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Sambhal News: क्लीनिक चलाने वाले हाईस्कूल पास झोलाछाप के खिलाफ केस
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रजपुरा। अवैध रूप से क्लीनिक का संचालन करने वाले हाईस्कूल पास झोलाछाप बंटी के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी का क्लीनिक में पहले भी तीन बार सील किया गया, लेकिन उसने हर बार सील तोड़कर फिर से क्लीनिक का संचालन शुरू कर दिया था।
रजपुरा में शनिवार को एसडीएम दीपक कुमार के आदेश के बाद सीएचसी प्रभारी डॉ. पवन कुमार ने झोलाछापों के खिलाफ अभियान चलाया था। उन्होंने रजपुरा में जर्रा क्लीनिक पर कार्रवाई की। यहां मौजूद डॉ. बंटी से चिकित्सा संबंधित दस्तावेज मांगें तो वह असमर्थता जताई थी। उसने बताया कि वह हाईस्कूल पास है। करीब पांच साल से क्लीनिक चला रहा है। इसके बाद डॉ. पवन कुमार ने क्लीनिक को सील कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि झोलाछाप बंटी के क्लीनिक पर पहले भी तीन बार कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन हर बार सील तोड़कर क्लीनिक संचालित कर लेता है। रविवार को झोलाछाप के नोडल डॉ. विरास यादव ने उसके खिलाफ रजपुरा थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4) और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम की धारा 34 (4) में रिपोर्ट दर्ज कराई। लेकिन एफआईआर में सील तोड़कर क्लीनिक संचालित करने का जिक्र नहीं किया गया।
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तीन बार सील तोड़कर संचालित किया क्लीनिक
गुन्नौर में झोलाछाप के नोडल डॉ. विरास यादव ने बीते साल 28 अक्टूबर को आईजीआरएस पर अपनी रिपोर्ट दी। जिसमें कहा कि 15 अगस्त 2024 को झोलाछाप बंटी का क्लीनिक अवैध रूप से संचालित पाया गया। जिसे कार्रवाई के बाद सील करा दिया गया। इसके अलावा एक रिपोर्ट में उन्होंने तत्कालीन चिकित्सा अधीक्षक रजपुरा डॉ. मनमोहन शर्मा द्वारा क्लीनिक सील करने का दावा किया था।
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रजपुरा में शनिवार को एसडीएम दीपक कुमार के आदेश के बाद सीएचसी प्रभारी डॉ. पवन कुमार ने झोलाछापों के खिलाफ अभियान चलाया था। उन्होंने रजपुरा में जर्रा क्लीनिक पर कार्रवाई की। यहां मौजूद डॉ. बंटी से चिकित्सा संबंधित दस्तावेज मांगें तो वह असमर्थता जताई थी। उसने बताया कि वह हाईस्कूल पास है। करीब पांच साल से क्लीनिक चला रहा है। इसके बाद डॉ. पवन कुमार ने क्लीनिक को सील कर दिया।
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स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि झोलाछाप बंटी के क्लीनिक पर पहले भी तीन बार कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन हर बार सील तोड़कर क्लीनिक संचालित कर लेता है। रविवार को झोलाछाप के नोडल डॉ. विरास यादव ने उसके खिलाफ रजपुरा थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4) और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम की धारा 34 (4) में रिपोर्ट दर्ज कराई। लेकिन एफआईआर में सील तोड़कर क्लीनिक संचालित करने का जिक्र नहीं किया गया।
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तीन बार सील तोड़कर संचालित किया क्लीनिक
गुन्नौर में झोलाछाप के नोडल डॉ. विरास यादव ने बीते साल 28 अक्टूबर को आईजीआरएस पर अपनी रिपोर्ट दी। जिसमें कहा कि 15 अगस्त 2024 को झोलाछाप बंटी का क्लीनिक अवैध रूप से संचालित पाया गया। जिसे कार्रवाई के बाद सील करा दिया गया। इसके अलावा एक रिपोर्ट में उन्होंने तत्कालीन चिकित्सा अधीक्षक रजपुरा डॉ. मनमोहन शर्मा द्वारा क्लीनिक सील करने का दावा किया था।