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चंदौसी की बेटी ने फहराया कारगिल चोटी पर तिरंगा
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Sun, 28 Aug 2016 01:11 AM IST
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भारी बर्फवारी और बरसात से टक्कर लेते हुए कारगिल की 18000 फीट ऊंचाई वाली न्यू बरजिन चोटी पर उसने अपने दल के साथ तिरंगा फहरा दिया है। वह एक सप्ताह बाद चंदौसी लौटेगी।
चंदौसी के फरीदुपर खास गांव के नंदकिशोर आर्य की बेटी ज्ञान नंदिनी पर्वतारोही है, उसने इससे पहले भी कई चोटियों पर तिरंगा फहराने में फतेह हासिल की है। इंडियन माउंटेयरिंग फाउंडेशन के 18 से 21 अगस्त तक के अभियान के लिए 26 पर्वतारोहियों का दल गठित किया गया था, जिसमें जापान व नेपाल समेत कई देशों के भी पर्वतारोही शामिल थे। चढ़ाई गोलमटगस बेस कैंप से शुरू हुई थी। ज्ञान नंदिनी ने जानकारी दी थी कि वह 20 अगस्त को कारगिल की न्यू बरजिन चोटी पर पहुंची और दोपहर 12.55 बजे तिरंगा फहरा दिया।
ज्ञान नंदिनी ने बताया कि चढ़ाई के दौरान बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्नोफाल और बरसात ने बार बार पर्वतारोहियों के साहस को तोड़ने का प्रयास किया लेकिन पर्वतारोहियों ने इन कठिनाइयों को पछाड़कर आखिरकार 20 अगस्त को दोपहर को अपनी मंजिल पा ली। 18000 फीट की ऊंचाई वाली न्यू बरजिन चोटी पर 12.55 बजे शानोशौकत के साथ तिरंगा फहरा दिया। ज्ञान नंदिनी ने कहाकि वह बेहद खुश है। उसका अगला लक्ष्य अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजरों पर तिरंगा फहराना है और उसके बाद वह एवरेस्ट फतेह करके अपना सपना साकार करेगी।
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चंदौसी के फरीदुपर खास गांव के नंदकिशोर आर्य की बेटी ज्ञान नंदिनी पर्वतारोही है, उसने इससे पहले भी कई चोटियों पर तिरंगा फहराने में फतेह हासिल की है। इंडियन माउंटेयरिंग फाउंडेशन के 18 से 21 अगस्त तक के अभियान के लिए 26 पर्वतारोहियों का दल गठित किया गया था, जिसमें जापान व नेपाल समेत कई देशों के भी पर्वतारोही शामिल थे। चढ़ाई गोलमटगस बेस कैंप से शुरू हुई थी। ज्ञान नंदिनी ने जानकारी दी थी कि वह 20 अगस्त को कारगिल की न्यू बरजिन चोटी पर पहुंची और दोपहर 12.55 बजे तिरंगा फहरा दिया।
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ज्ञान नंदिनी ने बताया कि चढ़ाई के दौरान बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्नोफाल और बरसात ने बार बार पर्वतारोहियों के साहस को तोड़ने का प्रयास किया लेकिन पर्वतारोहियों ने इन कठिनाइयों को पछाड़कर आखिरकार 20 अगस्त को दोपहर को अपनी मंजिल पा ली। 18000 फीट की ऊंचाई वाली न्यू बरजिन चोटी पर 12.55 बजे शानोशौकत के साथ तिरंगा फहरा दिया। ज्ञान नंदिनी ने कहाकि वह बेहद खुश है। उसका अगला लक्ष्य अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजरों पर तिरंगा फहराना है और उसके बाद वह एवरेस्ट फतेह करके अपना सपना साकार करेगी।
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