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खेती नहीं है घाटे का सौदा, मेहनत करें और मुनाफा कमाएं
अमर उजाला ब्यूरो/संभल
Updated Fri, 26 Aug 2016 01:26 AM IST
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गुमसानी में प्रेमपाल के खेत पर फसल को देखते गन्ना आयुक्त।
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मेहनत करने वालों को मुकाम मिलता है। खेती उनके लिए घाटे का सौदा नहीं है। हर पल खेत पर नजर रखते हैं और मेहनत करते हैं। साथ साथ नई तकनीक में बदलाव करके पुराने ढर्रे को छोड़ने के लिए राजी हो गए हैं। संभल के असमोली क्षेत्र में यह बात उभर कर सामने आई है।
जहां एक ओर खेती को घाटे का सौदा बताया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर जिले के कई किसान अपनी मेहनत और तकनीकी कौशल की बदौलत मालामाल हो रहे हैं। खेती की ट्रंच विधि को अपना कर उनहोंने सामान्य किसानों के मुकाबले दो गुनी से भी आमदनी कर ली है। एक किसान की
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खेती को देखने के लिए यूपी के गन्ना आयुक्त विपिन कुमार द्विवेदी खुद संभल जिले के असमोली तक आए। उन्होंने मतावली पट्टी जग्गू में विनोद कुमार शर्मा तथा गुमसानी में प्रेमपाल के खेत में गन्ने की पैदावार को देखा। इन किसानों की पैदावार 100 क्विंटल प्रति बीघा होने के आसार हैं जबकि सामान्य तौर पर 50-60 क्विंटर प्रति बीघा पैदावार होती है।
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प्रेमपाल ने गन्ने के साथ गेहूं की पैदावार ली है। विनोद कुमार शर्मा ने गन्ने की पैदावार के साथ मसूर पैदा की है। यह दोनों उन किसानों में हैं जिन्होंने सामान्य से ज्यादा उपज हासिल की है।