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Pratapgarh News: नाले में मिट्टी डालने पर महिलाओं ने जताया विरोध
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दहिलामऊ के गायघाट रोड पर साकेत पीजी कॉलेज के पास प्रबंधन द्वारा अस्थाई रास्ते के लिए नाले में मिट्टी डालने पर शुक्रवार को महिलाओं ने जमकर विरोध किया। विरोध की सूचना पर आपदा विशेषज्ञ और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अचलपुर आश्रय स्थल में रह रहे जलभराव पीड़ित भी गायघाट रोड पहुंचे। काफी देकर तक सड़क पर मौजूद महिलाओं ने कॉलेज प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए नाला निर्माण की मांग की। आपदा विशेषज्ञ अनुपम और एसआई सतीश यादव ने आक्रोशित भीड़ का समझा बुझाकर मामला शांत कराया। साथ ही जल्द नाला निर्माण का आश्वासन दिया।
विरोध में मीरा पांडेय, मीना पाल, गुड्डन, प्रीती, आरती सिंह, रीता यादव, आरती देवी, सरोज कुमारी, रेखा देवी, शहनाज बेगम, ममता बेन, अमरपाल, राजेंद्र कुमार, धर्मेंद्र शामिल रहे। सभी लोगों ने जलभराव वाले क्षेत्र में फॉगिंग व कीटनाशकों के छिड़काव नहीं होने से नाराजगी जताई।
पानी की निकासी अभी भी पूरी तरह से नहीं हो पाई है। टैंकर से एक दिन पानी निकाला गया। अब स्कूल वाले नाले में मिट्टी डालकर उसे बंद करना चाहते हैं।
अमरपाल, गायघाट रोड
मिट्टी डालने का जब मेरी बेटी ने वीडियो बनाना शुरू किया तो उसे धमकाया गया। प्रशासन के अफसर भी हमारी नहीं सुन रहे हैं। नाला खोद कर छोड़ दिया गया।
सरोज कुमारी, गायघाट रोड
आठ दिन से ज्यादा का समय बीत गया। अपने घर से दूर हो गए। आश्रय स्थल में रहने को मजबूर हैं। नाले में मिट्टी डालकर बंद किया जा रहा है। जिसका हम सभी विरोध कर रहे हैं।
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अनार देवी, गायघाट रोड
जलभराव के चलते हम सभी को परेशानी हो रही है। बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। नाला खोदकर छोड़ दिया। स्कूल वाले मिट्टी डालकर उसे बंद करना चाहते हैं। बारिश में हम सभी का घर फिर से डूब जाएगा।
चमेला देवी, गायघाट रोड
संस्थापक ने बताया कि वह खुद हैं पीड़ित
साकेत पीजी काॅलेज के संस्थापक अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि 28 सितंबर से विद्यालय बंद है। शुक्रवार को किसी प्रकार से विद्यालय संचालित किया। छात्राओं को आवागमन में परेशानी न हो इसलिए अस्थाई रास्ता बनाया जा रहा था। नगर पालिका ने जो नाला से मिट्टी निकलवा दी लेकिन निर्माण नहीं हुआ। साथ ही नाले से थोड़ा भी पानी नहीं निकला। पुलिया के माध्यम से जमा पानी निकला।
गायघाट रोड पर नाले का निर्माण जल्द कराया जाएगा। इसके लिए नगर पालिका के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जलभराव के पीड़िताें को आश्रय स्थल भिजवाया गया है। पीड़ितों के घरों का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया गया है।
- शैलेंद्र वर्मा, एसडीएम सदर।
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विरोध में मीरा पांडेय, मीना पाल, गुड्डन, प्रीती, आरती सिंह, रीता यादव, आरती देवी, सरोज कुमारी, रेखा देवी, शहनाज बेगम, ममता बेन, अमरपाल, राजेंद्र कुमार, धर्मेंद्र शामिल रहे। सभी लोगों ने जलभराव वाले क्षेत्र में फॉगिंग व कीटनाशकों के छिड़काव नहीं होने से नाराजगी जताई।
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पानी की निकासी अभी भी पूरी तरह से नहीं हो पाई है। टैंकर से एक दिन पानी निकाला गया। अब स्कूल वाले नाले में मिट्टी डालकर उसे बंद करना चाहते हैं।
अमरपाल, गायघाट रोड
मिट्टी डालने का जब मेरी बेटी ने वीडियो बनाना शुरू किया तो उसे धमकाया गया। प्रशासन के अफसर भी हमारी नहीं सुन रहे हैं। नाला खोद कर छोड़ दिया गया।
सरोज कुमारी, गायघाट रोड
आठ दिन से ज्यादा का समय बीत गया। अपने घर से दूर हो गए। आश्रय स्थल में रहने को मजबूर हैं। नाले में मिट्टी डालकर बंद किया जा रहा है। जिसका हम सभी विरोध कर रहे हैं।
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अनार देवी, गायघाट रोड
जलभराव के चलते हम सभी को परेशानी हो रही है। बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। नाला खोदकर छोड़ दिया। स्कूल वाले मिट्टी डालकर उसे बंद करना चाहते हैं। बारिश में हम सभी का घर फिर से डूब जाएगा।
चमेला देवी, गायघाट रोड
संस्थापक ने बताया कि वह खुद हैं पीड़ित
साकेत पीजी काॅलेज के संस्थापक अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि 28 सितंबर से विद्यालय बंद है। शुक्रवार को किसी प्रकार से विद्यालय संचालित किया। छात्राओं को आवागमन में परेशानी न हो इसलिए अस्थाई रास्ता बनाया जा रहा था। नगर पालिका ने जो नाला से मिट्टी निकलवा दी लेकिन निर्माण नहीं हुआ। साथ ही नाले से थोड़ा भी पानी नहीं निकला। पुलिया के माध्यम से जमा पानी निकला।
गायघाट रोड पर नाले का निर्माण जल्द कराया जाएगा। इसके लिए नगर पालिका के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जलभराव के पीड़िताें को आश्रय स्थल भिजवाया गया है। पीड़ितों के घरों का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया गया है।
- शैलेंद्र वर्मा, एसडीएम सदर।