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Sambhal News: काकोरी कांड की तरह गुमथल में क्रांतिकारियों ने ट्रेन लूटने की बनाई थी योजना, सफलता नहीं मिली थी
Fri, 09 Aug 2024 05:40 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 09 Aug 2024 05:40 AM IST
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चंदौसी। देश की आजादी में सभी उम्र के लोगाें ने अपना योगदान दिया है। आजादी के आंदोलन में शामिल संभल जिले के युवा भी हुए और अंग्रेजी हुकूमत का मुकाबला किया। उस समय सभी का उद्देश्य केवल एक ही था, अंग्रेजों हुकूमत से आजाद होना। अंग्रेजों के खजाना लूटने की काकोरी कांड की बड़ी घटना इतिहास में दर्ज है। इस कांड की तर्ज पर ही चंदौसी के नजदीक बसे छोटे से गांव गुमथल में भी अंग्रेजी खजाना लूटने के लिए क्रांतिकारियों ने गुमथल स्टेशन पर योजना बनाई थी। किसी कारण घटना पूरी नहीं हो सकी थी। कहा जाता है कि वह घटना काकोरी कांड बनने से रह गई थी।गांव गुमथल के 17 लोगों ने आजादी की लड़ाई लड़ी थी। इसके प्रमाण सभी के परिजनों के पास हैं और शिलापट पर दर्ज उनके नाम इसकी गवाही देते हैं। गुमथल निवासी शांतिप्रसाद मौर्य ने बताया कि उनके पिता मिश्रीलाल मौर्य क्रांतिकारी थे। गुमथल में रेलवे स्टेशन भी अंग्रेजों के जमाने का है। क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों के हौसले पस्त करने के लिए गुमथल से 200 मीटर पहले तालाब पर बने रेलवे ट्रैक को उड़ाने की योजना बनाई थी। रेलवे ट्रैक बाधित भी कर दिया था। इसके बाद अंग्रेजों ने ग्रामीणों को काफी परेशान किया था। जब ज्यादा परेशान किया तो क्रांतिकारियों ने रेलवे ट्रैक को उड़ाने की योजना टाल दी थी।
गांव गुमथल में आजादी की लड़ाई का जोश था। इसके चलते क्रांतिकारियों की बैठक भी इसी गांव में होती थी। क्रांतिकारी के बेटे ने बताया कि बैठक के दौरान मुखबिरी की गई थी। अंग्रेजी पुलिस ने घेराबंदी की थी लेकिन उससे पहले ही क्रांतिकारी गांव से जा चुके थे। इसके चलते कोई हाथ नहीं आया था। बताया कि उस समय तीन दिन तक गांव का घेराव रहा था। लेकिन गांव में एकजुटता होने के चलते अंग्रेज किसी भी क्रांतिकारी को पकड़ नहीं सके थे। ग्राम प्रधान लक्ष्मीदेवी दिवाकर ने बताया कि हमारा गांव क्रांतिकारियों के लिए पहचाना जाता है। इस गांव की मिट्टी ने कई क्रांतिकारी पैदा किए और उन्होंने आजादी की लड़ाई में भागीदारी की।
संभल और सिरसी के क्रांतिकारियों ने भी आजादी की लड़ाई में योगदान दिया है। सिरसी के प्रेमपाल रस्तोगी, संभल के प्रहलाद कुमार, मौलाना कय्यूम, चेतन स्वरूप स्वतंत्रता संग्राम में भागीदार रहे थे। गांधीवादी विचार धारा से स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई में जुटे थे। पूरे जिले में 221 लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया था। उसमें यह क्रांतिकारी भी शामिल रहे। अंग्रेजी हुकूमत का झंडा उतारने के लिए यह क्रांतिकारी पहचाने जाते हैं। बताया जाता है कि 1938 में संभल के हिंद इंटर कालेज के पास यूनियन जैक (ब्रिटिश सरकार का झंडा) इन सभी क्रांतिकारियों ने उतार दिया था। इसमें प्रेमपाल रस्तोगी ने अपने साथी प्रहलाद कुमार, मौलाना कय्यूम, चेतन स्वरूप के साथ मिलकर उतार दिया था। जिसके बाद उन्हें डेढ़ वर्ष जेल में रहना पड़ा था। संभल के एजेंटी चौराहे से प्रेमपाल रस्तोगी और उनके साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
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गांव गुमथल में आजादी की लड़ाई का जोश था। इसके चलते क्रांतिकारियों की बैठक भी इसी गांव में होती थी। क्रांतिकारी के बेटे ने बताया कि बैठक के दौरान मुखबिरी की गई थी। अंग्रेजी पुलिस ने घेराबंदी की थी लेकिन उससे पहले ही क्रांतिकारी गांव से जा चुके थे। इसके चलते कोई हाथ नहीं आया था। बताया कि उस समय तीन दिन तक गांव का घेराव रहा था। लेकिन गांव में एकजुटता होने के चलते अंग्रेज किसी भी क्रांतिकारी को पकड़ नहीं सके थे। ग्राम प्रधान लक्ष्मीदेवी दिवाकर ने बताया कि हमारा गांव क्रांतिकारियों के लिए पहचाना जाता है। इस गांव की मिट्टी ने कई क्रांतिकारी पैदा किए और उन्होंने आजादी की लड़ाई में भागीदारी की।
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संभल और सिरसी के क्रांतिकारियों ने भी आजादी की लड़ाई में योगदान दिया है। सिरसी के प्रेमपाल रस्तोगी, संभल के प्रहलाद कुमार, मौलाना कय्यूम, चेतन स्वरूप स्वतंत्रता संग्राम में भागीदार रहे थे। गांधीवादी विचार धारा से स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई में जुटे थे। पूरे जिले में 221 लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया था। उसमें यह क्रांतिकारी भी शामिल रहे। अंग्रेजी हुकूमत का झंडा उतारने के लिए यह क्रांतिकारी पहचाने जाते हैं। बताया जाता है कि 1938 में संभल के हिंद इंटर कालेज के पास यूनियन जैक (ब्रिटिश सरकार का झंडा) इन सभी क्रांतिकारियों ने उतार दिया था। इसमें प्रेमपाल रस्तोगी ने अपने साथी प्रहलाद कुमार, मौलाना कय्यूम, चेतन स्वरूप के साथ मिलकर उतार दिया था। जिसके बाद उन्हें डेढ़ वर्ष जेल में रहना पड़ा था। संभल के एजेंटी चौराहे से प्रेमपाल रस्तोगी और उनके साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
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