फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Operation stone and kidney removed, pain on stopping the medicine, revealed on ultrasound

प्रतापगढ़ : ऑपरेशन पथरी का और निकाल ली किडनी, दवा बंद होने पर उठा दर्द, अल्ट्रासाउंड होने पर खुलासा

Sat, 02 Sep 2023 05:31 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 02 Sep 2023 05:31 PM IST
सार

अस्पताल से डिस्चार्ज करते समय डॉक्टर ने 15 सौ रुपये की दवा देकर घर भेज दिए। जब तक सचिन दवा खाता रहा तब तक उसे दर्द नहीं हुआ। दवा बंद करने पर सचिन के पेट में दोबारा दर्द हुआ। इस पर उन्होंने दो अलग-अलग सेंटरों पर अल्ट्रासाउंड कराया, जिनमें पेट में एक किडनी नहीं होने की बात पता चली। परिजन मानने को तैयार नहीं हुए।

विज्ञापन
Operation stone and kidney removed, pain on stopping the medicine, revealed on ultrasound
नर्सिंग होम में पथरी के आपरेशन के दौरान किडनी निकाले जाने की शिकायत लेकर एसपी दफ्तर पहुंचे परिजन। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

एक साल पहले पथरी का ऑपरेशन करने के दौरान डॉक्टर ने मरीज की किडनी भी निकाल ली। लालगंज कोतवाली के चौखड़ देवापुर की रहने वाले राजकुमार वर्मा की पत्नी संगीता ने कोतवाली पुलिस के साथ एसपी को शिकायती पत्र देकर बस स्टैंड स्थित अक्षत नर्सिंग होम के डॉक्टर पर आरोप लगाया है। वहीं, अस्पताल संचालक का कहना है कि ऑपरेशन के पहले ही मरीज के दाहिने तरफ की किडनी सिकुड़ी थी। ऑपरेशन के बाद और सिकुड़ गई होगी।

विज्ञापन


एमआरआई कराया जाए तो किड़नी जरूर दिखेगी। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट फर्जी हो सकता है। चौखड़ देवापुर निवासी संगीता वर्मा ने बताया कि उनके 18 वर्षीय बेटे सचिन वर्मा के पेट में अक्सर दर्द होता था। कई प्राइवेट चिकित्सकों से इलाज कराया। आराम हो गया। सचिन अपने चाचा के साथ अहमदाबाद चला गया। अहमदाबाद में पेट में तेज दर्द होने पर जांच कराया तो पता चला कि दाहिने तरफ गुर्दे में 8.6 एमएम की पथरी है। सचिन गांव आया।

विज्ञापन

 

Trending Videos

Operation stone and kidney removed, pain on stopping the medicine, revealed on ultrasound
पीड़ित युवक सचिन का पथरी के नाम पर किये गये आपरेशन का बना निशान। - फोटो : अमर उजाला।

आशा बहू के साथ पहुंची थी अस्पताल

यहां अपने रिश्तेदार आशा बहू प्रेमा देवी से संपर्क किया। 17 अगस्त 2022 की सुबह दस बजे प्रेमा देवी बस स्टैंड स्थित अक्षत नर्सिंग होम लेकर सचिन को पहुंच गई। आरोप है कि डॉक्टर एसी त्रिपाठी ने सचिन को सीधे ऑपरेशन रूम में लेकर चले गए। करीब पांच घंटे के बाद ओटी से मरीज को निकालकर वार्ड में लाया गया। ऑपरेशन के नाम पर 27 हजार रुपये भी लिए।

जाते समय 15 सौ रुपये का दवा भी डॉक्टर देकर घर भेज दिए। जबतक सचिन दवा खाता रहा तबतक उसे दर्द नहीं हुआ। दवा बंद करने पर सचिन के पेट में दोबारा दर्द हुआ। इस पर उन्होंने दो अलग-अलग सेंटरों पर अल्ट्रासाउंड कराया, जिनमें पेट में एक किडनी नहीं होने की बात पता चली। परिजन मानने को तैयार नहीं हुए।

विज्ञापन

थाने में शिकायत कर कार्रवाई की मांग

इसके बाद डॉ. सोने लाल पटेल मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड कराया। जहां रेडियोलॉजिस्ट ने एक किडनी गायब होने की जानकारी दी। इससे परिजन परेशान हो गए। कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस मामले की जांच कराने का हवाला देकर लौटा दिया। परिजन शनिवार को एसपी आफिस पहुुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।

मरीज जब अस्पताल में ऑपरेशन कराने आया था उस समय भी उसकी किडनी सिकुड़ी हुई थी। ऑपरेशन के बाद और सिकुड़ गई होगी। इस लिए अल्ट्रासाउंड जांच में दिखाई नहीं पड़ रहा है। एमआरआई जांच कराए तो किडनी जरूर दिखेगी। -  डॉ. एसी त्रिपाठी, अक्षत नर्सिंग होम संचालक

शिकायती पत्र को सीएमओ के पास भेजा गया है। सीएमओ टीम बनाकर इस मामले में जांच करा रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - सत्येंद्र कुमार, कोतवाल।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed