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'इमरजेंसी' में भी नहीं खुलेगी इमरजेंसी विंडो
प्रतापगढ़ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 28 Aug 2016 12:08 AM IST
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फाइल फोटो
ट्रेन कोच में लगी इमरजेेंसी विंडो का बुरा हाल है। विंडोें जाम होने से यात्रियों के लिए इनकी उपयोगिता सार्थक नहीं हो पा रही है। अगर यात्रियों को इसकी जरूरत पड़ जाए तो उनको इससे धोखे के अलावा और कुछ नहीं मिलेगा। यह खिड़की बंद मिलेगी। जाम के कारण खुलेगी नहीं। कुछ आधी खुलकर बंद हो जाएगी। प्रतापगढ़ से गुजरने वाली ट्रेनों में इस तरह की समस्या देखने को मिल रही है। पद्मावत और उद्योगनगरी ट्रेन के कुछ कोच में इमरजेंसी विंडो के खराब होने की शिकायत यात्रियों ने की है। पता चला है कि ट्रेन में काम करने वाले कर्मचारी विंडों की तरफ ध्यान नहीं देते हैं। जिससे यात्रियों के समक्ष यह समस्या आ रही है।
बता दें कि दुर्घटना आदि के समय इमरजेंसी विडो के प्रयोग की जरूरत पड़ती है। मगर रेल प्रशासन इमरजेंसी विंडो को ठीक कराने की जहमत नहीं उठा रहा है। इस बारे में एसएस टीएन मिश्रा ने बताया कि इमरजेंसी विंडो को ठीक कराने की जिम्मेदारी कैरेज एंड वैगन विभाग के कर्मचारियों की है। यात्री शिकायत करते हैं। सीडीओ दिनेश यादव का कहना है कि इस्तेमाल में न आने के कारण अक्सर खिड़कियां जाम हो जाती हैं। फिर भी वे विंडो को चेक करवाकर ठीक करवाएंगे।
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बता दें कि दुर्घटना आदि के समय इमरजेंसी विडो के प्रयोग की जरूरत पड़ती है। मगर रेल प्रशासन इमरजेंसी विंडो को ठीक कराने की जहमत नहीं उठा रहा है। इस बारे में एसएस टीएन मिश्रा ने बताया कि इमरजेंसी विंडो को ठीक कराने की जिम्मेदारी कैरेज एंड वैगन विभाग के कर्मचारियों की है। यात्री शिकायत करते हैं। सीडीओ दिनेश यादव का कहना है कि इस्तेमाल में न आने के कारण अक्सर खिड़कियां जाम हो जाती हैं। फिर भी वे विंडो को चेक करवाकर ठीक करवाएंगे।
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