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Pratapgarh: न बैंडबाजा, न बाराती, सोशल डिस्टेंसिंग के बीच हुई शादी
Tue, 19 May 2020 11:42 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 19 May 2020 11:42 PM IST
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मानधाता के जमुआ गांव में मॉस्क लगाकर शादी की रस्म निभाते दूल्हा-दुल्हन।
- फोटो : pratapgarh
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कोरोना काल में लॉकडाउन की पाबंदियों के चलते कई शादियां टल चुकी हैं। बैंडबाजा, आतिशबाजी, लक्जरी गाड़ियों संग बारात लेकर पहुंचने की हसरत लिए वर पक्ष के लोग अभी नए मुहूर्त के इंतजार में हैं, वहीं इन सबके बीच कुछ ऐसे भी हैं जो लॉकडाउन की पाबंदियों एवं नियमोें को मानते हुए बगैर किसी तामझाम के सात फेरे ले रहे हैं।
मानधाता क्षेत्र के जमुआ गांव में ऐसी ही एक शादी 17 मई को हुई। जिसमें न बैंडबाजा था न ही बारातियों की भीड़। सोशल डिस्टेंसिंग के बीच वर पक्ष के लोग पहुंचे।
मॉस्क लगाकर दूल्हा व दुल्हन ने शादी की सारी रस्में निभाईं और सात फेरे लेकर एक दूजे के हो गए। ग्राम प्रधान सहित आस-पास के लोगों ने दूल्हा-दुल्हन को उपहार के तौर पर मॉस्क व सैनिटाइजर भेंटकर आशीर्वाद दिया।
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मानधाता क्षेत्र के धौरहरा सराय मुरार सिंह के तेज बहादुर सिंह ने अपने बेटे मनोज का रिश्ता जमुआ गांव के बजरंग बहादुर सिंह की बेटी रंजना सिंह से तय किया था। 17 मई को शादी थी। वरीक्षा व तिलक की रस्म अदायगी हो चुकी थी। दोनों पक्षोें लोग शादी की तैयारी में जुटे हुए थे। बैंडबाजा, आतिशबाजी, वाहन आदि की बुकिंग की जा चुकी थी।
25 मार्च को लॉकडाउन के निर्णय से सारी तैयारी फीकी पड़ गई। दोनों पक्षों की उम्मीद थी कि कोरोना वायरस के संक्रमण पर अंकुश लगेगा और स्थितियां सामान्य हाेंगी। 17 मई तक लॉकडाउन समाप्त हो जाएगा, मगर ऐसा नहीं हुआ। कई लोगों ने शादी की तिथि टालने की सलाह दी। दोनों पक्षों ने इसे लेकर काफी विचार-विमर्श किया।
आखिरकार लॉकडाउन की पाबंदियों के बीच उसी तिथि पर ही शादी का निर्णय लिया। 17 मई को एक कार से वर पक्ष के लोग जमुआ पहुंचे। मॉस्क लगाकर विधि- विधान से शादी की रस्म निभाई और दूसरे दिन 18 मई को दुल्हन की विदाई कराकर अपने घर चल दिए।
ग्राम प्रधान ममता सिंह के साथ ही कन्यापक्ष के लोगों की ओर से वर-वधू को उपहार स्वरूप सैनिटाइजर व मॉस्क भेंट किया। इस दौरान ज्ञान प्रकाश सिंह ,सुरेश सिंह ,रोहित सिंह ,अभिषेक सिंह विश्वा , रवि सिंह , शुभम सिंह, राजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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मानधाता क्षेत्र के जमुआ गांव में ऐसी ही एक शादी 17 मई को हुई। जिसमें न बैंडबाजा था न ही बारातियों की भीड़। सोशल डिस्टेंसिंग के बीच वर पक्ष के लोग पहुंचे।
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मॉस्क लगाकर दूल्हा व दुल्हन ने शादी की सारी रस्में निभाईं और सात फेरे लेकर एक दूजे के हो गए। ग्राम प्रधान सहित आस-पास के लोगों ने दूल्हा-दुल्हन को उपहार के तौर पर मॉस्क व सैनिटाइजर भेंटकर आशीर्वाद दिया।
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मानधाता क्षेत्र के धौरहरा सराय मुरार सिंह के तेज बहादुर सिंह ने अपने बेटे मनोज का रिश्ता जमुआ गांव के बजरंग बहादुर सिंह की बेटी रंजना सिंह से तय किया था। 17 मई को शादी थी। वरीक्षा व तिलक की रस्म अदायगी हो चुकी थी। दोनों पक्षोें लोग शादी की तैयारी में जुटे हुए थे। बैंडबाजा, आतिशबाजी, वाहन आदि की बुकिंग की जा चुकी थी।
25 मार्च को लॉकडाउन के निर्णय से सारी तैयारी फीकी पड़ गई। दोनों पक्षों की उम्मीद थी कि कोरोना वायरस के संक्रमण पर अंकुश लगेगा और स्थितियां सामान्य हाेंगी। 17 मई तक लॉकडाउन समाप्त हो जाएगा, मगर ऐसा नहीं हुआ। कई लोगों ने शादी की तिथि टालने की सलाह दी। दोनों पक्षों ने इसे लेकर काफी विचार-विमर्श किया।
आखिरकार लॉकडाउन की पाबंदियों के बीच उसी तिथि पर ही शादी का निर्णय लिया। 17 मई को एक कार से वर पक्ष के लोग जमुआ पहुंचे। मॉस्क लगाकर विधि- विधान से शादी की रस्म निभाई और दूसरे दिन 18 मई को दुल्हन की विदाई कराकर अपने घर चल दिए।
ग्राम प्रधान ममता सिंह के साथ ही कन्यापक्ष के लोगों की ओर से वर-वधू को उपहार स्वरूप सैनिटाइजर व मॉस्क भेंट किया। इस दौरान ज्ञान प्रकाश सिंह ,सुरेश सिंह ,रोहित सिंह ,अभिषेक सिंह विश्वा , रवि सिंह , शुभम सिंह, राजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।