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बैठक में इस बात पर राहुल और प्रियंका हो गए नाराज!
गौरीगंज/अमेठी/ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jul 2013 12:02 AM IST
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उत्तर प्रदेश के अमेठी में संगठन पुनर्गठन प्रक्रिया को लेकर चल रहे आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच बुधवार को राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा ने भी इस पर सवाल उठाए।
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दोनों ने कई ब्लॉकों में वरिष्ठों की अनदेखी पर नाराजगी जताई। राहुल ने कमेटी से चार ब्लॉकों का नाम लेकर कहा कि यहां के कुछ वरिष्ठ कांग्रेसियों से देर शाम तक उनकी मुलाकात कराई जाए। इसे डैमेज कंट्रोल की कोशिश माना जा रहा है।
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अमेठी में पार्टी को मजबूत करने की कोशिश को मुकाम तक पहुंचाने के लिए मंगलवार को बहन प्रियंका वाड्रा के साथ मुंशीगंज गेस्ट हाउस पहुंचे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार दोपहर विधानसभा स्तर पर गठित कमेटी में शामिल नेताओं के साथ बैठक की।
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बैठक संगठन पुनर्गठन प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का जवाब देने के लिए बुलाई गई थी। बैठक में राहुल-प्रियंका ने कमेटी में शामिल विधायक, विधानसभा चुनाव लड़ चुके पार्टी नेता, विधानसभा के मौजूदा प्रभारी व पीसीसी सदस्यों को उनकी मेहनत के लिए धन्यवाद देने के साथ ही वरिष्ठों की अनदेखी पर नाराजगी जताई।
भेटुआ, गौरीगंज, सलोन और मुसाफिरखाना ब्लॉकों में कई वरिष्ठों की अनदेखी पर राहुल ने उन्हें भी पैनल में शामिल करते हुए देर शाम उनसे मुलाकात कराने का निर्देश दिया। बुधवार को राहुल व प्रियंका ने कुल 46 कांग्रेस नेताओं का इंटरव्यू लिया।
इस बीच प्रियंका वाड्रा शाम 4:20 बजे गेस्ट हाउस के पिछले दरवाजे से बाहर निकल गईं। अमूमन राहुल के हर दौरे में उन्हें घेरने की कोशिश करने वाली जन कल्याण समिति अध्यक्ष रीता सिंह बुधवार को भी आईं।
दोपहर बाद करीब एक सौ से ज्यादा समर्थकों के साथ गेस्ट हाउस पहुंचीं रीता ने राहुल से मिलाने की मांग की। हालांकि बाद में वह सांसद प्रतिनिधि चंद्रकांत दुबे और जिलाध्यक्ष प्रेम नारायण तिवारी को ज्ञापन सौंपकर वापस हो गईं।
पागल बाबा ने दिया धरना
किसान समस्याओं को लेकर जूझने वाले किसान नेता रतीपाल उर्फ पागल बाबा ने भी गेस्ट हाउस के बाहर धरना दिया। मौका पाकर बैनर टांगने के बाद अकेले कुछ देर के लिए धरने पर बैठे पागल बाबा ने किसान समस्याओं को हल कराने की मांग की।