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Pratapgarh News: विज्ञान-गणित के छात्रों की कठिनाई जानेंगे विशेषज्ञ
Thu, 19 Sep 2024 04:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Thu, 19 Sep 2024 04:48 AM IST
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माध्यमिक विद्यालयों में विशेषज्ञों की टीम जाकर गणित-विज्ञान के अध्ययन में आ रही परेशानियों का पता लगाएगी। साथ ही छात्र-छात्राओं की दिक्कतों का समाधान खोजेगी। यूपी बोर्ड के कक्षा नौ व 10वीं के छात्रों के लिए यह कार्ययोजना तैयार की गई है। वर्तमान शैक्षिक सत्र में इसकी जिम्मेदारी राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान को सौंपी गई है।
माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं में विषयों को लेकर झिझक रहती है। अक्सर देखने में आता है कि कमजोर विषयों को छोड़कर छात्र अन्य विषयों पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं। नतीजा यह होता है कि इससे उस विषय में उनकी पकड़ धीरे-धीरे और कमजोर हो जाती है। परीक्षा में उन्हें कम अंक मिलते हैं। इसे देखते हुए महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान को छात्रों की ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया है।
समाधान के बाद सुधरेगी शिक्षा की गुणवत्ता
जिला विद्यालय निरीक्षक ओमकार राणा ने बताया कि यूपी बोर्ड के स्कूूलों में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद(एनसीईआरटी) की किताबें तो लागू हो गई हैं, लेकिन छात्र-छात्राओं को किस तरह की कठिनाई हो रही है, इस पर कोई बात नहीं को रही। बच्चे संकोचवश क्लासरूम में कठिनाई के संबंध में बोलने से कतरा रहे हैं। अध्ययन से परीक्षाओं में यूपी बोर्ड के छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद है।
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माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं में विषयों को लेकर झिझक रहती है। अक्सर देखने में आता है कि कमजोर विषयों को छोड़कर छात्र अन्य विषयों पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं। नतीजा यह होता है कि इससे उस विषय में उनकी पकड़ धीरे-धीरे और कमजोर हो जाती है। परीक्षा में उन्हें कम अंक मिलते हैं। इसे देखते हुए महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान को छात्रों की ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया है।
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समाधान के बाद सुधरेगी शिक्षा की गुणवत्ता
जिला विद्यालय निरीक्षक ओमकार राणा ने बताया कि यूपी बोर्ड के स्कूूलों में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद(एनसीईआरटी) की किताबें तो लागू हो गई हैं, लेकिन छात्र-छात्राओं को किस तरह की कठिनाई हो रही है, इस पर कोई बात नहीं को रही। बच्चे संकोचवश क्लासरूम में कठिनाई के संबंध में बोलने से कतरा रहे हैं। अध्ययन से परीक्षाओं में यूपी बोर्ड के छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद है।
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