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कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को अब प्रतिदिन मिलेंगे मौसमी फल
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sun, 26 Jun 2016 12:13 AM IST
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जिले के अतिकुपोषित 13,779 बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पूरक आहार देने के लिए हौसला पोषण योजना प्रारंभ की जा रही है। इन बच्चों को प्रतिदिन गांव के आंगनबाड़ी केंद्रों से पौष्टिक पका-पकाया भोजन और मौसमी फल दिए जाएंगे। गर्भवती महिलाओं में खून की कमी न होने पाएं, इससे लिए आयरन की गोलियां प्रदान की जाएंगी। अगले माह से प्रारंभ होने इस योजना के लिए व्यापक पैमाने पर तैयारी चल रही है।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने अब अतिकुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर पौष्टिक भोजन प्रदान किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और ग्राम प्रधानों पर होगी। इन्हीं दोनों लोगों के संयुक्त हस्ताक्षर से खाते का संचालन किया जाएगा। इस योजना में अतिकुपोषित छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों को अनुुपूरक आहार मुहैया कराया जाएगा। हाट कुक्कड़ के तहत मिलने वाली दलिया, खिचड़ी, हलुआ, तहरी, के साथ ही एक-एक मौसम फल प्रतिदिन दिए जाएंगे।
विभागीय आंकड़ों पर गौर किया जाय तो एक वर्ष से तीन वर्ष के बच्चों के पूर्ण विकास के लिए प्रतिदिन 1240 कैलोरी और 22 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है, जबकि 03-06 वर्ष के बच्चों को 1600 कैलोरी और 30 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है, मगर सामान्य परिवारों में मिलने वाले भोजन में यह कैलोरी और प्रोटीन नहीं मिलता है। विभाग ने प्रत्येक गर्भवती और बच्चों पर 18 रुपये की दर से भुगतान करने का फैसला लिया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि जिले भर की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और प्रधानों के संयुक्त खाते खोलने के लिए सीडीपीओ को निर्देश दिए जा चुके हैं। अगले माह से योजना प्रारंभ हो जाएगी।
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महिला एवं बाल विकास विभाग ने अब अतिकुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर पौष्टिक भोजन प्रदान किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और ग्राम प्रधानों पर होगी। इन्हीं दोनों लोगों के संयुक्त हस्ताक्षर से खाते का संचालन किया जाएगा। इस योजना में अतिकुपोषित छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों को अनुुपूरक आहार मुहैया कराया जाएगा। हाट कुक्कड़ के तहत मिलने वाली दलिया, खिचड़ी, हलुआ, तहरी, के साथ ही एक-एक मौसम फल प्रतिदिन दिए जाएंगे।
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विभागीय आंकड़ों पर गौर किया जाय तो एक वर्ष से तीन वर्ष के बच्चों के पूर्ण विकास के लिए प्रतिदिन 1240 कैलोरी और 22 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है, जबकि 03-06 वर्ष के बच्चों को 1600 कैलोरी और 30 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है, मगर सामान्य परिवारों में मिलने वाले भोजन में यह कैलोरी और प्रोटीन नहीं मिलता है। विभाग ने प्रत्येक गर्भवती और बच्चों पर 18 रुपये की दर से भुगतान करने का फैसला लिया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि जिले भर की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और प्रधानों के संयुक्त खाते खोलने के लिए सीडीपीओ को निर्देश दिए जा चुके हैं। अगले माह से योजना प्रारंभ हो जाएगी।
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