फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   saint bhola giri on to fast since 37 years

बेटियों पर अत्याचार खत्म होने के लिए 37 साल से तप

Wed, 16 Jan 2013 01:34 PM IST
अंकुर त्रिपाठी/महाकुंभ नगर (इलाहाबाद)
अंकुर त्रिपाठी/महाकुंभ नगर (इलाहाबाद) Updated Wed, 16 Jan 2013 01:34 PM IST
विज्ञापन
saint bhola giri on to fast since 37 years

विश्व में सुख-शांति की कामना करते हजारों साधु-संत महाकुंभ मेले में आए हैं। उनमें तमाम ऐसे हैं जो बरसों से किसी न किसी साधना में लीन हैं। काली मार्ग पर दशनाम आवाहन अखाड़ा में आए उर्ध्व बाहु तपस्वी हठयोगी महंत भोला गिरि और उनके शिष्य महंत कालगिरि खड़ेश्वरी भी ऐसे साधक हैं। वे दुनिया से बेटियों पर अत्याचार और गौ हत्या खत्म होने की कामना से तपस्या कर रहे हैं।

विज्ञापन


गुजरात में वडोदरा स्थित शिवबाड़ी आश्रम के महंत भोला गिरी बापू हठयोगी नागा हैं। पिछले 37 बरसों से वह लगातार अपने बाएं हाथ को ऊपर उठाकर रखते हैं। इस वजह से उन्हें उर्ध्व बाहु तपस्वी कहा जाता है। भोलागिरी कहते हैं कि वह दुनिया में चौतरफा गायों के वध से बेहद दुखी हैं। इसी तरह बहू-बेटियों पर हो रहे जुल्म से भी उनके मन को भारी ठेस पहुंची है।
विज्ञापन


ऐसी घटनाओं से विचलित होकर उन्होंने तय कर लिया कि वह कन्याओं और गायों की हत्या पर अंकुश की कामना करते हुए तपस्या करेंगे। तब से वह अपने बाएं हाथ को अनवरत उठाए रहते हैं। 35 साल तक उन्होंने अन्न नहीं लिया। सेहत बिगड़ने पर डॉक्टर के दबाव पर दो साल पहले उन्होंने एक वक्त फलाहार शुरू कर दिया। मगर वह अपने संकल्प पर अडिग हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


खड़े रहकर जीवन गुजारने का प्रण
महंत भोला गिरि के शिष्य राजस्थान के अलवर जनपद से आए महंत काल गिरि खड़ेश्वरी ने भी पांच साल पहले विश्व में अमन-चैन की कामना के साथ खड़े रहकर जीवन गुजारने का प्रण लिया। वह हरदम खड़े रहते हैं। खड़े-खड़े ही फलाहार और झपकी भी ले लेते हैं।

हिमाचल प्रदेश से आए श्री महंत गंगा गिरि माताजी कहते हैं कि लोगों में जोर-जुल्म के खिलाफ चेतना और समाज कल्याण की भावना आनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed