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जरूरी दवाएं भी नहीं जिला अस्पताल में, परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sun, 07 Jan 2018 11:43 PM IST
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जिला अस्पताल में दवाओं का टोटा होने से मरीज परेशान हैं। मरीजों को दवा लेने के लिए मेडिकल स्टोर पर जाना पड़ रहा है। इससे तीमारदारों की जेब ढीली हो रही हैं। हालांकि जिला अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी इससे अंजान बने हुए हैं।
चार दिनों से ठंड बढ़ गई है। ठंड के चपेट में आने से जिले में आठ लोगों की जान भी जा चुकी है। बुजुर्ग जहां दमा जैसे रोगों के चपेट में आकर अस्पताल पहुंच रहे हैं वहीं बच्चे और आम लोग कोल्ड डायरिया और बुखार, जुकाम की चपेट में आकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े को सत्य माना जाए तो चार दिनों के अंदर दमा से पीड़ित 73 लोग अस्पताल पहुंचे हैं। इसी तरह कोल्ड डायरिया से पीड़ित 27 व सर्दी-जुकाम और बुखार से त्रस्त 109 मरीजों को भर्ती कर चिकित्सक इलाज कर रहे हैं। सैकड़ों मरीज ऐसे हैं जो ओपीडी से ही इलाज कराकर घर चले जा रहे हैं। दवा खत्म होने के कारण मरीज परेशान हो रहे हैं। चिकित्सक तीमारदारों से मेडिकल स्टोर से दवा खरीदवा रहे हैं। इससे गरीब परिवार के मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। विभाग के सूत्रों की मानी जाए तो स्वास्थ्य विभाग के अफसर अबतक जिस मेडिकल स्टोर से लोकल परचेजिंग कर दवा खरीदते थे, वहां करीब ढाई लाख से अधिक का बकाया हो गया है। मेडिकल स्टोर संचालक के बिल का भुगतान नहीं हो पा रहा हैं। इसके चलते उसने दवा देना ही बंद कर दिया है। इससे मरीजों को सरकारी अस्पताल की दवा नहीं मिल पा रही है।
नहीं खुल सका पीएम जन औषधि केन्द्र
जिला और महिला अस्पताल में दवाओं का टोटा होने के बाद भी शासन की ओर से पीएम जन औषधि केन्द्र की स्थापना नहीं हुई है। लिखापढ़ी में जिला अस्पताल के सामने प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र खुला है। हालांकि यहां से दवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
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चार दिनों से ठंड बढ़ गई है। ठंड के चपेट में आने से जिले में आठ लोगों की जान भी जा चुकी है। बुजुर्ग जहां दमा जैसे रोगों के चपेट में आकर अस्पताल पहुंच रहे हैं वहीं बच्चे और आम लोग कोल्ड डायरिया और बुखार, जुकाम की चपेट में आकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े को सत्य माना जाए तो चार दिनों के अंदर दमा से पीड़ित 73 लोग अस्पताल पहुंचे हैं। इसी तरह कोल्ड डायरिया से पीड़ित 27 व सर्दी-जुकाम और बुखार से त्रस्त 109 मरीजों को भर्ती कर चिकित्सक इलाज कर रहे हैं। सैकड़ों मरीज ऐसे हैं जो ओपीडी से ही इलाज कराकर घर चले जा रहे हैं। दवा खत्म होने के कारण मरीज परेशान हो रहे हैं। चिकित्सक तीमारदारों से मेडिकल स्टोर से दवा खरीदवा रहे हैं। इससे गरीब परिवार के मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। विभाग के सूत्रों की मानी जाए तो स्वास्थ्य विभाग के अफसर अबतक जिस मेडिकल स्टोर से लोकल परचेजिंग कर दवा खरीदते थे, वहां करीब ढाई लाख से अधिक का बकाया हो गया है। मेडिकल स्टोर संचालक के बिल का भुगतान नहीं हो पा रहा हैं। इसके चलते उसने दवा देना ही बंद कर दिया है। इससे मरीजों को सरकारी अस्पताल की दवा नहीं मिल पा रही है।
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नहीं खुल सका पीएम जन औषधि केन्द्र
जिला और महिला अस्पताल में दवाओं का टोटा होने के बाद भी शासन की ओर से पीएम जन औषधि केन्द्र की स्थापना नहीं हुई है। लिखापढ़ी में जिला अस्पताल के सामने प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र खुला है। हालांकि यहां से दवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
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