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Pratapgarh News: नए लैब में होगी एसएनसीयू में भर्ती नवजातों की जांच
Fri, 20 Sep 2024 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Fri, 20 Sep 2024 01:32 AM IST
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मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में संचालित 15 बेड के एसएनसीयू में भर्ती नवजातों की तत्काल जांच के लिए अलग से लैब तैयार किया जाएगा। लैब के लिए एसएनसीयू प्रभारी ने प्राचार्य को पत्र भेजा है। प्राचार्य ने उपकरण के साथ आधुनिक मशीनों की खरीद के लिए शासन से अनुमति मांगी है।
जिले के इकलौते एसएनसीयू का मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में संचालन हो रहा है। इसके अलावा सरकारी तो दूर निजी अस्पतालों में भी एसएनसीयू नहीं है। इसलिए एसएनसीयू में बेड मिल पाना आसान नहीं होता है। इसके बावजूद जिस नवजात को भर्ती कर लिया जाता है उसकी जांच कराने के लिए चिकित्सकों को परेशान होना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए एसएनसीयू के नोडल इंचार्ज बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. अनिल कुमार ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र भेजकर एसएनसीयू में ब्लड जांच के लिए अलग से पैथालाॅजी के संचालन की मांग की है। नोडल इंचार्ज ने कहा कि नवजातों को एसएनसीयू से बाहर नहीं निकाला जा सकता है। ऐसे में खून की जांच में दिक्कतें होती है। उन्होंने पत्राचार के माध्यम से एसएनसीयू में खून की जांच की व्यवस्था किए जाने की मांग की। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि शासन को पत्र भेजकर उपकरण और खून की जांच के लिए मशीन खरीदने के लिए अनुमति मांगी है।
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जिले के इकलौते एसएनसीयू का मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में संचालन हो रहा है। इसके अलावा सरकारी तो दूर निजी अस्पतालों में भी एसएनसीयू नहीं है। इसलिए एसएनसीयू में बेड मिल पाना आसान नहीं होता है। इसके बावजूद जिस नवजात को भर्ती कर लिया जाता है उसकी जांच कराने के लिए चिकित्सकों को परेशान होना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए एसएनसीयू के नोडल इंचार्ज बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. अनिल कुमार ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र भेजकर एसएनसीयू में ब्लड जांच के लिए अलग से पैथालाॅजी के संचालन की मांग की है। नोडल इंचार्ज ने कहा कि नवजातों को एसएनसीयू से बाहर नहीं निकाला जा सकता है। ऐसे में खून की जांच में दिक्कतें होती है। उन्होंने पत्राचार के माध्यम से एसएनसीयू में खून की जांच की व्यवस्था किए जाने की मांग की। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि शासन को पत्र भेजकर उपकरण और खून की जांच के लिए मशीन खरीदने के लिए अनुमति मांगी है।
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