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संभल में बसपा ने रफतउल्ला पर फिर लगाया सियासी दांव
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Sun, 04 Sep 2016 01:37 AM IST
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बसपा प्रतीक
उन्हें पार्टी ने वफादारी का ईनाम दिया है। वह 1989 से बसपा में थे और 1996 और 2012 में बसपा से संभल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। उनके नाम का एलान शनिवार को मुरादाबाद में किया गया।
वर्ष 2012 में रफत उल्ला उर्फ नेता छिद्दा बसपा से और हाजी आजम राष्ट्रीय लोकदल से चुनाव लड़ चुके हैं। वर्ष 2015 में हाजी आजम बसपा का दामन थामा था। दो महीने पहले हाजी आजम क़ो बसपा का उम्मीदवार बनाया गया था। वह क्षेत्र में सक्रिय थे।
पंद्रह दिन पहले उन्हें टिकट कटने की आहट हो गई थी। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक आयोजनों से खुद को समेट लिया था। इसी क्रम में नेता छिद्दा सक्रिय हो गए थे। सियासी हलकों में यह बात साफ होने लगी थी कि बसपा ने प्रत्याशी बदल दिया है। इसकी अधिकृत घोषणा शनिवार को मुरादाबाद में बसपा के महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने की। इस मौके पर असमोली क्षेत्र के बसपा उम्मीदवार और पूर्व मंत्री अकीलुर्रहमान समेत कई दिग्गज मौजूद रहे।
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वर्ष 2012 में रफत उल्ला उर्फ नेता छिद्दा बसपा से और हाजी आजम राष्ट्रीय लोकदल से चुनाव लड़ चुके हैं। वर्ष 2015 में हाजी आजम बसपा का दामन थामा था। दो महीने पहले हाजी आजम क़ो बसपा का उम्मीदवार बनाया गया था। वह क्षेत्र में सक्रिय थे।
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पंद्रह दिन पहले उन्हें टिकट कटने की आहट हो गई थी। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक आयोजनों से खुद को समेट लिया था। इसी क्रम में नेता छिद्दा सक्रिय हो गए थे। सियासी हलकों में यह बात साफ होने लगी थी कि बसपा ने प्रत्याशी बदल दिया है। इसकी अधिकृत घोषणा शनिवार को मुरादाबाद में बसपा के महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने की। इस मौके पर असमोली क्षेत्र के बसपा उम्मीदवार और पूर्व मंत्री अकीलुर्रहमान समेत कई दिग्गज मौजूद रहे।
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