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सई किनारे सुर-लय-ताल की त्रिवेणी
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 26 Feb 2017 12:46 AM IST
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प्रतापगढ़
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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स्थानीय बाबा धाम में शुक्रवार की शाम आयोजित 22वें राष्ट्रीय एकता महोत्सव के विशाल सांस्कृतिक रंगमंच पर कलाकारों के सुर-सरगम की ऐसी बरसात हुई कि लोग झूम उठे। रात भर एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों को देख दर्शक मंत्रमुग्ध होकर आनंद के गोते लगाते दिखाई दिए। कार्यक्रम की शुरुआत आकाशवाणी के कलाकार दीपक मिश्र ने न चाहे सोना चांदी, चाही कृपा तोहार व चंचल शुक्ल ने खबरिया लेइहै बाबा तोहार की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। इसके बाद मंच पर पहुंची लखनऊ की मशहूर कवियत्री कविता तिवारी ने अपनी प्रस्तुतियों से एकता व भाईचारे का माहौल बनाते हुए राष्ट्रीयता का जोश भरा।
उनकी प्रस्तुति जब तक सूरज चंदा चमके तब तक हिंदुस्तान रहे.... व ईश्वर मालिक हे दाता, तुम ही सबके भाग्य विधाता.....सुनने के बाद दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। कविता तिवारी के कार्यक्रम के पश्चात पार्श्व गायक व इंडियन आइडल में धूम मचाने वाले रवि त्रिपाठी ने मंच संभाला। उन्होंने बम भोले बम और ओ मेरी मां तू कितनी अच्छी है जैसे भक्ति संगीत के गीत सुनाया तो महोत्सव परवान चढ़ने लगा। अपनी टीम के साथ पहुंच रवि त्रिपाठी ने मुस्कराने की वजह तुम हो..., तेरे मस्त मस्त दो नैन....., सनम रे सनम रे....जैसे बालीवुड के गीतों को सुनाया तो युवा दर्शक नाचने गाने लगे। उन्होंने स्थानीय दर्शकों में से कई युवाओं को मंच पर अपने साथ डांस भी कराया। आधी रात के करीब मुंबई से आए लोक गायक कलाकार सुरेश शुक्ल के गीतों ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया।
उन्होंने सांस्कृतिक दल के सदस्यों के साथ निमिया के डार मइया डालेगी झुलनवा..., जैसी गोरी नीक लागे ना श्रृंगार के बिना, वैसे जिंदगी अधूरा बाटै प्यार के बिना...., खेलय मसाने मा होली दिगंबर खेलय मसाने में होली.... आदि गीत सुनाए तो दर्शक खुशी से झूम उठे। वहीं महोत्सव देखने पहुंचे दर्शक तब हंसते-हंसते लोट पोट हो गए जब मंच मुंबई से आए हास्य कलाकार सुनील पाल ने संभाला। सुनील पाल करीब एक घंटे तक मंच पर रहने के दौरान समूचा इलाका दर्शकों के ठहाकों से गूंजता रहा। उन्होंने दर्शकों से सीधे संवाद किया और उनकी हर बात को मजाक बनाकर दिखाया।
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सुनील को दर्शकों की मांग पर मंच से नीचे उतरने के बाद पुन: एक बार उनको हंसाने के लिए मंच संभालना पड़ा। महोत्सव में आखिरी कार्यक्रम लखनऊ की लोक गायिका अनीता सिंह व उनके साथियों द्वारा प्रस्तुत किया गया। अनीता ने होली खेलयं रघुबीरा अवध मा...., ओम नम: शिवाय ओम नम: शिवाय....., ओ लाल मेरी पत रखियो मेरी...आदि गीतों को सुनकर तालियां पीटने लगे। वहीं अनीता के दल के साथी कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां देकर भोर तक समां बांधे रखा। बीच बीच में क्षेत्रीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को प्रभावित किया। कलाकारों के धमाल, भक्ति संगीत व लोकगीतों के संगम में बाबा धाम में लोग रात भर कार्यक्रमों में सराबोर रहे।
महोत्सव के दौरान देश भर से कार्यक्रम प्रस्तुत करने पहुंचे कलाकारों को सम्मानित किया गया। आयोजन समिति की ओर से सभी कलाकारों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। कलाकारों ने भी एकता महोत्सव को कामयाब बताया। उनका कहना था कि वे लोग देश भर में कार्यक्रम देते हैं लेकिन जितना प्यार यहां के लोगों ने दिया वह कम जगह ही मिला करता है। कलाकारों ने बताया कि यहां के लोगों को कला व संस्कृति की समझ बहुत अधिक है। ऐसी जगह कार्यक्रम प्रस्तुत करने पर कलाकारों का भी उत्साह बढ़ता है।
राज्यसभा सदस्य व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने रामपुर खास विधानसभा क्षेत्र में शांतिपूर्ण, सकुशल व निष्पक्ष चुनाव संपन्न होने पर जनता तथा पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया है। उन्होंने जिला प्रशासन के साथ साथ राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के चुनाव के दौरान सक्रियता की भी सराहना की।
घुइसरनाथ धाम में महाशिवरात्रि की शाम 22वें राष्ट्रीय एकता महोत्सव की औपचारिक शुरुआत हुई। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि एकता महोत्सव के आयोजन से लोक संस्कृति को मजबूती मिल सकेगी। उन्होंने लोगों से कहा कि देश विदेश के कलाकारों के महोत्सव में आने से एक दूसरे की संस्कृतियों को समझने की सीख मिलती है। राजस्थान, महाराष्ट्र, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश आदि से आने वाले कलाकर अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से देश की विभिन्न संस्कृतियों का मिलन कराते हैं।
प्रमोद ने कहा कि बाबा धाम में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान सोलर प्लांट और सई नदी के किनारे रीवर फ्रंट के साथ ही एक और पुल की सौगात देकर श्रद्धालुओं का पर्यटन की सुविधा भी देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने गंगा सरोवर में दीपदान कर महोत्सव की सफलता को लेकर भगवान शंकर से प्रार्थना की। स्वागत ब्लाक अध्यक्ष अशोक सिंह व आभार प्रदर्शन भगवती प्रसाद तिवारी ने किया। संचालन लखनऊ की एंकर मिनिषा रहीं।
एकता महोत्सव के लिए प्रदेश सरकार की ओर से बजट आवंटित होता है। इसमें अफसरों के साथ क्षेत्रीय विधायक को आयोजन समिति का बतौर अध्यक्ष बनाया गया है। यहां से विधायक आराधना मिश्रा मोना हैं, लेकिन आचार संहिता लागू होने के चलते वह महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक मंच पर नहीं दिखाई दीं। हालांकि विशिष्ट दर्शक दीर्घा में मोना अपने पति अंबिका मिश्र, बेटी नंदजा व बेटे राघव के साथ कई घंटे बैठ कर कलाकारों का हौसला बढ़ाती रहीं।
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उनकी प्रस्तुति जब तक सूरज चंदा चमके तब तक हिंदुस्तान रहे.... व ईश्वर मालिक हे दाता, तुम ही सबके भाग्य विधाता.....सुनने के बाद दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। कविता तिवारी के कार्यक्रम के पश्चात पार्श्व गायक व इंडियन आइडल में धूम मचाने वाले रवि त्रिपाठी ने मंच संभाला। उन्होंने बम भोले बम और ओ मेरी मां तू कितनी अच्छी है जैसे भक्ति संगीत के गीत सुनाया तो महोत्सव परवान चढ़ने लगा। अपनी टीम के साथ पहुंच रवि त्रिपाठी ने मुस्कराने की वजह तुम हो..., तेरे मस्त मस्त दो नैन....., सनम रे सनम रे....जैसे बालीवुड के गीतों को सुनाया तो युवा दर्शक नाचने गाने लगे। उन्होंने स्थानीय दर्शकों में से कई युवाओं को मंच पर अपने साथ डांस भी कराया। आधी रात के करीब मुंबई से आए लोक गायक कलाकार सुरेश शुक्ल के गीतों ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया।
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उन्होंने सांस्कृतिक दल के सदस्यों के साथ निमिया के डार मइया डालेगी झुलनवा..., जैसी गोरी नीक लागे ना श्रृंगार के बिना, वैसे जिंदगी अधूरा बाटै प्यार के बिना...., खेलय मसाने मा होली दिगंबर खेलय मसाने में होली.... आदि गीत सुनाए तो दर्शक खुशी से झूम उठे। वहीं महोत्सव देखने पहुंचे दर्शक तब हंसते-हंसते लोट पोट हो गए जब मंच मुंबई से आए हास्य कलाकार सुनील पाल ने संभाला। सुनील पाल करीब एक घंटे तक मंच पर रहने के दौरान समूचा इलाका दर्शकों के ठहाकों से गूंजता रहा। उन्होंने दर्शकों से सीधे संवाद किया और उनकी हर बात को मजाक बनाकर दिखाया।
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सुनील को दर्शकों की मांग पर मंच से नीचे उतरने के बाद पुन: एक बार उनको हंसाने के लिए मंच संभालना पड़ा। महोत्सव में आखिरी कार्यक्रम लखनऊ की लोक गायिका अनीता सिंह व उनके साथियों द्वारा प्रस्तुत किया गया। अनीता ने होली खेलयं रघुबीरा अवध मा...., ओम नम: शिवाय ओम नम: शिवाय....., ओ लाल मेरी पत रखियो मेरी...आदि गीतों को सुनकर तालियां पीटने लगे। वहीं अनीता के दल के साथी कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां देकर भोर तक समां बांधे रखा। बीच बीच में क्षेत्रीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को प्रभावित किया। कलाकारों के धमाल, भक्ति संगीत व लोकगीतों के संगम में बाबा धाम में लोग रात भर कार्यक्रमों में सराबोर रहे।
महोत्सव के दौरान देश भर से कार्यक्रम प्रस्तुत करने पहुंचे कलाकारों को सम्मानित किया गया। आयोजन समिति की ओर से सभी कलाकारों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। कलाकारों ने भी एकता महोत्सव को कामयाब बताया। उनका कहना था कि वे लोग देश भर में कार्यक्रम देते हैं लेकिन जितना प्यार यहां के लोगों ने दिया वह कम जगह ही मिला करता है। कलाकारों ने बताया कि यहां के लोगों को कला व संस्कृति की समझ बहुत अधिक है। ऐसी जगह कार्यक्रम प्रस्तुत करने पर कलाकारों का भी उत्साह बढ़ता है।
राज्यसभा सदस्य व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने रामपुर खास विधानसभा क्षेत्र में शांतिपूर्ण, सकुशल व निष्पक्ष चुनाव संपन्न होने पर जनता तथा पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया है। उन्होंने जिला प्रशासन के साथ साथ राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के चुनाव के दौरान सक्रियता की भी सराहना की।
घुइसरनाथ धाम में महाशिवरात्रि की शाम 22वें राष्ट्रीय एकता महोत्सव की औपचारिक शुरुआत हुई। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि एकता महोत्सव के आयोजन से लोक संस्कृति को मजबूती मिल सकेगी। उन्होंने लोगों से कहा कि देश विदेश के कलाकारों के महोत्सव में आने से एक दूसरे की संस्कृतियों को समझने की सीख मिलती है। राजस्थान, महाराष्ट्र, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश आदि से आने वाले कलाकर अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से देश की विभिन्न संस्कृतियों का मिलन कराते हैं।
प्रमोद ने कहा कि बाबा धाम में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान सोलर प्लांट और सई नदी के किनारे रीवर फ्रंट के साथ ही एक और पुल की सौगात देकर श्रद्धालुओं का पर्यटन की सुविधा भी देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने गंगा सरोवर में दीपदान कर महोत्सव की सफलता को लेकर भगवान शंकर से प्रार्थना की। स्वागत ब्लाक अध्यक्ष अशोक सिंह व आभार प्रदर्शन भगवती प्रसाद तिवारी ने किया। संचालन लखनऊ की एंकर मिनिषा रहीं।
एकता महोत्सव के लिए प्रदेश सरकार की ओर से बजट आवंटित होता है। इसमें अफसरों के साथ क्षेत्रीय विधायक को आयोजन समिति का बतौर अध्यक्ष बनाया गया है। यहां से विधायक आराधना मिश्रा मोना हैं, लेकिन आचार संहिता लागू होने के चलते वह महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक मंच पर नहीं दिखाई दीं। हालांकि विशिष्ट दर्शक दीर्घा में मोना अपने पति अंबिका मिश्र, बेटी नंदजा व बेटे राघव के साथ कई घंटे बैठ कर कलाकारों का हौसला बढ़ाती रहीं।