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डिलीवरी के बाद नवजात की मौत, परिजनों का हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Fri, 30 Dec 2016 01:37 AM IST
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न ही जच्चा-बच्चा को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं। इसका खामिजाया लोगों को भुगतना पड़ रहा है। असमोली सीएचसी में डिलीवरी के लिए आई एक महिला ने शिशु को जन्म दिया लेकिन कुछ ही घंटे में शिशु ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर आक्रोश व्यक्त करते हुए कुछ देर तक हंगामा किया।
असमोली क्षेत्र के बाबूखेडा गांव निवासी मोहम्मद कामिल ने अपनी पत्नी रेशमा खातून को प्रसव पीड़ा होने पर असमोली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लेकर सुबह 9.30 बजे पहुंचा था। दोपहर 2 बजे महिला ने शिशु को जन्म दिया लेकिन प्रसव के वक्त न तो कोई महिला डाक्टर थी और न ही कोई चिकित्सा के बेहतर इंतजाम थे। महिला ने जब शिशु को जन्म दिया तो उसकी हालत गंभीर थी।
डाक्टर ने उसे किसी विशेषज्ञ के पास ले जाने की सलाह दी क्योंकि अस्पताल में कोई बाल रोग विशेषज्ञ नहीं था। अस्पताल कर्मचारियों ने नवजात को कपड़े में लपेट कर परिजनों को सौंप दिया।
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परिजन उसे लेकर निजी अस्पताल पहुंचे। इलाज शुरू होने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। परिजन वापस सीएचसी असमोली पहुंचे और कुछ देर तक हंगामा काटा।
इसके बाद घर वापस लौट गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. संदीप राहल ने बताया कि महिला ने दोपहर में बच्चे को जन्म दिया था। जब बच्चा पैदा हुआ तो उसकी हालत अच्छी नहीं थी। उसे निजी अस्पताल में या जिला अस्पताल में ले जाने की सलाह परिजनों को दी गई थी।
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असमोली क्षेत्र के बाबूखेडा गांव निवासी मोहम्मद कामिल ने अपनी पत्नी रेशमा खातून को प्रसव पीड़ा होने पर असमोली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लेकर सुबह 9.30 बजे पहुंचा था। दोपहर 2 बजे महिला ने शिशु को जन्म दिया लेकिन प्रसव के वक्त न तो कोई महिला डाक्टर थी और न ही कोई चिकित्सा के बेहतर इंतजाम थे। महिला ने जब शिशु को जन्म दिया तो उसकी हालत गंभीर थी।
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डाक्टर ने उसे किसी विशेषज्ञ के पास ले जाने की सलाह दी क्योंकि अस्पताल में कोई बाल रोग विशेषज्ञ नहीं था। अस्पताल कर्मचारियों ने नवजात को कपड़े में लपेट कर परिजनों को सौंप दिया।
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परिजन उसे लेकर निजी अस्पताल पहुंचे। इलाज शुरू होने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। परिजन वापस सीएचसी असमोली पहुंचे और कुछ देर तक हंगामा काटा।
इसके बाद घर वापस लौट गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. संदीप राहल ने बताया कि महिला ने दोपहर में बच्चे को जन्म दिया था। जब बच्चा पैदा हुआ तो उसकी हालत अच्छी नहीं थी। उसे निजी अस्पताल में या जिला अस्पताल में ले जाने की सलाह परिजनों को दी गई थी।