{"_id":"57b4aad24f1c1bd66b6ec3a9","slug":"handloom-industry","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुनकरों के अब बहुरेंगे दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुनकरों के अब बहुरेंगे दिन
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 18 Aug 2016 12:22 AM IST
विज्ञापन
decision
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में दम तोड़ रहे हथकरघा उद्योग में जान फूंकने के लिए हथकरघा विभाग ने बुनकरों को बिजली पर सब्सिडी देने का फैसला किया है। इसके तहत बिजली के बिल में 328 रुपये की छूट मिलेगी। इस धनराशि को हथकरघा विभाग जमा करेगा। सब्सिडी का लाभ पाने वाले बुनकरों की सूची तैयार कर ली गई है। अभी तक जो सूची बनकर सामने आई है उसमें कालाकांकर और परियावां के 62 बुनकरों को शामिल किया गया है। अग्रिम कार्रवाई के लिए सूची को बिजली विभाग को भेज दिया गया है।
जिले में कालाकांकर और परियावां में बड़ी संख्या में बुनकर हैं। एक समय में यहां के बुनकरों द्वारा तैयार किए गए कपड़ों की सप्लाई देशभर में होती थी। यहां के बने कपड़ों की अपनी अलग पहचान थी। बढ़ावा न मिलने से यहां के बुनकर टूट गए और उनके सामने आर्थिक संकट आन पड़ा। शायद यही वजह रही कि यहां के बुनकरों को अपने पुश्तैनी पेशे से मुंह मोड़ना पड़ा। आज से दो दशक पहले हैंडलूम के लिए परियावां और कालाकांकर प्रदेश में अलग पहचान बनाए हुए था। उपेक्षा के चलते आज यहां के बुनकरों की हालत किसी से छिपी नहीं है। कुछ अभी हैं जो अपने इस हुनर को जिंदा रखे हुए हैं। बुनकरों की हालत सुधारने और हैंडलूम उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में हथकरघा उद्योग ने कदम बढ़ाया है। विभाग ने बुनकरों को बिजली सब्सिडी देने का एलान किया है। इस संबंध में हथकरघा आयुक्त का एक पत्र बिजली विभाग को मिला है। जिसमें कहा गया है कि बुनकरों के बिल में 328 रुपये की अदायगी हथकरघा विभाग करेगा। इसके लिए परियावां और कालकांकर के 62 बुनकरों का चयन सब्सिडी के लिए किया गया है।
परियावां इलाके में काफी संख्या में बुनकर हैं जो हाथ से सांचा चलाकर कपड़ा बुनने का काम करते हैं। एक समय था जब हैंडलूम नाम से बने कपड़ों के साथ परियावां का नाम जुड़ा रहता था। खरीददार परियावां वाले हैंडलूम कहकर कपड़ा मांगते थे। परियावां इलाके में बुनकरों की सूची तैयार करने के लिए हथकरघा विभाग की एक टीम एक महीने से सर्वे कर रही थी। टीम ने बुनकरों की पहली सूची जो बनाई है उसमें 62 बुनकरों का चयन किया गया है। इनके फार्म, राशनकार्ड और आधारकार्ड की फोटो इत्यादि बिजली विभाग को सूची के साथ सौंप दी गई है। वहीं एक्सईएन विद्युत ओपी मिश्रा का कहना है कि हथकरघा उद्योग की तरफ से परियावां और कालकांकर के आस-पास के बुनकरों को बिजली पर सब्सिडी देने से संबंधित पत्र मिला है। जो भी बिल आएगा उसमें से 328 रुपये का बिल उद्योग अदा करेगा। सूची में 62 बुनकरों का नाम दिया गया है। सूची का सत्यापन कराया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में कालाकांकर और परियावां में बड़ी संख्या में बुनकर हैं। एक समय में यहां के बुनकरों द्वारा तैयार किए गए कपड़ों की सप्लाई देशभर में होती थी। यहां के बने कपड़ों की अपनी अलग पहचान थी। बढ़ावा न मिलने से यहां के बुनकर टूट गए और उनके सामने आर्थिक संकट आन पड़ा। शायद यही वजह रही कि यहां के बुनकरों को अपने पुश्तैनी पेशे से मुंह मोड़ना पड़ा। आज से दो दशक पहले हैंडलूम के लिए परियावां और कालाकांकर प्रदेश में अलग पहचान बनाए हुए था। उपेक्षा के चलते आज यहां के बुनकरों की हालत किसी से छिपी नहीं है। कुछ अभी हैं जो अपने इस हुनर को जिंदा रखे हुए हैं। बुनकरों की हालत सुधारने और हैंडलूम उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में हथकरघा उद्योग ने कदम बढ़ाया है। विभाग ने बुनकरों को बिजली सब्सिडी देने का एलान किया है। इस संबंध में हथकरघा आयुक्त का एक पत्र बिजली विभाग को मिला है। जिसमें कहा गया है कि बुनकरों के बिल में 328 रुपये की अदायगी हथकरघा विभाग करेगा। इसके लिए परियावां और कालकांकर के 62 बुनकरों का चयन सब्सिडी के लिए किया गया है।
विज्ञापन
परियावां इलाके में काफी संख्या में बुनकर हैं जो हाथ से सांचा चलाकर कपड़ा बुनने का काम करते हैं। एक समय था जब हैंडलूम नाम से बने कपड़ों के साथ परियावां का नाम जुड़ा रहता था। खरीददार परियावां वाले हैंडलूम कहकर कपड़ा मांगते थे। परियावां इलाके में बुनकरों की सूची तैयार करने के लिए हथकरघा विभाग की एक टीम एक महीने से सर्वे कर रही थी। टीम ने बुनकरों की पहली सूची जो बनाई है उसमें 62 बुनकरों का चयन किया गया है। इनके फार्म, राशनकार्ड और आधारकार्ड की फोटो इत्यादि बिजली विभाग को सूची के साथ सौंप दी गई है। वहीं एक्सईएन विद्युत ओपी मिश्रा का कहना है कि हथकरघा उद्योग की तरफ से परियावां और कालकांकर के आस-पास के बुनकरों को बिजली पर सब्सिडी देने से संबंधित पत्र मिला है। जो भी बिल आएगा उसमें से 328 रुपये का बिल उद्योग अदा करेगा। सूची में 62 बुनकरों का नाम दिया गया है। सूची का सत्यापन कराया जा रहा है।
विज्ञापन