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घर और बागों को ही बना दिए स्लाटर हाउस
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Wed, 03 Aug 2016 12:51 AM IST
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संभल के नखासा क्षेत्र में तो बाग और घरों तक में अवैध तरीके से पशु वध के कई मामले पकड़े गए हैं। पुलिस ने इस संबंध में रिपोर्ट तो दर्ज की लेकिन पशुओं के वध पर रोक नहीं लगा सकी है।
अवैध बूचड़ खानों के संबंध में अभी तक उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल नहीं कर सका है। वहीं एनजीटी ने यूपीपीसीबी को स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अगली सुनवाई तक की मोहलत दी है। मामले की अगली सुनवाई 8 अगस्त को होगी।
जस्टिस यूडी साल्वी की अध्यक्षता वाली बेंच इस मामले पर सुनवाई कर रही है। पर्यावरणविद और याची शैलेश सिंह की याचिका पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पर्यावरण मंत्रालय और उत्तर प्रदेश (यूपी) सरकार और संबंधित राज्य प्राधिकरणों और जिलाधिकारियों को नोटिस भी दे दिया है।
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एनजीटी की सख्ती के बाद आखिरकार नगर पालिका परिषद ने अपने दोनों स्लाटर हाउस बंद करा दिए हैं। नगर पालिका का एक स्लाटर हाउस संभल में और दूसरा सरायतरीन में था। जब से यह स्लाटर हाउस बंद हुए हैं तब से जानवर काटकर मांस बेचने वालों के लिए उलझन पैदा हो गई है।
कुछ लोग तो घरों और बागों में जानवर काट रहे हैं। चोरी छिपे पशुओं का वध कर मांस बेचने और प्रदूषण फैलाने की घटनाओं से प्रशासन भी इनकार नहीं कर रहा है। नखासा क्षेत्र में मांस कारोबारी बाग में 30 जुलाई को स्लाटर हाउस चलाते हुए पकड़े गए थे। इस पर नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मौके से पशु काटने के उपकरण भी बरामद किए हैं।
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अवैध बूचड़ खानों के संबंध में अभी तक उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल नहीं कर सका है। वहीं एनजीटी ने यूपीपीसीबी को स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अगली सुनवाई तक की मोहलत दी है। मामले की अगली सुनवाई 8 अगस्त को होगी।
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जस्टिस यूडी साल्वी की अध्यक्षता वाली बेंच इस मामले पर सुनवाई कर रही है। पर्यावरणविद और याची शैलेश सिंह की याचिका पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पर्यावरण मंत्रालय और उत्तर प्रदेश (यूपी) सरकार और संबंधित राज्य प्राधिकरणों और जिलाधिकारियों को नोटिस भी दे दिया है।
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एनजीटी की सख्ती के बाद आखिरकार नगर पालिका परिषद ने अपने दोनों स्लाटर हाउस बंद करा दिए हैं। नगर पालिका का एक स्लाटर हाउस संभल में और दूसरा सरायतरीन में था। जब से यह स्लाटर हाउस बंद हुए हैं तब से जानवर काटकर मांस बेचने वालों के लिए उलझन पैदा हो गई है।
कुछ लोग तो घरों और बागों में जानवर काट रहे हैं। चोरी छिपे पशुओं का वध कर मांस बेचने और प्रदूषण फैलाने की घटनाओं से प्रशासन भी इनकार नहीं कर रहा है। नखासा क्षेत्र में मांस कारोबारी बाग में 30 जुलाई को स्लाटर हाउस चलाते हुए पकड़े गए थे। इस पर नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मौके से पशु काटने के उपकरण भी बरामद किए हैं।