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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नहीं है महिला चिकित्सक
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 02 Apr 2016 12:22 AM IST
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अध्ययन बताते हैं कि इंजेक्शन सबसे पसंदीदा गर्भ निरोधकों में से है।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) लीलापुर में महिला चिकित्सक की तैनाती न होने से मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि एएनएम भी ड्यूटी पर नहीं आती हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लीलापुर में महिला चिकित्सक के लिए एक पद सृजित है। साथ ही एक पद एएनएम के लिए है। लोगों का कहना है कि करीब पांच साल पहले स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक डॉ. शालिनी भाष्कर की तैनाती की गई थी। उनके तबादले के बाद से अब तक केंद्र पर महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं की गई। वहीं एएनएम के भी ड्यूटी से गायब रहने से महिलाओं को सुविधा नहीं मिल रही है। इससे दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
प्राइवेट अस्पतालों में जेब ढीली करनी पड़ती है। लोगों का कहना है कि विभाग की अनदेखी से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान गंगेंद्र बहादुर सिंह, विद्यावती ओझा,मलेश बहादुर सिंह, अनिल सिंह, शिवशंकर ओझा, मनोज सिंह, जय सिंह बहादुर, डॉ. राकेश सिंह, हैदर अली, रामचंद्र मोदनवाल, राजकुमार सिंह आदि ने शिकायत जिला प्रशासन करने की बात कही है।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लीलापुर में महिला चिकित्सक के लिए एक पद सृजित है। साथ ही एक पद एएनएम के लिए है। लोगों का कहना है कि करीब पांच साल पहले स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक डॉ. शालिनी भाष्कर की तैनाती की गई थी। उनके तबादले के बाद से अब तक केंद्र पर महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं की गई। वहीं एएनएम के भी ड्यूटी से गायब रहने से महिलाओं को सुविधा नहीं मिल रही है। इससे दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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प्राइवेट अस्पतालों में जेब ढीली करनी पड़ती है। लोगों का कहना है कि विभाग की अनदेखी से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान गंगेंद्र बहादुर सिंह, विद्यावती ओझा,मलेश बहादुर सिंह, अनिल सिंह, शिवशंकर ओझा, मनोज सिंह, जय सिंह बहादुर, डॉ. राकेश सिंह, हैदर अली, रामचंद्र मोदनवाल, राजकुमार सिंह आदि ने शिकायत जिला प्रशासन करने की बात कही है।
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