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स्वस्थ होकर नवजात के साथ घर पहुंची संक्रमित महिला, गांव में फूटे पटाखे
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corona
कोरोना पीड़ित प्रसूता और जन्म लेने वाली नवजात की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद एसआरएन के चिकित्सकों ने एंबुलेंस से दोनों को घर भेज दिया। गांव में पहुंचते ही परिवार के सदस्यों ने खुशी में पटाखे जलाए। खुशी के मारे प्रसूता की आंखों से आंसू छलक पड़े।
नगर कोतवाली के राजगढ़ की रहने वाली एक महिला गर्भवती थी। वह जिला महिला अस्पताल जांच कराने आई थी। यहां चिकित्सक के कहने पर जिला महिला अस्पताल के सामने स्थित एक अल्ट्रासाउंड पर जहां कराने गई। बाद में फिर अस्पताल में भर्ती हुई थी। गर्भवती महिला का ऑपरेशन होना था। इसलिए चिकित्सकों की सलाह पर उसकी कोरोना की जांच कराई गई। 11 मई की रात महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इससे हड़कंप मच गया।
आनन फानन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला को प्रयागराज के कोविड एल वन अस्पताल भेज दिया। जहां 12 मई दोपहर बाद महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। चिकित्सकों ने उसे एसआरएन में भर्ती कराया। ऑपरेशन के बाद महिला ने एक नवजात को जन्म दिया। नवजात को मां से अलग रखा गया था।
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इसके बाद भी वह संक्रमित हो गई थी। 10 दिनों तक दोनों का इलाज चला। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सैंपल लेकर प्रसूता और नवजात की फिर जांच कराई। शनिवार को दोनों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद एसआरएन के चिकित्सकों ने दोनों को एंबुलेंस से गांव भेजा। प्रसूता 11 दिन की बच्ची को लेकर जब घर पहुंची तो परिवार के साथ गांव के लोगाें ने पटाखे दागे।
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नगर कोतवाली के राजगढ़ की रहने वाली एक महिला गर्भवती थी। वह जिला महिला अस्पताल जांच कराने आई थी। यहां चिकित्सक के कहने पर जिला महिला अस्पताल के सामने स्थित एक अल्ट्रासाउंड पर जहां कराने गई। बाद में फिर अस्पताल में भर्ती हुई थी। गर्भवती महिला का ऑपरेशन होना था। इसलिए चिकित्सकों की सलाह पर उसकी कोरोना की जांच कराई गई। 11 मई की रात महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इससे हड़कंप मच गया।
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आनन फानन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला को प्रयागराज के कोविड एल वन अस्पताल भेज दिया। जहां 12 मई दोपहर बाद महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। चिकित्सकों ने उसे एसआरएन में भर्ती कराया। ऑपरेशन के बाद महिला ने एक नवजात को जन्म दिया। नवजात को मां से अलग रखा गया था।
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इसके बाद भी वह संक्रमित हो गई थी। 10 दिनों तक दोनों का इलाज चला। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सैंपल लेकर प्रसूता और नवजात की फिर जांच कराई। शनिवार को दोनों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद एसआरएन के चिकित्सकों ने दोनों को एंबुलेंस से गांव भेजा। प्रसूता 11 दिन की बच्ची को लेकर जब घर पहुंची तो परिवार के साथ गांव के लोगाें ने पटाखे दागे।