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ड्राइवर बनाने के नाम पर ले गए सऊदी अरब, चरा रहा बकरियां
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Mon, 11 Dec 2017 12:10 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
- फोटो : pratapgarah
सात समंदर पार कमाने गए बेटे का दर्द सुनकर विधवा मां के साथ पूरा परिवार तड़प रहा है। विदेश में नौकरी कर परिवार व खुद बेहतर बनने का सपना चकनाचूर हो गया। कफील की यातना से परेशान युवक की दास्तान सुन विधवा मां ने उसे वापस बुलाने के लिए अधिकारियों संग विदेश मंत्रालय से गुहार लगाई है।
कोहंड़ौर थाना क्षेत्र के मठिया शिवपुर निवासी रंजीत कुमार वर्मा पुत्र मेवालाल वर्मा परिवार की माली हालत खराब होने पर कर्ज लेकर सऊदी अरब कमाने गया था। चालक की नौकरी के लिए उसे वीजा हासिल करना था। जिसके लिए पासपोर्ट व वीजा दिलाने वाले दलालों ने उससे मुंहमांगी रकम ली। उसने सपना देखा कि वह अपनी मेहनत से घर परिवार की माली हालत सुधार लेगा। रंजीत जब सऊदी अरब पहुंचा तो उसका सपना चकनाचूर हो गया। उसका मालिक उसे भूखों रखता है। रात दिन केवल उसे रोना आता है। ड्राइवर की नौकरी देने के बजाय उससे बकरी चराई जाती है। कभी उसे सफाई के काम पर लगा दिया जाता है। अपने लाडले की इस दशा की खबर सुनकर मां की आंखों से लगातार अश्क बह रहा है। विधवा केवला देवी बेटे रंजीत से मोबाइल पर बात करने के दौरान फफक पड़ती है। उसकी दशा सुनकर पूरा परिवार हलाकान है। अब परिवार के लोग उस दलाल को खोज रहे हैं लेकिन वह नहीं मिला। बताते हैं कि डेढ़ साल पहले दलाल के झांसे में आकर रंजीत कर्ज लेकर सऊदी अरब के धुम्रा शहर में नौकरी करने गया था। कफील की यातनाओं के चलते वहां पर रंजीत बीमार चल रहा है। रंजीत ने अधिकारियों के साथ ही प्रधानमंत्री से बेटे को वापस बुलाने की गुहार लगा चुकी है।
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कोहंड़ौर थाना क्षेत्र के मठिया शिवपुर निवासी रंजीत कुमार वर्मा पुत्र मेवालाल वर्मा परिवार की माली हालत खराब होने पर कर्ज लेकर सऊदी अरब कमाने गया था। चालक की नौकरी के लिए उसे वीजा हासिल करना था। जिसके लिए पासपोर्ट व वीजा दिलाने वाले दलालों ने उससे मुंहमांगी रकम ली। उसने सपना देखा कि वह अपनी मेहनत से घर परिवार की माली हालत सुधार लेगा। रंजीत जब सऊदी अरब पहुंचा तो उसका सपना चकनाचूर हो गया। उसका मालिक उसे भूखों रखता है। रात दिन केवल उसे रोना आता है। ड्राइवर की नौकरी देने के बजाय उससे बकरी चराई जाती है। कभी उसे सफाई के काम पर लगा दिया जाता है। अपने लाडले की इस दशा की खबर सुनकर मां की आंखों से लगातार अश्क बह रहा है। विधवा केवला देवी बेटे रंजीत से मोबाइल पर बात करने के दौरान फफक पड़ती है। उसकी दशा सुनकर पूरा परिवार हलाकान है। अब परिवार के लोग उस दलाल को खोज रहे हैं लेकिन वह नहीं मिला। बताते हैं कि डेढ़ साल पहले दलाल के झांसे में आकर रंजीत कर्ज लेकर सऊदी अरब के धुम्रा शहर में नौकरी करने गया था। कफील की यातनाओं के चलते वहां पर रंजीत बीमार चल रहा है। रंजीत ने अधिकारियों के साथ ही प्रधानमंत्री से बेटे को वापस बुलाने की गुहार लगा चुकी है।
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