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Sambhal News: परिषदीय स्कूलों में शुरू हुई प्रथम सत्रीय परीक्षा
Thu, 20 Aug 2026 01:54 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Thu, 20 Aug 2026 01:54 AM IST
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चंदौसी। जिले के परिषदीय स्कूलों में बुधवार से नए शैक्षिक सत्र की प्रथम सत्रीय परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। परीक्षा 19 से 25 अगस्त तक दो पालियों में कराई जाएगी। पहले दिन परीक्षा सिर्फ प्रथम पाली में हुई। सुबह 8:30 बजे से 10:30 बजे तक चली परीक्षा में कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों की सभी विषयों की मौखिक परीक्षा हुई। वहीं, कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों की बेसिक क्राफ्ट, संबंधित कला, कृषि और खेल एवं शारीरिक शिक्षा विषय की परीक्षा कराई गई।
जिले में 1289 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। बच्चों की शैक्षिक प्रगति का आकलन करने के लिए विभाग की ओर से प्रथम सत्रीय परीक्षा कराई जा रही है। परीक्षा में अप्रैल से जुलाई तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम को शामिल किया गया है। विभाग ने सभी विद्यालयों को परीक्षा को लेकर आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश पहले ही जारी कर दिए थे। बुधवार को प्रथम सत्रीय परीक्षा की शुरुआत हुई। पहले दिन कक्षा एक से पांच तक के बच्चों की सभी विषयों की मौखिक परीक्षा हुई। शिक्षकों ने बच्चों से विषयवार सवाल पूछकर उनके ज्ञान का आकलन किया। वहीं, कक्षा छह से आठ तक के बच्चों की बेसिक क्राफ्ट, संबंधित कला, कृषि और खेल एवं शारीरिक शिक्षा विषय की लिखित परीक्षा कराई गई।
शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय स्तर पर ही उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया जाएगा। बच्चों के परीक्षा परिणाम के आधार पर शिक्षकों को यह पता चलेगा कि किस विद्यार्थी को किस विषय या पाठ को समझने में परेशानी हो रही है। इसके बाद कमजोर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को चिह्नित कर उनकी अलग सूची तैयार की जाएगी। ऐसे बच्चों को संबंधित पाठ दोबारा पढ़ाया जाएगा और जरूरत के अनुसार री-टीचिंग कराकर उनकी पढ़ाई में सुधार कराया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी मुंशी लाल पटेल ने बताया कि प्रथम सत्रीय परीक्षा 19 से 25 अगस्त तक सभी परिषदीय विद्यालयों में कराई जा रही है। परीक्षा के बाद बच्चों के प्रदर्शन का आकलन कर कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित किया जाएगा और जरूरत के अनुसार री-टीचिंग कराकर उनकी पढ़ाई में सुधार कराया जाएगा।
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जिले में 1289 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। बच्चों की शैक्षिक प्रगति का आकलन करने के लिए विभाग की ओर से प्रथम सत्रीय परीक्षा कराई जा रही है। परीक्षा में अप्रैल से जुलाई तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम को शामिल किया गया है। विभाग ने सभी विद्यालयों को परीक्षा को लेकर आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश पहले ही जारी कर दिए थे। बुधवार को प्रथम सत्रीय परीक्षा की शुरुआत हुई। पहले दिन कक्षा एक से पांच तक के बच्चों की सभी विषयों की मौखिक परीक्षा हुई। शिक्षकों ने बच्चों से विषयवार सवाल पूछकर उनके ज्ञान का आकलन किया। वहीं, कक्षा छह से आठ तक के बच्चों की बेसिक क्राफ्ट, संबंधित कला, कृषि और खेल एवं शारीरिक शिक्षा विषय की लिखित परीक्षा कराई गई।
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शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय स्तर पर ही उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया जाएगा। बच्चों के परीक्षा परिणाम के आधार पर शिक्षकों को यह पता चलेगा कि किस विद्यार्थी को किस विषय या पाठ को समझने में परेशानी हो रही है। इसके बाद कमजोर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को चिह्नित कर उनकी अलग सूची तैयार की जाएगी। ऐसे बच्चों को संबंधित पाठ दोबारा पढ़ाया जाएगा और जरूरत के अनुसार री-टीचिंग कराकर उनकी पढ़ाई में सुधार कराया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी मुंशी लाल पटेल ने बताया कि प्रथम सत्रीय परीक्षा 19 से 25 अगस्त तक सभी परिषदीय विद्यालयों में कराई जा रही है। परीक्षा के बाद बच्चों के प्रदर्शन का आकलन कर कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित किया जाएगा और जरूरत के अनुसार री-टीचिंग कराकर उनकी पढ़ाई में सुधार कराया जाएगा।
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