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पानी की समस्या से शहरी हो सकते हैं हलाकान
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sun, 10 Apr 2016 11:53 PM IST
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water problem
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नगर पालिका द्वारा मोहल्लों में लगाई गईं पानी की टंकियां इन दिनों बंद पड़ी हैं। इससे उस पर आश्रित रहने वाले लोगों के सामने पेयजल का संकट मंडराने लगा है। लोग परेशान होकर विभाग का चक्कर काट रहे हैं। मगर जिम्मेदार अधिकारी उसे बनवाने के लिए कोई कवायद नहीं कर रहे। इससे आने वाले दिनों में पानी के लिए शहरियों को हलाकान होना पड़ सकता है।
अप्रैल माह में ही गर्मी अपने चरम सीमा पर पहुंच चुकी है। इसके चलते हर दिन पानी की खपत भी बढ़ती जा रही है। शहर वासियों को पानी की दिक्कत से जूझना न पड़े। इसके लिए लाखों रुपये की लागत से शहरी मोहल्लों में कुएं में बोर कराकर सबमरसिबल पंप लगाया गया था। कुएं के बगल ही पानी की टंकी भी स्टैंड पर रख दी गई थी। जिसमें भरे पानी का उपयोग लोग करते थे। बीते कई वर्षों से कुछ पानी की टंकियाें को छोड़कर सब बंद पड़े हैं। किसी की मोटर जल गई है तो किसी की पाइप ही खराब हो गई है। कारण यह है कि अप्रैल में जून माह जैसी गर्मी पड़ रही है तो जून में क्या हाल होगा। उस समय तो पानी की और मांग बढ़ेगी। जिससे पानी की टंकियों पर आश्रित शहरियों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ सकता है।
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अप्रैल माह में ही गर्मी अपने चरम सीमा पर पहुंच चुकी है। इसके चलते हर दिन पानी की खपत भी बढ़ती जा रही है। शहर वासियों को पानी की दिक्कत से जूझना न पड़े। इसके लिए लाखों रुपये की लागत से शहरी मोहल्लों में कुएं में बोर कराकर सबमरसिबल पंप लगाया गया था। कुएं के बगल ही पानी की टंकी भी स्टैंड पर रख दी गई थी। जिसमें भरे पानी का उपयोग लोग करते थे। बीते कई वर्षों से कुछ पानी की टंकियाें को छोड़कर सब बंद पड़े हैं। किसी की मोटर जल गई है तो किसी की पाइप ही खराब हो गई है। कारण यह है कि अप्रैल में जून माह जैसी गर्मी पड़ रही है तो जून में क्या हाल होगा। उस समय तो पानी की और मांग बढ़ेगी। जिससे पानी की टंकियों पर आश्रित शहरियों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ सकता है।
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