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हीरोइन बनने भागी थीं मुंबई, पैसा खत्म होते ही टूटा ख्वाब
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Mon, 30 May 2016 12:19 AM IST
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फिल्मों में हीरोइन बनने के लिए घर से भागी किशोरी व युवती का सपना रुपये खत्म होते ही टूट गया। मनचले भी दोनों को झांसा देने लगे। इससे परेशान होकर दोनों रेलवे पुलिस के पास पहुंचीं और मदद की गुहार लगाई। सीएसटी रेलवे पुलिस ने प्रतापगढ़ पुलिस से बातचीत करने के बाद दोनों को ट्रेन में बैठाकर रवाना कर दिया। दोनों के जनपद पहुंचने पर पुलिस ने राहत की सांस ली। नगर कोतवाली के जीआईसी के करीब रहने वाली एक किशोरी 23 मई को पड़ोस में ही रहने वाली महिला की रिश्तेदार युवती के साथ घर से भाग निकली। काफी खोजबीन के बाद भी किशोरी को पता नहीं लगा। इस बीच जोगापुर की युवती के साथ भागने की बात सामने आई। कोतवाली पुलिस ने युवती के भाई को पूछताछ के लिए उठा लिया। उससे लगातार पुलिस पूछताछ करती रही। रविवार को मकंद्रूगंज चौकी प्रभारी अजीत शुक्ला दोनों को इलाहाबाद जंक्शन से सुरक्षित ले आए।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान किशोरी व युवती ने बताया कि वे फिल्मी दुनिया की चकाचौंध से प्रभावित होकर हीरोइन बनने के लिए घर से भागकर मुंबई गई थीं। उनके पास करीब दस हजार रुपये थे। मुंबई पहुंचने के बाद दोनोें एक लाज में रुक गईं। वहां रुकने के बाद वे फिल्मों में काम खोजने के लिए स्टूडियो के चक्कर काटने लगीं। दोनों की हरकतों से लोगों को शंका हुई। इस बीच कुछ मनचले उन्हें झांसा देने लगे। फिल्म में हीरोइन बनाने के लिए उन्होंने दोनों को स्टूडियो के चक्कर भी लगवाए। दोनों के पास रहे रुपये भी धीरे-धीरे खर्च हो गए। अब उन्हें अपने परिवार की चिंता सताने लगी। उनके पास घर जाने के लिए टिकट के भी रुपये नहीं थे। ऐसे में दोनों ने छत्रपति शिवाजी टर्मिनल पहुंचकर रेलवे पुलिस से मदद मांगी। उनकी आपबीती सुनने के बाद वहां की पुलिस ने दोनों को इलाहाबाद जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया। वे रविवार को इलाहाबाद स्टेशन पर पहुंची तो चौकी प्रभारी अजीत शुक्ला उन्हें अपने साथ ले आए। दोनों के सकुशल लौटने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
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पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान किशोरी व युवती ने बताया कि वे फिल्मी दुनिया की चकाचौंध से प्रभावित होकर हीरोइन बनने के लिए घर से भागकर मुंबई गई थीं। उनके पास करीब दस हजार रुपये थे। मुंबई पहुंचने के बाद दोनोें एक लाज में रुक गईं। वहां रुकने के बाद वे फिल्मों में काम खोजने के लिए स्टूडियो के चक्कर काटने लगीं। दोनों की हरकतों से लोगों को शंका हुई। इस बीच कुछ मनचले उन्हें झांसा देने लगे। फिल्म में हीरोइन बनाने के लिए उन्होंने दोनों को स्टूडियो के चक्कर भी लगवाए। दोनों के पास रहे रुपये भी धीरे-धीरे खर्च हो गए। अब उन्हें अपने परिवार की चिंता सताने लगी। उनके पास घर जाने के लिए टिकट के भी रुपये नहीं थे। ऐसे में दोनों ने छत्रपति शिवाजी टर्मिनल पहुंचकर रेलवे पुलिस से मदद मांगी। उनकी आपबीती सुनने के बाद वहां की पुलिस ने दोनों को इलाहाबाद जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया। वे रविवार को इलाहाबाद स्टेशन पर पहुंची तो चौकी प्रभारी अजीत शुक्ला उन्हें अपने साथ ले आए। दोनों के सकुशल लौटने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
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