{"_id":"906afbb2-b24c-11e2-ae1a-d4ae52bc57c2","slug":"rice-scam-in-muradabad","type":"story","status":"publish","title_hn":"घोटाला: एक बड़े चावल घोटाले का पर्दाफाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घोटाला: एक बड़े चावल घोटाले का पर्दाफाश
मुरादाबाद/ब्यूरो
Updated Wed, 01 May 2013 04:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक बड़े चावल घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। राइस मिल से 2 हजार 560 कुंतल सरकारी चावल गायब हो गया है। इसकी कीमत पचास लाख से ज्यादा आंकी गई है। राइस मिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर दे दी गई जबकि नगीना के सेंटर इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया है।
विज्ञापन
धामपुर के मार्केटिंग इंसपेक्टर के निलंबन की संस्तुति करते हुए खाद्य आयुक्त को रिपोर्ट भेज दी गई। डिप्टी आरएमओ भी कार्रवाई के दायरे में आ रहे हैं।
मंडल में 150 राइस मिलें हैं जो सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदे जाने वाले धान की कुटाई करती हैं। इन मिलों को कुटाई का चार्ज दिया जाता है।
बिजनौर जनपद के गांव रामठेरा में लक्ष्मी फूड प्रोडक्ट राइस मिल को नगीना और धामपुर सेंटर पर खरीदा गया धान कुटाई को दिया गया। जब 28 फरवरी को खरीद समाप्त हुई तो एजेंसियों ने अपना चावल मांगा। इस मिल पर दो हजार 560 कुंतल चावल था।
विज्ञापन
आरएफसी सुधाकर मिश्रा ने बताया कि वह लगातार मिल मालिक से बात करते रहे मगर वह टालमटोल करता रहा। तीन अफसरों की एक टीम बनाकर जब चेकिंग कराई गई तो पता चला कि मिल में चावल है ही नहीं। मिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर दे दी गई है।
विज्ञापन
पांच लाख की बैंक गारंटी भी जब्त कर ली गई। मिल को पांच साल के लिए डिबार किया गया है। वहीं नगीना के केंद्र प्रभारी राकेश सिंह को सस्पेंड कर दिया गया जबकि धामपुर के मार्केटिंग इंसपेक्टर रवि प्रताप सिंह के निलंबन को फूड इंसपेक्टर को लिखा गया है। डिप्टी आरएमओ सोहनवीर सिंह ने जांच में शिथिलता बरती है लिहाजा उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।