धान के लॉगिन में उपलब्ध कराई गई है।
खाद्य विभाग के पोर्टल पर किसानों का पंजीकरण दो प्रकार से किया जा रहा है। पहला तरीका कृषि विभाग द्वारा जारी फार्मर आईडी के माध्यम से है। दूसरा तरीका उन किसानों के लिए है जिनके पास फार्मर आईडी नहीं है। उनका पूर्व वर्षों की भांति सत्यापन के बाद पंजीकरण किया जाएगा।
चकबंदी गांवों में सत्यापन की व्यवस्था
चकबंदी ग्रामों में किसान पंजीकरण के सत्यापन के लिए विशेष व्यवस्था निर्धारित की गई है। इसके तहत बंदोबस्त अधिकारी की लॉगिन से चकबंदी अधिकारी और चकबंदी लेखपाल की यूजर प्रोफाइल बनाई जाएगी। संबंधित अधिकारियों और लेखपालों को इसी माध्यम से यूजर लॉगिन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराया जाएगा। इसके जरिये वे किसान पंजीकरण के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
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डिप्टी आरएमओ संजीव राय ने बताया कि किसानों को खाद्य विभाग के पंजीकरण पोर्टल पर अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा। यदि किसान की फार्मर आईडी बनी हुई है, तो उसका विवरण स्वतः पोर्टल पर प्राप्त हो जाएगा। इसके बाद किसान को अपनी श्रेणी जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग या सामान्य वर्ग दर्ज कर विवरण सुरक्षित करना होगा।
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फार्मर आईडी से प्राप्त विवरण में आपत्ति होने पर किसान एग्रीस्टैक पोर्टल, डीसीएस पोर्टल या संबंधित सर्वेयर से संपर्क कर सकते हैं। फार्मर आईडी के माध्यम से प्राप्त विवरण का दोबारा सत्यापन नहीं किया जाएगा। धान, बाजरा, मक्का और ज्वार के लिए अलग-अलग पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है।
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किसान एक ही पंजीकरण में सभी संबंधित फसलों की भूमि का विवरण जोड़ सकेंगे। इसी के अनुसार किसान का सत्यापन भी एक ही बार होगा। सत्यापन की सुविधा केवल धान के लॉगिन में उपलब्ध कराई गई है।
खाद्य विभाग के पोर्टल पर किसानों का पंजीकरण दो प्रकार से किया जा रहा है। पहला तरीका कृषि विभाग द्वारा जारी फार्मर आईडी के माध्यम से है। दूसरा तरीका उन किसानों के लिए है जिनके पास फार्मर आईडी नहीं है। उनका पूर्व वर्षों की भांति सत्यापन के बाद पंजीकरण किया जाएगा।
चकबंदी गांवों में सत्यापन की व्यवस्था
चकबंदी ग्रामों में किसान पंजीकरण के सत्यापन के लिए विशेष व्यवस्था निर्धारित की गई है। इसके तहत बंदोबस्त अधिकारी की लॉगिन से चकबंदी अधिकारी और चकबंदी लेखपाल की यूजर प्रोफाइल बनाई जाएगी। संबंधित अधिकारियों और लेखपालों को इसी माध्यम से यूजर लॉगिन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराया जाएगा। इसके जरिये वे किसान पंजीकरण के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।