{"_id":"5797b8424f1c1bc80a21ebb4","slug":"fish-died-in-kund","type":"story","status":"publish","title_hn":"महामृत्युजंय तीर्थ कुंड में मछलियों की मंौत से हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महामृत्युजंय तीर्थ कुंड में मछलियों की मंौत से हड़कंप
अमर उजाला/ ब्यूरोसंभल
Updated Wed, 27 Jul 2016 12:51 AM IST
विज्ञापन
संभल के सरायतरीन स्थित महामुत्यृजंय तीर्थ में मरीं मछलियों को देखने के लिए लगी लोगों की भीड़।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हयातनगर के महामृत्युजंय तीर्थ में स्थित एक बड़े कुंड में अचानक हुई मछलियों की मौत से श्रद्धालु आहत हो गए। कुंड में मौजूद हजारों छोटी- बड़ी मछलियां मरी हैं। इनका वजन तीन क्विंटल से कम नहीं था। अंदेशा यह था कि किसी व्यक्ति ने कुंड में जहरीला पदार्थ डाल दिया जिससे मछलियों की मौत हुई है।
इसी मामले में मंगलवार को सुबह आठ बजे तमाम श्रद्धालु एकत्र हो गए। आक्रोशित होकर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी ने घटना का संज्ञान लिया और मत्स्य विभाग के निरीक्षक को मौके पर जांच के लिए भेजा। वहीं मत्स्य निरीक्षक का कहना है कि आक्सीजन की कमी से मछलियों की मौत हुई है।
मौके पर पहुंचे मत्स्य निरीक्षक पूरन सिंह दोपहर तीन बजे बजे हयातनगर स्थिति कुंड में पहुंचे। वहां उन्होंने आसपास के लोगों से घटनाक्रम की जानकारी ली। जिसमें श्रद्धालुओं का आरोप था कि किसी व्यक्ति ने जहर डाल दिया था और इसके चलते ही मछलियों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि कोई कार्रवाई नहीं हुई तो लोग आंदोलन करेंगे।
विज्ञापन
मत्स्य विभाग के निरीक्षक पूरन सिंह ने मरी मछलियों को देखा और कुछ लोगों के बयान लिए है। इन बयानों में किसी ने भी यह नहीं कहा कि उन्होंने किसी को कुंड में जहर डालते हुए देखा है। जांच पड़ताल के बाद मत्स्य निरीक्षक ने बताया कि कुंड में बड़े पैमाने पर काई जमा हो गई थी। इससे मछलियों को पर्याप्त आक्सीजन नहीं मिल पाई। मछलियों का आक्सीजन न मिलने से दम घुटा है। यदि पानी में कोई जहरीला पदार्थ मिलाया गया होता तो मेढ़क और कछुए और दूसरे जलजीव भी मौत का शिकार होते। उन्होंने बताया कि मरी सिर्फ मछलियां ही हैं। इसलिए जहर डाले जाने की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि वह पानी में बुझा हुआ चूना डलवा रहे हैं ताकि पानी साफ हो जाए और मछलियों को आक्सीजन मिल सके।
इसी मामले में मंगलवार को सुबह आठ बजे तमाम श्रद्धालु एकत्र हो गए। आक्रोशित होकर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी ने घटना का संज्ञान लिया और मत्स्य विभाग के निरीक्षक को मौके पर जांच के लिए भेजा। वहीं मत्स्य निरीक्षक का कहना है कि आक्सीजन की कमी से मछलियों की मौत हुई है।
विज्ञापन
मौके पर पहुंचे मत्स्य निरीक्षक पूरन सिंह दोपहर तीन बजे बजे हयातनगर स्थिति कुंड में पहुंचे। वहां उन्होंने आसपास के लोगों से घटनाक्रम की जानकारी ली। जिसमें श्रद्धालुओं का आरोप था कि किसी व्यक्ति ने जहर डाल दिया था और इसके चलते ही मछलियों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि कोई कार्रवाई नहीं हुई तो लोग आंदोलन करेंगे।
विज्ञापन
मत्स्य विभाग के निरीक्षक पूरन सिंह ने मरी मछलियों को देखा और कुछ लोगों के बयान लिए है। इन बयानों में किसी ने भी यह नहीं कहा कि उन्होंने किसी को कुंड में जहर डालते हुए देखा है। जांच पड़ताल के बाद मत्स्य निरीक्षक ने बताया कि कुंड में बड़े पैमाने पर काई जमा हो गई थी। इससे मछलियों को पर्याप्त आक्सीजन नहीं मिल पाई। मछलियों का आक्सीजन न मिलने से दम घुटा है। यदि पानी में कोई जहरीला पदार्थ मिलाया गया होता तो मेढ़क और कछुए और दूसरे जलजीव भी मौत का शिकार होते। उन्होंने बताया कि मरी सिर्फ मछलियां ही हैं। इसलिए जहर डाले जाने की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि वह पानी में बुझा हुआ चूना डलवा रहे हैं ताकि पानी साफ हो जाए और मछलियों को आक्सीजन मिल सके।