फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   water problem in pratapgarh disst.

पानी की जगह गटक रहे बीमारी, हैंडपंप से निकल रहे कीड़े

Mon, 11 Apr 2016 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Mon, 11 Apr 2016 11:52 PM IST
विज्ञापन
water problem in pratapgarh disst.
बेलखरनाथ के कई गांवों में है संकट, प्रदूषित पानी के चलते मुश्किल में लोग
विकास खंड बेलखरनाथ के कई गांवों में पेयजल का संकट बन गया है। गांव के लोग स्वच्छ पानी की जगह पर प्रदूषित पानी पीने को विवश हैं। हालात इस कदर खराब हो गए हैं कि नलों से पानी की जगह से कीड़े निकल रहे हैं। अधिकांश हैंडपंपों का पानी खराब हो गया है। कुछ घंटों के बाद बर्तन में रखे पानी का रंग पीला हो जा रहा है। बर्तन का रंग भी पीला हो जा रहा है। ऐसी दशा में गांव के लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
विज्ञापन


बेलखरनाथ के गांव करनपुर खूझी, खूझीकला, जगदीशगढ़, गोलापुर, यहियापुर में हैंडपंपों से प्रदूषित पानी निकल रहा है। करनपुर खूझी गांव की यादव बस्ती में हैंडपंप में से पानी के साथ बड़े-बड़े कीड़े निकल रहे हैं। गांव के लोग हैंडपंप में कपड़ा बांधकर किसी तरह पानी ले रहे हैं। प्रदूषित पानी पीने की वजह से गांव के नौनिहाल व लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। गांव के कृष्णा (6), राज यादव (8), प्रियांशु, श्लोक समेत दर्जनों बच्चे दूषित पानी के चलते बुखार व डायरिया से पीड़ित हैं। गांव के लोगों ने इस समस्या की कई बार शिकायत की, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। यही हाल कमोवेश कई अन्य गंावों का है। यहां खारे पानी से निजात दिलाने के लिए बेलखरनाथ धाम के समीप एक पेयजल टंकी की स्थापना की गई, लेकिन उसका भी संचालन ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा है। प्रशासन द्वारा जल जांच के नाम पर सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाता है। सही रिपोर्ट क्या है, इसकी मानीटरिंग कभी नहीं की गई। गांव के लोग मजबूरी में पानी की जगह बीमारी गटक रहे हैं।
विज्ञापन


जल संचयन को लेकर फिक्रमंद नहीं अफसर
स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का दावा गांवों में पूरी तरह फेल है। गांवों में पेयजल संकट, प्रदूषित पानी से निजात दिलाने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। जनप्रतिनिधि व जिम्मेदार अफसर सिर्फ वादे करते नजर आ रहे हैं। बेलखरनाथ, शिवगढ़, मंगरौरा ब्लाक को डेंजर जोन में पूर्व में ही रखा जा चुका है। यहां ट्यूबबेल व गहरे बोरिंग पर रोक लगी हुई है। ऐसी दशा में प्रशासनिक अमले द्वारा जल संचयन के लिए जागरूकता अभियान भी नहीं चलाया गया है और न ही दूषित पेयजल से ग्रामीणों को निजात मिल पा रही है। जल संचयन को लेकर अफसर उदासीन बने हुए हैं। गांव के तालाबों, कुओं में पेयजल की उपलब्धता के लिए भी प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed