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Pratapgarh News: धर्मांतरण की सूचना पर पहुंचे दरोगा से हाथापाई, दबाया गला
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पट्टी कोतवाली के लबेदा गांव में आयोजित धर्मांतरण सभा में जुटे लोग। सोशल मीडिया
कोतवाली के लबेदा गांव में धर्मांतरण की सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों के साथ कुछ लोगों ने हाथापाई करते हुए गला दबाते हुए बिल्ला नोच डाला। हालांकि पुलिस विरोध के बावजूद सगे भाइयों समेत चार लोगों को हिरासत में ले लिया है। वहीं, गांव में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों ने कुछ लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
लबेदा के ग्रामीणों ने रविवार दोपहर पुलिस को सूचना दी कि बद्री प्रसाद के घर में चंगाई सभा का आयोजन किया गया है। ईसाई मिशनरी के कुछ लोग पहुंचे हैं। वहां गांव के बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हैं।
भारतीय युवा विद्यार्थी संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सक्षम सिंह योगी ने सूचना पुलिसकर्मियों को दी। कुछ ही देर में कोतवाली के उपनिरीक्षक संतोष पासवान, दरोगा रोहित यादव सहित पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार पुलिस के पहुंचने पर वहां प्रार्थना चल रही थी। पुलिस की पूछताछ पर माहौल बिगड़ गया। वहां मौजूद लोग हंगामा करने लगे।
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गृह स्वामी के परिवार के सदस्यों ने पुलिस से अभद्रता की। हाथापाई करते हुए एक उपनिरीक्षक का गला दबाते हुए वर्दी का बिल्ला नोच डाला। शोर शराबा सुनकर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। प्रार्थना सभा में जुटे लोग भागने लगे। हंगामे व विरोध के बावजूद पुलिसकर्मियों ने सगे भाई सोनू व मोनू के साथ सुरेश और राम सकल यादव को हिरासत में ले लिया है। उन्हें पूछताछ के लिए कोतवाली लाया गया है।
गांव के अजीत प्रताप सिंह का कहना है कि काफी दिनों से यहां धर्मांतरण कराया जा रहा है। विरोध करने पर लोग मारपीट करने लगते हैं। अजीत ने मामले की तहरीर दी है। सीओ पट्टी मनोज रघुवंशी का कहना है कि ग्रामीण की तहरीर के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है। इसी कार्रवाई में पुलिसकर्मियों के साथ हुई अभद्रता का मामला भी शामिल होगा।
ग्रामीणों से भिड़ गईं महिलाएं, हर रविवार जुटती थी भीड़
प्रार्थना सभा के बीच पहुंचे ग्रामीणों के वीडियो बनाने पर वहां मौजूद महिलाएं लोगों से भिड़ गईं। शोर शराबा सुनकर प्रार्थना सभा में शामिल होने आए लोग धर्म की महानता के बारे में जोर शोर से बताने लगे। जिसे लेकर भी तकरार हुई। ग्रामीणों का कहना था कि प्रार्थना सभा के शोर से गांव के लोग काफी दिनों से परेशान थे।
दलित बस्तियों में रविवार को होती हैं प्रार्थना सभाएं
शहर से लेकर गांव तक धर्मांतरण का खेल जारी है। दलित समाज के लोग बड़ी संख्या में धर्मांतरण कर चुके हैं। उनकी मौजूदगी में हर रविवार को दलित व पिछड़ी जाति वाली बस्तियों में धर्मांतरण के लिए विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाती हैं। हाल ही में जेठवारा, मानधाता, कोतवाली देहात व आसपुर देवसरा और कंधई में भी धर्मांतरण के मामले में ग्रामीणों के विरोध पर पहुंची पुलिस कार्रवाई कर चुकी है।
पुलिसकर्मियों का कम हो रहा खौफ, बढ़ रहे हमले
पुलिसकर्मियों का अब खौफ कम होता जा रहा है। मानवाधिकार समेत कई प्रतिबंध के चलते पुलिसकर्मियों के हाथ बंधे हैं। तभी तो शनिवार में कंधई पुलिस पर हमला हुआ। रविवार को पट्टी के दरोगा व सिपाहियों पर लोग हमला कर बैठे। इसके पहले भी यातायात के उपनिरीक्षक व भंगवा चुंगी के दरोगा पर कुछ लोगों ने हमला किया था।
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लबेदा के ग्रामीणों ने रविवार दोपहर पुलिस को सूचना दी कि बद्री प्रसाद के घर में चंगाई सभा का आयोजन किया गया है। ईसाई मिशनरी के कुछ लोग पहुंचे हैं। वहां गांव के बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हैं।
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भारतीय युवा विद्यार्थी संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सक्षम सिंह योगी ने सूचना पुलिसकर्मियों को दी। कुछ ही देर में कोतवाली के उपनिरीक्षक संतोष पासवान, दरोगा रोहित यादव सहित पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार पुलिस के पहुंचने पर वहां प्रार्थना चल रही थी। पुलिस की पूछताछ पर माहौल बिगड़ गया। वहां मौजूद लोग हंगामा करने लगे।
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गृह स्वामी के परिवार के सदस्यों ने पुलिस से अभद्रता की। हाथापाई करते हुए एक उपनिरीक्षक का गला दबाते हुए वर्दी का बिल्ला नोच डाला। शोर शराबा सुनकर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। प्रार्थना सभा में जुटे लोग भागने लगे। हंगामे व विरोध के बावजूद पुलिसकर्मियों ने सगे भाई सोनू व मोनू के साथ सुरेश और राम सकल यादव को हिरासत में ले लिया है। उन्हें पूछताछ के लिए कोतवाली लाया गया है।
गांव के अजीत प्रताप सिंह का कहना है कि काफी दिनों से यहां धर्मांतरण कराया जा रहा है। विरोध करने पर लोग मारपीट करने लगते हैं। अजीत ने मामले की तहरीर दी है। सीओ पट्टी मनोज रघुवंशी का कहना है कि ग्रामीण की तहरीर के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है। इसी कार्रवाई में पुलिसकर्मियों के साथ हुई अभद्रता का मामला भी शामिल होगा।
ग्रामीणों से भिड़ गईं महिलाएं, हर रविवार जुटती थी भीड़
प्रार्थना सभा के बीच पहुंचे ग्रामीणों के वीडियो बनाने पर वहां मौजूद महिलाएं लोगों से भिड़ गईं। शोर शराबा सुनकर प्रार्थना सभा में शामिल होने आए लोग धर्म की महानता के बारे में जोर शोर से बताने लगे। जिसे लेकर भी तकरार हुई। ग्रामीणों का कहना था कि प्रार्थना सभा के शोर से गांव के लोग काफी दिनों से परेशान थे।
दलित बस्तियों में रविवार को होती हैं प्रार्थना सभाएं
शहर से लेकर गांव तक धर्मांतरण का खेल जारी है। दलित समाज के लोग बड़ी संख्या में धर्मांतरण कर चुके हैं। उनकी मौजूदगी में हर रविवार को दलित व पिछड़ी जाति वाली बस्तियों में धर्मांतरण के लिए विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाती हैं। हाल ही में जेठवारा, मानधाता, कोतवाली देहात व आसपुर देवसरा और कंधई में भी धर्मांतरण के मामले में ग्रामीणों के विरोध पर पहुंची पुलिस कार्रवाई कर चुकी है।
पुलिसकर्मियों का कम हो रहा खौफ, बढ़ रहे हमले
पुलिसकर्मियों का अब खौफ कम होता जा रहा है। मानवाधिकार समेत कई प्रतिबंध के चलते पुलिसकर्मियों के हाथ बंधे हैं। तभी तो शनिवार में कंधई पुलिस पर हमला हुआ। रविवार को पट्टी के दरोगा व सिपाहियों पर लोग हमला कर बैठे। इसके पहले भी यातायात के उपनिरीक्षक व भंगवा चुंगी के दरोगा पर कुछ लोगों ने हमला किया था।

पट्टी कोतवाली के लबेदा गांव में आयोजित धर्मांतरण सभा में जुटे लोग। सोशल मीडिया