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Sambhal News: कार्यों की अनदेखी में तत्कालीन एबीएसए असमोली को प्रतिकूल प्रविष्टि
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संभल। पहले नौकरी फिर वेतन के नाम पर वसूली के आरोपों में निलंबित बीआरसी कार्यालय, असमोली में तैनात रहे कनिष्ठ सहायक चितरंजन बाबू पर शिकंजा कसा है। अब कार्यों की अनदेखी करने में तत्कालीन एबीएसए असमोली अंशुल कुमार (वर्तमान में जुनावई एबीएसए) को भी प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। बीएसए अलका शर्मा ने बताया कि गांव नेकपुर निवासी मोनिका त्यागी ने डीएम से शिकायत की थी कि वह नेकपुर उच्च माध्यमिक विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। उनके पति सहायक अध्यापक थे। उनकी मृत्यु के बाद मृतक आश्रित में उनको नौकरी मिली है। उनके पति दुष्यंत कुमार जाटों वाली मढैया के विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थे। 29 मार्च 2023 को उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए विभाग से संपर्क किया।
बीआरसी में तैनात बाबू चितरंजन कुमार ने बीएसए के नाम पर पांच लाख रुपये की मांग की थी। बाद में चार लाख रुपये तय किए गए थे। इसमें 2.32 लाख रुपये नकद बाबू को दिए थे। जिसके चलते 6 जुलाई 2024 को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के तौर पर नियुक्ति हो गई थी। इसके बाद अलग-अलग समय में चितरंजन बाबू ने अपनी पत्नी के खाते में बाकी बचे रुपये भी डलवाए थे। बाद में वेतन निकलवाने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग भी की गई।
इस मामले की जांच हुई तो बाबू दोषी निकला। उसके खिलाफ एफआईआर हुई। बाद में निलंबित किया गया। इस पूरे प्रकरण पर तत्कालीन एबीएसए अंशुल कुमार ने भी अपने दायित्व का निर्वहन ठीक से नहीं किया। इसलिए उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई है।
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बीआरसी में तैनात बाबू चितरंजन कुमार ने बीएसए के नाम पर पांच लाख रुपये की मांग की थी। बाद में चार लाख रुपये तय किए गए थे। इसमें 2.32 लाख रुपये नकद बाबू को दिए थे। जिसके चलते 6 जुलाई 2024 को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के तौर पर नियुक्ति हो गई थी। इसके बाद अलग-अलग समय में चितरंजन बाबू ने अपनी पत्नी के खाते में बाकी बचे रुपये भी डलवाए थे। बाद में वेतन निकलवाने के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग भी की गई।
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इस मामले की जांच हुई तो बाबू दोषी निकला। उसके खिलाफ एफआईआर हुई। बाद में निलंबित किया गया। इस पूरे प्रकरण पर तत्कालीन एबीएसए अंशुल कुमार ने भी अपने दायित्व का निर्वहन ठीक से नहीं किया। इसलिए उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई है।
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