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प्रचार-प्रसार न होने से सरकारी किसान पाठशाला पाठशालाओं में नहीं जुटे किसान

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jun 2019 01:44 AM IST
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प्रचार-प्रसार न होने से सरकारी किसान पाठशाला पाठशालाओं में नहीं जुटे किसान
संभल। जिले में चार दिनों की किसान पाठशालाओं का शुभारंभ सोमवार की सुबह साढ़े नौ बजे हो गया लेकिन प्रचार-प्रसार न होने की वजह से पाठशालाआें की सफलता सुनिश्चित नहीं हो सकी। अधिकारियों ने यह कहते हुए अपना बचाव किया कि सोमवार को पहला दिन था। इसलिए कम किसान जुटे। अब अगले तीन दिनों तक होने वाली किसान पंचायतों में किसानों की भीड़ नजर आएगी।
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लहरा कमंगर गांव में आयोजित किसान पाठशाला की जानकारी ग्रामीणों को पहले से नहीं मिल सकी। परिणाम यह रहा कि किसान पाठशाला में किसान नहीं जुट सके। मात्र छह किसानों को बैठाकर किसान पाठशाला की रस्म अदायगी की गई। यह स्थिति तब है जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसान पाठशाला को अपने कार्यक्रमों की प्राथमिकता सूची में रखा हुआ है।
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शासन की ओर से किसान पाठशाला का समय सुबह साढ़े नौ बजे से साढ़े दस बजे तक निर्धारित है लेकिन कृषि विभाग के कर्मचारी और अधिकारी खुद पाठशालाओं में देरी से पहुंचे। कई स्थानों पर किसान पाठशाला के लिए पहले से कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। इसलिए आयोजन समय पर शुरू नहीं हो सके।
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संभल जिले के गांव लहरा कमंगर गांव में सोमवार को किसान पाठशाला का आयोजन होना था। लेकिन सुबह आठ बजे तक न किसी किसान को इसके बारे में कोई जानकारी दी गई थी और न किसी किसान के बैठने का इंतजाम किया गया था।
अव्यवस्थाओं के बीच ही 10:10 बजे बजे पाठशाला का शुभारंभ कर दिया गया। मात्र तीस मिनट में पाठशाला का समापन किया गया। जो किसान पाठशाला में पहुंचे वह बैठने के लिए तिरपाल बिछाकर बैठे। इस मौके पर कृषि विभाग के कर्मचारी सुभाष ने किसानों को खेत की मिट्टी की जांच के लिए प्रेरित किया। साथ ही बीज के अनुदान की योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कृषि पाठशाला में बताया कि धान का फाउंडेशन बीज 57 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिलेगा, इसमें से सब्सिडी के रूप में आधी कीमत वापस होगी।

इसी तरह बासमती धान का बीज 52 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिलेगा। इसमें 26 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब वापस मिलेंगे। किसान को रुपये वापस तभी मिलेंगे जब वह कृषि विभाग में अपना पंजीकरण करा लेगा। पंजीकरण के वक्त किसान को अपना आधार कार्ड, खतौनी, मोबाइल नंबर आदि के बारे में जानकारी देनी होगी। पवांसा में सरकारी क्रय केंद्र पर पंजीकरण हो सकता है। इस दौरान कृषि विभाग के नीरज गौतम अनुपस्थित रहे। मुजफ्फरपुर में किसान पंचायत फीकी रही। पचास किसान भी नहीं जुटे जबकि क्षेत्र में किसानों की संख्या सैकड़ों में है।
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