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Pratapgarh News: औपचारिकता में निपटी जिला स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता, नहीं मिले प्रतिभागी
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शहर के जीआईसी में सोमवार को माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा आठ से 10वीं तक विद्यार्थियों के लिए महादेवी वर्मा वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिला स्तरीय प्रतियोगिता औपचारिकता में निपट गई। वाद-विवाद प्रतियोगिता के लिए महज दो प्रतिभागी आए।
जीजीआईसी प्रतापगढ़ की छात्रा श्रेयांशी सोनी और स्वाति शिक्षिका सरिता पटेल के साथ जीआईसी पहुंचीं। घंटों के इंतजार के बाद प्रतियोगिता शुरू नहीं हुई। जीआईसी के 12वीं के छात्र सुमित श्रीवास्तव और अनमोल दुबे प्रतियोगिता में शामिल होने पहुंचे। लेकिन प्रतियोगिता कक्षा आठ से 10वीं के विद्यार्थियों के लिए थी, जिसकी जानकारी आयोजकों को भी नहीं थी।
आयोजकों ने इसके बाद जीआईसी के 10वीं कक्षा के छात्र उत्कर्ष मौर्य, आयुष मिश्रा और आकाश वर्मा को कक्षा से बुलाया। जबकि तीनों छात्रों से प्रतियोगिता के संबंध में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने वाद-विवाद प्रतियोगिता के विषय की जानकारी होने से इन्कार कर दिया।
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10 दिन से की थी तैयारी, प्रतियोगिता बनी मजाक
जीजीआईसी की छात्रा श्रेयांशी ने बताया कि उन्होंने वाद-विवाद प्रतियोगिता के लिए 10 दिन से रोजाना तैयारी की। कॉपी में प्रतियोगिता से संबंधित सभी विषयों पर नोट्स तैयार किए, लेकिन जीआईसी पहुंची तो यहां कोई प्रतिभागी मौजूद नहीं मिला। वहीं जीजीआईसी की छात्रा स्वाति ने बताया कि वह नौ बजे जीआईसी पहुंच गई थीं लेकिन 11 बजे तक प्रतियोगिता शुरू नहीं हुई। न ही कोई प्रतिभागी आए।
जिले में 735 विद्यालय, फिर भी प्रतिभागियों का अकाल
जिले में 43 राजकीय माध्यमिक विद्यालय, 78 एडेड और 500 से अधिक वित्तविहीन मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। डीआईओएस ओमकार राणा ने 19 अक्तूबर को प्रधानाचार्यों को पत्र भेजकर आठवीं से 10वीं तक विद्यार्थियों के शामिल होने के निर्देश दिए थे। लेकिन इसके बाद भी किसी विद्यालय से विद्यार्थी प्रतिभाग करने नहीं आए, सिर्फ जीजीआईसी को छोड़कर। जिला स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई। प्रतियोगिता के लिए कोई मुख्य अतिथि तक नहीं था।
इस संबंध में जानकारी नहीं है। सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को प्रतियोगिता के संबंध में पत्र भेजा गया था। मामले की जांच कर जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
- ओमकार राणा, डीआईओएस।
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जीजीआईसी प्रतापगढ़ की छात्रा श्रेयांशी सोनी और स्वाति शिक्षिका सरिता पटेल के साथ जीआईसी पहुंचीं। घंटों के इंतजार के बाद प्रतियोगिता शुरू नहीं हुई। जीआईसी के 12वीं के छात्र सुमित श्रीवास्तव और अनमोल दुबे प्रतियोगिता में शामिल होने पहुंचे। लेकिन प्रतियोगिता कक्षा आठ से 10वीं के विद्यार्थियों के लिए थी, जिसकी जानकारी आयोजकों को भी नहीं थी।
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आयोजकों ने इसके बाद जीआईसी के 10वीं कक्षा के छात्र उत्कर्ष मौर्य, आयुष मिश्रा और आकाश वर्मा को कक्षा से बुलाया। जबकि तीनों छात्रों से प्रतियोगिता के संबंध में जानकारी मांगी गई तो उन्होंने वाद-विवाद प्रतियोगिता के विषय की जानकारी होने से इन्कार कर दिया।
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10 दिन से की थी तैयारी, प्रतियोगिता बनी मजाक
जीजीआईसी की छात्रा श्रेयांशी ने बताया कि उन्होंने वाद-विवाद प्रतियोगिता के लिए 10 दिन से रोजाना तैयारी की। कॉपी में प्रतियोगिता से संबंधित सभी विषयों पर नोट्स तैयार किए, लेकिन जीआईसी पहुंची तो यहां कोई प्रतिभागी मौजूद नहीं मिला। वहीं जीजीआईसी की छात्रा स्वाति ने बताया कि वह नौ बजे जीआईसी पहुंच गई थीं लेकिन 11 बजे तक प्रतियोगिता शुरू नहीं हुई। न ही कोई प्रतिभागी आए।
जिले में 735 विद्यालय, फिर भी प्रतिभागियों का अकाल
जिले में 43 राजकीय माध्यमिक विद्यालय, 78 एडेड और 500 से अधिक वित्तविहीन मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। डीआईओएस ओमकार राणा ने 19 अक्तूबर को प्रधानाचार्यों को पत्र भेजकर आठवीं से 10वीं तक विद्यार्थियों के शामिल होने के निर्देश दिए थे। लेकिन इसके बाद भी किसी विद्यालय से विद्यार्थी प्रतिभाग करने नहीं आए, सिर्फ जीजीआईसी को छोड़कर। जिला स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई। प्रतियोगिता के लिए कोई मुख्य अतिथि तक नहीं था।
इस संबंध में जानकारी नहीं है। सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को प्रतियोगिता के संबंध में पत्र भेजा गया था। मामले की जांच कर जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
- ओमकार राणा, डीआईओएस।