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Sambhal News: जिले के 12 सौ शिक्षकों के लिए टीईटी बना चुनौती
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चंदौसी(संभल)। सुप्रीम कोर्ट के बेसिक स्कूलों में पढ़ाने के लिए टीईटी अनिवार्य के फैसले के बाद विभाग और शिक्षकों में हड़कंप मचा है। खासतौर पर टीईटी न करने वाले शिक्षकों के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। विभाग के अनुसार करीब 1200 शिक्षक ऐसे हैं जो बिना टीईटी पास किए नौकरी कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि प्राइमरी की टीईटी में बीपीएड वाले आवेदन नहीं कर सकते हैं, ऐसे में वह कैसे टीईटी करेंगे।
जिले में करीब 3400 शिक्षक बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे हैं। बीते दिनों बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि बेसिक स्कूलों में शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य है। ऐसे में जिले में करीब 1200 शिक्षक ऐसे है जो बिना टीईटी किए बेसिक स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन शिक्षकों के सामने नौकरी का संकट खड़ा हो गया है।
शिक्षकों का कहना है कि प्राइमरी की टीईटी में बीपीएड वाले आवेदन नहीं कर सकते, वह कैसे टीईटी करेंगे। डीसी एमआईएस आकाश कुमार ने बताया कि जिले में लगभग 1200 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने टीईटी नहीं की है।
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हर स्तर से वार्ता व धरना का कार्य चलेगा। माननीय रक्षा मंत्री, मानव विकास संसाधन मंत्री व अन्य माननीय से भी वार्ता व शिक्षको के हित की मांग रखी जाएगी। पूरे देश के शिक्षक संघ व अन्य कर्मचारियों के संघ से वार्ता चल रही है। संघ द्वारा सर्वोच्च न्यायालय और भारत सरकार में अपना पक्ष मजबूती से रखा जाएगा। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा 16 सितंबर को डी एम महोदय के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम से ज्ञापन दिया जाएगा।
-डॉ. सचिन सिंह, प्रांतीय संगठन मंत्री, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ
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सरकार को शिक्षक हित को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट से आए टीईटी परीक्षा आदेश के संबंध में उचित निर्णय लेना चाहिए।
-राखी अग्रवाल, सहायक अध्यापक, कंपोजिट विद्यालय गांव जनेटा ब्लॉक बनियाखेड़ा
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जब शिक्षक नियुक्त हुए थे, उस समय की जो शैक्षिक अर्हता थी, वह सभी शिक्षकों ने पूरी की थी। परंतु माननीय सुप्रीम कोर्ट का निर्णय की सभी शिक्षक टीईटी करें या नौकरी छोड़ दे अत्यंत दुखद है। हम केंद्र सरकार से अनुरोध करते हैं कि आरटीई एक्ट 2017 को तुरंत रद्द किया जाए।
-पंकज शर्मा, ब्लॉक मंत्री, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ बनियखेड़ा
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25-30 वर्ष पूर्व निर्धारित योग्यता पर नियुक्त शिक्षकों पर वर्तमान भर्ती के लिए निर्धारित टीईटी की योग्यता नहीं थोपनी चाहिए। इस समय टीईटी करने में बहुत सारी विसंगतियां उत्पन्न हो रही हैं। हम केंद्र और प्रदेश सरकार से अनुरोध करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा भारत के समस्त शिक्षकों को टीईटी करने के अमानवीय आदेश से कवच प्रदान करे और माननीय उच्चतम न्यायालय को भी शिक्षकों के लिए दुखदायी इस आदेश पर पुनर्विचार करना चाहिए।
देवेश प्रताप सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लॉक बनियाखेड़ा
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जिले में करीब 3400 शिक्षक बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे हैं। बीते दिनों बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि बेसिक स्कूलों में शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य है। ऐसे में जिले में करीब 1200 शिक्षक ऐसे है जो बिना टीईटी किए बेसिक स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन शिक्षकों के सामने नौकरी का संकट खड़ा हो गया है।
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शिक्षकों का कहना है कि प्राइमरी की टीईटी में बीपीएड वाले आवेदन नहीं कर सकते, वह कैसे टीईटी करेंगे। डीसी एमआईएस आकाश कुमार ने बताया कि जिले में लगभग 1200 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने टीईटी नहीं की है।
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हर स्तर से वार्ता व धरना का कार्य चलेगा। माननीय रक्षा मंत्री, मानव विकास संसाधन मंत्री व अन्य माननीय से भी वार्ता व शिक्षको के हित की मांग रखी जाएगी। पूरे देश के शिक्षक संघ व अन्य कर्मचारियों के संघ से वार्ता चल रही है। संघ द्वारा सर्वोच्च न्यायालय और भारत सरकार में अपना पक्ष मजबूती से रखा जाएगा। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा 16 सितंबर को डी एम महोदय के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम से ज्ञापन दिया जाएगा।
-डॉ. सचिन सिंह, प्रांतीय संगठन मंत्री, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ
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सरकार को शिक्षक हित को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट से आए टीईटी परीक्षा आदेश के संबंध में उचित निर्णय लेना चाहिए।
-राखी अग्रवाल, सहायक अध्यापक, कंपोजिट विद्यालय गांव जनेटा ब्लॉक बनियाखेड़ा
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जब शिक्षक नियुक्त हुए थे, उस समय की जो शैक्षिक अर्हता थी, वह सभी शिक्षकों ने पूरी की थी। परंतु माननीय सुप्रीम कोर्ट का निर्णय की सभी शिक्षक टीईटी करें या नौकरी छोड़ दे अत्यंत दुखद है। हम केंद्र सरकार से अनुरोध करते हैं कि आरटीई एक्ट 2017 को तुरंत रद्द किया जाए।
-पंकज शर्मा, ब्लॉक मंत्री, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ बनियखेड़ा
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25-30 वर्ष पूर्व निर्धारित योग्यता पर नियुक्त शिक्षकों पर वर्तमान भर्ती के लिए निर्धारित टीईटी की योग्यता नहीं थोपनी चाहिए। इस समय टीईटी करने में बहुत सारी विसंगतियां उत्पन्न हो रही हैं। हम केंद्र और प्रदेश सरकार से अनुरोध करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा भारत के समस्त शिक्षकों को टीईटी करने के अमानवीय आदेश से कवच प्रदान करे और माननीय उच्चतम न्यायालय को भी शिक्षकों के लिए दुखदायी इस आदेश पर पुनर्विचार करना चाहिए।
देवेश प्रताप सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लॉक बनियाखेड़ा