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घुइसरनाथ धाम में भक्ति व अध्यात्म की बयार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 27 Feb 2017 12:10 AM IST
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बाबा धाम में आयोजित 22वें राष्ट्रीय एकता महोत्सव की समापन बेला पर शनिवार की रात नामचीन कलाकारों के साथ साथ स्थानीय कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियां ने भोर होने तक दर्शकों को बांधे रखा। मथुरा के वंदना सिंह व लखनऊ और वाराणसी ने सांस्कृतिक दल ने सई नदी तट पर चल रहे महोत्सव में लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत में क्षेत्रीय कलाकारों ने मंच पर एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। गायक कलाकार चंद्रकांत पांडेय ने बड़ा पावन है घुइसरनाथ धाम....भक्ति गीत सुनाया, वहीं वह नामवर सिंह व शिव जागरण मंच के शुभम व अजय ने आध्यात्मिक गीत, संगीत व नृत्य ने भी दर्शकों को खूब आनंदित किया। इसके बाद रात करीब दस बजे मथुरा जिले के वृंदावन से यहां पहुंची वंदना सिंह एवं उनके सांस्कृतिक दल ने मंच संभाला तो दर्शक श्रीकृष्ण-राधा की लीलाओं का अविस्मरणीय जीवंत चित्रण देखा। वंदना के गीत छोटी-छोटी गइया छोटे-छोटे ग्वाल, छोटो सो मेरो नंद गोपाल...., मीठे-मीठे रस भरो रे राधा रानी लागे, कि महारानी लागे....., श्रीकुंवर राधिके मोर कुटिया आयो..... पर दर्शक झूमते दिखाई दिए। वंदना की दल के कलाकारों द्वारा बृज की लठमार होली का आकर्षक नजारा प्रस्तुत किया। होली खेलय रघुवीरा अवध मा.... और फाग खेलन बरसाने में आय नटवर नंद किशोर... गीत पर कलाकारों द्वारा फूलों की होली पर दर्शकों ने उत्साहवर्धन करते हुए तालियां बजाई।
वंदना सिंह की टीम में श्रीकृष्ण की भूमिका में प्रियांशू द्विवेदी व राधा की भूमिक में रोशनी के साथ साथ वृज की छोरियों की भूमिका अर्चना, गुंजन, दीपा, मणिका, नीलम आदि ने भी महोत्सव में भावनात्मक प्रस्तुतियां दी। आधी रात के बाद महोत्सव का मंच लखनऊ से आयी कलाकार पारुल नंदा व उनके सांस्कृतिक दल ने संभाला। पारुल नंदा ने शिवनाथ तेरी महिमा अपार..., लरकइयां मां संइया...जैस गीतों पर कलाकारों के मोहक नृत्य से दर्शकों को भावविभोर किया।
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आध्यात्मिक नगरी वाराणसी(काशी) के बम-बम सांस्कृतिक दल ने देशभक्ति गीतों को प्रस्तुत कर देश की एकता व अखंडता की मजबूती का संदेश दिया। इस दल के लोक नृत्य व भक्ति संगीत के कार्यक्रम को देख कर दर्शक प्रसन्न दिखाई दिए। भोर होने तक सभी सांस्कृतिक दल कलाकारों ने बाबा भोलेनाथ की नगरी में भिन्न-भिन्न कार्यक्रमों के दम पर दर्शकों को बांधे रखा। रात भर समूचा बाबा धाम गीत संगीत व अलग अलग संस्कृतियों के संगम का गवाह बना।
इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत में क्षेत्रीय कलाकारों ने मंच पर एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। गायक कलाकार चंद्रकांत पांडेय ने बड़ा पावन है घुइसरनाथ धाम....भक्ति गीत सुनाया, वहीं वह नामवर सिंह व शिव जागरण मंच के शुभम व अजय ने आध्यात्मिक गीत, संगीत व नृत्य ने भी दर्शकों को खूब आनंदित किया। इसके बाद रात करीब दस बजे मथुरा जिले के वृंदावन से यहां पहुंची वंदना सिंह एवं उनके सांस्कृतिक दल ने मंच संभाला तो दर्शक श्रीकृष्ण-राधा की लीलाओं का अविस्मरणीय जीवंत चित्रण देखा। वंदना के गीत छोटी-छोटी गइया छोटे-छोटे ग्वाल, छोटो सो मेरो नंद गोपाल...., मीठे-मीठे रस भरो रे राधा रानी लागे, कि महारानी लागे....., श्रीकुंवर राधिके मोर कुटिया आयो..... पर दर्शक झूमते दिखाई दिए। वंदना की दल के कलाकारों द्वारा बृज की लठमार होली का आकर्षक नजारा प्रस्तुत किया। होली खेलय रघुवीरा अवध मा.... और फाग खेलन बरसाने में आय नटवर नंद किशोर... गीत पर कलाकारों द्वारा फूलों की होली पर दर्शकों ने उत्साहवर्धन करते हुए तालियां बजाई।
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वंदना सिंह की टीम में श्रीकृष्ण की भूमिका में प्रियांशू द्विवेदी व राधा की भूमिक में रोशनी के साथ साथ वृज की छोरियों की भूमिका अर्चना, गुंजन, दीपा, मणिका, नीलम आदि ने भी महोत्सव में भावनात्मक प्रस्तुतियां दी। आधी रात के बाद महोत्सव का मंच लखनऊ से आयी कलाकार पारुल नंदा व उनके सांस्कृतिक दल ने संभाला। पारुल नंदा ने शिवनाथ तेरी महिमा अपार..., लरकइयां मां संइया...जैस गीतों पर कलाकारों के मोहक नृत्य से दर्शकों को भावविभोर किया।
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आध्यात्मिक नगरी वाराणसी(काशी) के बम-बम सांस्कृतिक दल ने देशभक्ति गीतों को प्रस्तुत कर देश की एकता व अखंडता की मजबूती का संदेश दिया। इस दल के लोक नृत्य व भक्ति संगीत के कार्यक्रम को देख कर दर्शक प्रसन्न दिखाई दिए। भोर होने तक सभी सांस्कृतिक दल कलाकारों ने बाबा भोलेनाथ की नगरी में भिन्न-भिन्न कार्यक्रमों के दम पर दर्शकों को बांधे रखा। रात भर समूचा बाबा धाम गीत संगीत व अलग अलग संस्कृतियों के संगम का गवाह बना।