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Sambhal News: बारिश तो चली गई... अंधेरा छोड़ गई
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संभल। टांडाकोठी विद्युत उपकेंद्र के बेला फीडर से जुड़े पांच गांवों में पिछले 72 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित है। नौ अक्तूबर को आई आंधी और बारिश के कारण आठ बिजली के खंभे टूट गए थे। बारिश तो कुछ घंटों में थम गई थी लेकिन व्यवस्था अब भी नहीं सुचारु हो पाई है। लगातार तीन दिनों से बिजली न मिलने के कारण ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति गहरा रोष है।
बिजली न होने से उपभोक्ता पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस गए हैं। घरेलू उपकरण भी शोपीस बनकर रह गए हैं। विद्युत उपकेंद्र टांडाकोठी के बेला फीडर से जुड़े शफातनगर, हरसिंहपुर, नवाड़ा और हरथला गांवों में बिजली गुल है। ग्रामीणों को किराए पर जनरेटर लगाकर पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। अंधेरा छाए रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारी धरातल पर कम और कागजों में ज्यादा काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों को जानकारी देने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। तीन दिनों से बिजली ठप होने से रोजमर्रा के कामों में दिक्कतें आ रही हैं। पानी का संकट भी गहरा गया है, जिससे छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को परेशानी हो रही है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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विभागीय दावा और ग्रामीणों का आरोप
विभागीय अधिकारियों का दावा है कि क्षतिग्रस्त काम पूरा करके आपूर्ति बहाल कर दी गई है। हालांकि, कई क्षेत्रों में अब भी बिजली गुल है, जिससे यह दावा सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अधिकारियों की लापरवाही के कारण उन्हें लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। संभल के एक्सईएन रघुनाथ तित्तल ने कहा कि आंधी-पानी में बिजली के खंभे गिरे थे। बेला फीडर की बिजली आपूर्ति सोमवार तक बहाल कर दी जाएगी।
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बिजली न होने से उपभोक्ता पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस गए हैं। घरेलू उपकरण भी शोपीस बनकर रह गए हैं। विद्युत उपकेंद्र टांडाकोठी के बेला फीडर से जुड़े शफातनगर, हरसिंहपुर, नवाड़ा और हरथला गांवों में बिजली गुल है। ग्रामीणों को किराए पर जनरेटर लगाकर पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। अंधेरा छाए रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारी धरातल पर कम और कागजों में ज्यादा काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों को जानकारी देने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। तीन दिनों से बिजली ठप होने से रोजमर्रा के कामों में दिक्कतें आ रही हैं। पानी का संकट भी गहरा गया है, जिससे छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को परेशानी हो रही है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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विभागीय दावा और ग्रामीणों का आरोप
विभागीय अधिकारियों का दावा है कि क्षतिग्रस्त काम पूरा करके आपूर्ति बहाल कर दी गई है। हालांकि, कई क्षेत्रों में अब भी बिजली गुल है, जिससे यह दावा सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अधिकारियों की लापरवाही के कारण उन्हें लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। संभल के एक्सईएन रघुनाथ तित्तल ने कहा कि आंधी-पानी में बिजली के खंभे गिरे थे। बेला फीडर की बिजली आपूर्ति सोमवार तक बहाल कर दी जाएगी।